द मेयर ऑफ़ कैस्टर्ब्रिड्ज

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परिचय[संपादित करें]

थामस हार्डी की रचाना द मेयर आफ़ कैस्टर्ब्रिदड्ज प्रथम में 'ग्राफ़िक' नामक समाचार पत्र में तथा 'हार्पर्स वीक्ली' में जनवरी १८८६ में प्रकाशित की गई थी। इसके अगले वर्ष के मई में यह कुछ परिवर्तन के पश्चात एक सम्पूर्ण उपन्यास के रूप में प्रकाशित हुआ। इसे भागों में प्रकाशित करने के लिए कोई प्रकाशक मिल पाना बहुत मुश्किल था। कहानी कैस्टर्ब्रिड्ज नामक प्रदेश में स्थित है। असल में कैस्टर्ब्रिड्ज डॉर्चेस्टर नामक प्रान्त का चित्रांकन है। इन दोनो प्रान्तों में कई जगहों पर एकता दिखाई गई है। थामस हार्डी ने कहानी में कई बार अप्ने वक्त के समाज के बारे में न सिर्फ़ बताया है, बल्कि उस स्माज कि कुरीतियों को भी दर्शाया है। हार्डी अंग्रेज़ी साहित्य में विक्टोरियन काल के लेखक है। विक्टोरियन समाज में जहाँ एक तरफ़ नैतिक मूल्यों को अत्याधिक महत्व दिया जाता था, वहीं दूसरी तरफ़ भ्रष्टाचार का भी बहुत प्रचलन था।

कथानक[संपादित करें]

कहानी की शुरुवात में मुख्य पात्र हेन्चर्ड शराब के नशे में अपनी पत्नी सूज़न को मेले में बेच देता है। उस्कि पत्नी और बेटी को न्यूसन नामक नौसैनिक को (जिसने सबसे ऊँची बोलि लगाई होती है) बेच देता है। अग्ले दिन जब उसे अपनी गलती का एहसास होत है, तो वह जीवन में कभी शराब को हाथ न लगाने की कसम खाता है। अठारा वर्षों के बाद ह्में हेन्चर्ड एक स्फ़ल सौदागर के रूप में दिखाई देता है। उसका गुस्सा और आक्रोश अब भी उस्के चरित्र का हिस्सा है। एन सारे वर्षों में हेन्चर्ड का अतीत एक राज़ ही रह गया था। लोग हेन्चर्ड को विधुर समझ्ते थे, जबकि उसने कभी किसीको यह नहीं कहा था कि उसकी पहली पत्नी की मृत्यू हो चुकी है। इन अठार वर्षों में हेन्चर्ड को यह मान लेना हि बेहतर लगा कि सूज़न और उसकी पुत्री एलिज़बेत की मृत्यू हो चुकी है। इसी दौरान जब वह अप्ने व्यवसाय के लिये जर्सी जाता था, उसे लूसेटा नामक लडकी से प्रेम हो जाता है। जब हेन्चर्ड और लूसेटा शादी कर्ने कि सोच्ते हैं, तभी सूज़न और एलिज़बेत अठारा वर्षों के बाद उसे ढूँढते हुए आ पहुँचते हैं। साथ ही यहाँ पर डॉनल्ड फ़ार्फ़्रे क भी प्रवेश होत है। इसके बाद हेन्चर्ड की ज़िन्दगी पूण्तः बदल जाती है। हेन्चर्ड और फ़ार्फ़्रे की मित्रत पेहले-पेहले घनिष्ट होती जाति है, मगर जल्द हि दोनो की मित्रता शत्रुता में परिवर्तित हो जाती है। यहीन पर हेन्चर्ड अपने क्रोध और आक्रोश के कारण अपना सब कुछ खोने लगता है। वह अपनी शत्रुता के कारण एलिज़बेत और फ़ार्फ़े के रिश्ते को तोड देता है। पर जैसे ही उसे सूज़न के मृत्यू के पश्चात यह पता चलता है कि सूज़न उसकी नहीं न्यूसन की पुत्री है और उसकी अस्ली पुत्री का उसी वक्त देहाँत हो गया था, तो वह उससे पीछा छुडाने के लिए फिर फ़ार्फ़्रे को पत्र लिख्रक्रर एलिज़बेत को फिर से अपनाने को केहता है। इसी दौरान लूसेटा की भी ज़िन्दगी पूर्ण्तः बदल जाति है और वह भी कैस्टर्ब्रिड्ज में नया घर खरीद लेती है। अब लूसेटा बहुत ही अमीर हो गई है और हेन्चर्ड से विवाह करना चाहती है। सुज़न के वापिस आ जाने के वजह से हेन्चर्ड लूसेटा को ठुक्रा देता है, परन्तु सुज़न भी हेन्चर्ड से विवाह करने के पश्चात ज़्यादा दिन जीवित नहीं रहती। उसके मृत्यू के पश्चात हेन्चर्ड वपिस लूसेटा के पास जाता है, तब तक लूसेटा को फ़ार्फ़े से प्रेम हो चुका था। जहाँ हेन्चर्ड एक तरफ़ अपना सब कुछ गवाँ रहा था, वहीं फ़ार्फ़्रे सफलता कि उडान भर रहा था। इस प्रकार हेन्चर्ड अप्न सब कौछ खो देता है और कहानी के अन्त में अकेला ही रह जाता है। वह एक-एक कर अपने सबसे करीबी व्यक्तियों को खोने के डर में व्याकुल होकर उन सबको खुद से दूर कर देता है। इस प्रकार वह पेहले तो अपने अच्छे वक्त में अप्ने अहंकार के कारण और बुरे वक्त में अपने डर के वजह से अकेल हि रह जाता है। यहाँ तक कि उसके मृत्यु के समय भी उसके पास कोई अपना नहीं होता।

चरित्र[संपादित करें]

माइकल हेन्चर्ड[संपादित करें]

हेन्चर्ड शारीरिक तौर पर बलवान है। यद्यपि वह ज़्यादा शिक्षित नहीं है, तथापि वह पढ सकता है। इसके चरित्र कि खासियत है इसका अहंकार, आवेश, जल्द-बाज़ी और अति व्यवहार है, जो इसको इसके अन्त कि ओर ले जाने में परमुख है।

डॉनल्ड फ़ार्फ़्रे[संपादित करें]

फ़ार्फ़्रे असल में स्कॉट्लैंड से है और हेन्चर्ड के बाद यही मेयर बनता है। यह हर तौर से हेन्चर्ड का विपरीथ है। शारीरिक अवस्था से लेकर शिक्षा तक हेन्चर्ड और फ़ार्फ़्रे में कोई समानता नहीं है। उसका दृश्टिकोण बहुत वैज्ञानिक है। हेन्चर्ड को उसकी हर बात बहुत अच्छी लगती है और इसी वजह से उन दोनो की दोस्ती इतनी गहरी होती है और बाद में इसी वजह से उनकी मित्रता शत्रुता में बदल जाती है।

सूज़न हेन्चर्ड (न्यूसन)[संपादित करें]

अत्याधिक भोली होने की वजह से सूज़न को पहले बहुत कष्ट उठाना पड़ा था, मगर कहानी के दूसरे भाग में हम सुज़न को बिल्कुल अलग व्यक्ति के रूप में देखते है।