नरसिंह प्रसाद भादुड़ी

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नरसिंह प्रसाद भादुड़ी
Nrisingha Prasad Bhaduri - Kolkata 2015-06-22 2913.JPG
नरसिंह प्रसाद भादुड़ी
जन्म 23 नवम्बर 1950 (1950-11-23) (आयु 68)
गोपालपुर, पबना, पश्चिम बंगाल
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय प्रोफेसर (सेवानिवृत्त), लेखक
प्रसिद्धि कारण भारतीय महाकाव्य के विद्वान (विशेष रूप से महाभारत) और पुराण)

नरसिंह प्रसाद भादुड़ी (बांग्ला: নৃসিংহপ্রসাদ ভাদুড়ী Nr̥sinha Prasād Bhāduṛi; जन्म २३ नवंबर १९५०) एक भारतविद्या और भारतीय महाकाव्य और पुराण के विशेषज्ञ हैं।[1][2] वह एक लेखक भी हैं। २०१२ से वह महाभारत और रामायण जैसे भारतीय महाकाव्यों पर एक बड़े पैमाने पर विश्वकोश परियोजना की देखरेख कर रहे हैं। उपक्रम की कठिनाई और जटिलता के कारण, इस परियोजना को अवधारणा देने के लिए भादुड़ी ने एक दशक का समय लिया।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

नरसिंह प्रसाद भादुड़ी का जन्म २३ नवंबर १९५० को पबना (अब बांग्लादेश में है) गोपालपुर गांव में हुआ था। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से संस्कृत भाषा में कला की डिग्री की उपाधि प्राप्त की। वह कोलकाता के गुरुदास कॉलेज में संस्कृत के पाठक रहे। साथ ही वह ३० नवंबर २०१० को अपने काम से सेवानिवृत्त हुए।[3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Epic-pedia on a grand scale". The Times of India. 7 August 2012. अभिगमन तिथि 16 December 2012. "The encyclopedia will challenge claims of certain Indian scholars, who under Western influences have often tried to "sanitise" the character of Krishna. In Bankim Chandra Chattopadhyay's Krishnacharitra, for instance, Krishna is supposed to not have even a single consort."
  2. "Love in the time of epics". India Today. 24 November 2011. अभिगमन तिथि 16 December 2012.
  3. Kartik Chandra Dutt (1999). Who's who of Indian Writers: 1999 : In 2 Vol. Vol. 1 A-M. Sahitya Akademi. पृ॰ 131. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-260-0873-5. अभिगमन तिथि 17 December 2012.