नर्लन

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नर्लन का पास से दृष्य

नर्लन एक विनिर्माण सम्बन्धी प्रक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ पर सीधी, कोणीय या आपस-में-काटती हुई रेखाएँ बनायी जातीं हैं। यह प्रक्रिया प्रायः लेथ पर की जाती है।

नर्लिंग का औजार[संपादित करें]

अक्सर हम देखते हैं की किसी गोला जॉब पर विशेष प्रकार की सीधी लाइनें, तिरछी लाइनें, क्रॉस लाइनें या डायमंड शेप में जो डिजाइनें होती है। यह डिजाइनें जॉब को हाथ के द्वारा मजबूती से पकड़ने, खोलने व कसने हमारी मदद करती है। इन लाइनों की वजह से हाथ स्लिप नहीं होते हैं। और जॉब देखने में खूबसूरत लगते हैं। साधारणतया यह प्रक्रिया लेथ मशीन/खराद मशीन पर होती है। इस प्रक्रिया को नर्लिंग प्रक्रिया कहते हैं। इस प्रक्रिया में जो टूल काम में लिया जाता है, उसे नर्लिंग टूल कहते हैं।

यह प्रक्रिया करने के लिए जॉब को लेथ मशीन के चक ओर टेलस्टॉक के बीच में थ्रू कर लिया जाता है। मशीन की गति कम कर ली जाती है। नर्लिंग टूल को टूल पोस्ट में क्लैंप करके मशीन को चलाया जाता है। और फिर नर्लिंग टूल को जॉब के ऊपर क्रॉसलाइट को चला कर प्रेस किया जाता है और फिर एप्रोन को जरूरत के अनुसार चलाया जाता है। यह प्रक्रिया कोई कटिंग ऑपरेशन नहीं है। यह एक फार्मिंग ऑपरेशन है। मतलब नर्लिंग टूल को जॉब पर दबाकर यह प्रक्रिया की जाती है। जॉब पर अच्छी फिनिशिंग के लिए कटिंग ऑयल को कूलेन्टके रूप में प्रयोग लाया जाता है।

नर्लिंग टूल गोलाकार पहिए नुमा रोलर होता है। यह रोलर हाई स्पीड स्टील का बना होता है। जिसे हार्ड एवं टैंपर किया जाता है। इसके डायमीटर पर दांते बने होते हैं। दांते अलग-अलग आकार व अलग-अलग प्रकार के होते हैं। नर्लिंग टूल को टूल होल्डर में कुछ इस तरह से पकड़ा जाता है कि वह आसानी से फ्री घूम सकें। टूल होल्डर की शैंक चौकोर होती है जो हार्ड स्टील की बनी होती है। शैंक को टूल पोस्ट में आसानी से क्लेम किया जा सकता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]