नदेसर मस्जिद

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नदेसर मस्जिद : ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राचीन व धार्मिक नगरी काशी में कई मस्जिदें ऐसी हैं जिनकी चर्चा हर खास-ओ-आम की जुबान पर रहती है। इनमें नदेसर जामा मस्जिद भी प्रमुख है। इसकी ऊंची मीनार आकर्षण का केंद्र है। इस इलाके से गुजरने वाले प्रत्येक शख्स की निगाह खुद-ब-खुद मस्जिद की ओर उठ जाती है। यह मस्जिद दर्शनीय है। मस्जिद का मीनार 90 फुट ऊंचा और खूबसूरत है। मीनार के ऊपरी गुम्बद की डिजाइन सऊदी अरब की एक मस्जिद से ली गई है। इसमें बड़ी संख्या में नमाजी एक साथ नमाज़ अदा कर सकते हैं। अलविदा, ईद व बकरीद की नमाज में यह छोटी पड़ जाती है और स्थान भर जाने के बाद बाहर सड़क पर नमाज अदा की जाती है। यहां 15 वें रमज़ान में खत्म तरावीह होगी। मस्जिद में 100 से अधिक सीलिंग फैन लगे हैं। 80 से 95 नमाज़ी एक साथ वजू बना सकते हैं। नमाजियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाता है। मस्जिद में बिजली चले जाने पर जेनरेटर की भी व्यवस्था है। पंचवक्ता, जुमा, ईद व बकरीद की नमाज की इमामत करने वाले हजरत मौलाना मजहरुल हक ने मंगलवार को बताया कि हजरत मौलाना तसल्ली हुसैन (रह.) ने इस मस्जिद का नवनिर्माण कराया। उनकी मेहनत और कोशिशों से आज यह मस्जिद कुछ आलीशान मस्जिदों में शुमार है। इस मस्जिद की व्यवस्था की जिम्मेदारी यहां के नमाजी बखूबी निभाते हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]