नंगलव
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| राजा राम तृतीय | |
बैंकॉक के ग्रांड पैलेस में चित्र | |
| स्याम के राजा | |
| शासनावधि | 21 जुलाई 1824 – 2 अप्रैल 1851 |
| राजतिलक | 1 अगस्त 1824 |
| पूर्ववर्ती | बुद्ध लोएत्ल नभलै (राम द्वितीय) |
| उत्तरवर्ती | मोंग्कुट (राम चतुर्थ) |
| वायसराय | सकडीफोनलासेप (1824–1832) |
| जन्म | थाप (चेत्सादाबोडिन) 31 मार्च 1788 बैंकॉक, स्याम |
| निधन | 2 अप्रैल 1851 (उम्र 63 वर्ष) बैंकॉक, स्याम |
| जीवनसंगी | विभिन्न सहचारी |
| संतान | 51 पुत्र और पुत्रियाँ |
| घराना | चक्री राजवंश |
| पिता | बुद्ध लोएत्ल नभलै (राम द्वितीय) |
| माता | श्री सुललाई |
| धर्म | थेरवाद बौद्ध |
| मोहर | |
नंगलव[a] (जन्म थाप[b]; 31 मार्च 1788 – 2 अप्रैल 1851) स्याम (वतमान थाइलैण्ड) में चक्री राजवंश के तीसरे राजा थे। उनका कार्यकाल 21 जुलाई 1824 से 2 अप्रैल 1851 तक रहा। उन्हें राजकीय नाम राम तृतीय के नाम से भी जाना जाता है।
नंगलव राम द्वितीय के जीवित पुत्रों में सबसे बड़े थे। उनकी माँ श्री सुलालाई राम द्वीतीय की अन्य पत्नियों में से एक थीं। नंगलव को उनके पिता ने ही अपना उत्तराधिकारी चुना था। उनका राज्याभिषेक निर्विरोध था और सभी को स्वीकृत था। हालांकि कुछ विदेशी प्रेक्षक दावा करते हैं कि उनके सौतेले भाई और रानी श्री सुरियेन्द्रा के पुत्र राजकुमार मोंग्कुट इस पद के वैध अधिकारी थे।[1] थाई राजाओं की पुरानी अवधारणा के अनुसार उचित राजा महासम्मत की स्थापित परम्परा का अनुशरण करते थे और इसके अनुसार राजा का चुनाव जनता द्वारा किया जाता था।[2]
विडंबना यह है कि बाद में मोंग्कुट ने इस गलत धारणा को बढ़ावा दिया होगा। यह उस समय सम्भव हुआ होगा जब उन्हें विदेशी प्रेक्षकों द्वारा राज्य हड़पने का डर रहा होगा।[3]
टिप्पणी
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ J. B. Terwiel (2005). Thailand's Political History: From the Fall of Ayutthaya in 1767 to Recent Times. River Books. pp. 107–108.
- ↑ Dhani Nivat, Kromamun Bidyalabh Bluitiyakara [in थाई] (1947). "The Old Siamese conception of the Monarchy" (PDF). जरनल ऑफ़ द स्याम सोसाइटी. JSS Vol.36.2b (digital). स्यामी हेरिटेज ट्रस्ट: 94. अभिगमन तिथि: मार्च 7, 2013.
The Thammasat describes its ideal of a monarch as a King of Righteousness, elected by the people (the Maha Sammata).
- ↑ Bradley, William Lee (1969). "The Accession of King Mongkut (Notes)" (PDF free). जरनल ऑफ़ द स्याम सोसाइटी. JSS Vol. 57.1f (digital). Siam Heritage Trust: 160. अभिगमन तिथि: March 17, 2013.
[Vella] holds this to be 'the view of many western writers' and it dates from the reign of King Mongkut, owing largely to their mistaken belief that because he was the son of a minor wife, Prince Chesda was illegitimate. The indication is that the western writers adopted this view from Mongkut himself, as the subsequent story will show.
नंगलव (राम तृतीय) जन्म: 31 मार्च 1788 मृत्यु: 2 अप्रैल 1851 | ||
| राजसी उपाधियाँ | ||
|---|---|---|
| पूर्वाधिकारी बुद्ध लोएत्ल नभलै |
रतनकोसिन के राजा 21 जुलाई 1824 – 2 अप्रैल 1851 |
उत्तराधिकारी मोंग्कुट |
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