धोबी

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कपड़े इस्त्री करते हुये धोबी व्यक्ति

धोबी भारत में पाये जाने वाले जाति समूह हैं जिनका मुख्य कार्य कपड़े धोने, रंगने, इस्त्री करने से संबंधित माना जाता है। इन्हें भारत के अलग-अलग राज्यों में नाम से जाने जाते हैं - [साफी],कन्नौजिया, बाईठा, मादीवाला, अगसार, पारित, [राजक], चकली, राजाकुला, वेलुत्दार, एकली, सेठी, मरेठिए,दिवाकर या, पणिक्कर आदि अन्य कई नामों से जाना जाता है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] मुसलमान हो गए धोबी को मुसलमानी धोबी के नाम से जाना जाता है। हालाँकि इनका मुख्य व्यवसाय कपड़े धोना है लेकिन कई धोबी खेती किया करते हैं। धोबी की व्युत्पत्ति धावन या धोने से मानी जाती है। हिन्दू धोबी अछूत माने जाते थे और अनुसूचित जाति में उन्हें सम्मिलित किया गया है।लेकिन धोबी को शुभ और भाग्यशाली माना जाता है किसी भी कार्य के करने से पहले इनके दर्शन मात्र से कार्य पूर्ण होने की आशा जताई जाती है। तथा मुस्लिम धोबी भंगी से ऊँचे के स्तर के स्तर के और नाई के बराबर स्वच्छ जाति माने जाते थे। २०११ की भारतीय जनगणना आँकड़ों के अनुसार धोबी जाति की कुल जनसंख्या ८,२२,००,००० होने का अनुमान है।[1][बेहतर स्रोत वांछित]

कन्नौजिया[संपादित करें]

अछूत या राजपूत कन्नौज के राजपूत जो चौधरी भी कहलाते थे, मुग़ल साम्राज्य में इन्होंने अपने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए खुद को सबसे निचले स्तर पर ढाल लिया, ये धोबी बन कर पुरे भारत में बिखर गये।

ये कन्नौजिया, धोबी, बरेठा, रजक, भारती जैसे कई उपनामों के प्रयोग करते हैं

  1. Tamil Nadu Date Highlights: The Scheduled Castes Census of India 2001 (pdf)