नन्दराम

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नंदराम (लग. सं. 1894 - सं. 1944) हिन्दी कवि थे।

नन्दराम जीवनकाल के विषय में निश्चित रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता। वे सालेहनगर ग्राम (लखनऊ) के निवासी कान्यकुब्ज ब्राह्मण थे। इन्हें "शिवसिंहसरोज" में उल्लिखित नंदराम से भिन्न माना जाता है। इनका सर्वप्रसिद्ध रसग्रंथ "शृंगारदर्पण" है जो पद्माकरकृत "जगद्विनोद" की पद्धति पर लिखा गया है। यह ग्रंथ भारतजीवन यंत्रालय से प्रकाशित हुआ था। इसमें दोहा, सवैया, घनाक्षरी और कभी-कभी छप्पय आदि छंदों का प्रयोग किया गया है।

भाव और भाषा दोनों की सहज, स्वाभाविक और सुकुमार अभिव्यक्ति ही कवि के काव्य की बड़ी विशेषता है, यद्यपि रीतिकाव्य में पाई जानेवाली अलंकारिकता, चमत्कार और कलात्मक आग्रह के प्रति मोह भी उसमें कम नहीं है। कवि ने प्राय: मधुर और निर्दोष भाषा का प्रयोग किया है।