द ग्रेट ईस्टर्न होटेल कोलकाता

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द ग्रेट ईस्टर्न होटेल कोलकाता, भारत के कोलकाता (पश्चिम बंगाल) मे स्थित एक हेरिटेज होटेल हैं। यह कोलोनियल समय मे स्थापित किया गया था एवं उस समय के एक महत्वपूर्ण होटलों में से एक होटेल था। इस होटेल की स्थापना 1840 या 1841 मे की गयी थी जब कोलकाता ईस्ट इंडिया का एक महत्वपूर्ण केन्द्र हुआ करता था।[1] अपने प्रसिद्धि के दिनों मे यह "पूर्व के गहने" के रूप मे जाना जाता था। यह होटेल इतिहास के कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के आगमन का भी साक्षी रहा है। भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी इस होटेल ने अपना परिचालन जारी रखा। लेकिन जब बंगाल मे नक्सल युग था तब इसकी स्थिति में थोड़ी गिरावट आई थी। बाद मे राज्य सरकार ने इसकी प्रबंधन व्यवस्था अपने हाथों मे ले लिया था।[2] 2005 मे इससे एक निजी कंपनी के हाथों के बेच दिया गया था एवं नवंबर 2015 मे इसको विस्तृत मरम्मत के बाद खोल दिया गया था।

इतिहास[संपादित करें]

भारत मे आअधुनिक होटेल की शुरआत अँग्रेज़ों के द्वारा की गयी थी। भारत का सबसे पुराना होटेल "जॉन स्पेन्सर" होटेल था। यह एशिया की भी सबसे पहली होटेल थी इसे आम लोगों के लिए 1830 मे खोला गया था। द ग्रेट ईस्टर्न होटेल कलकत्ता की स्थापना 1840-41 मे डेविड विलसन के द्वारा ऑकलॅंड होटेल के नाम से की गयी थी। जो ईस्ट अर्ल ऑफ ऑकलॅंड जॉर्ज ईडन के नाम पर रखा गया था। यह महान व्यक्ति उस समय भारत के गवर्नर जनरल हुआ करते थे। इस होटेल के खुलने से पहले डेविड विलसन इसी स्थान पर अपनी बेकरी चलाया करते थे। इस होटेल की स्थापना 100 कमरों एवं 1 डिपार्ट्मेनल स्टोर (जो भूमितल पर स्थित था) के साथ की गयी थी। 1860 मे इस होटल का विस्तार किया गया एवं इस होटेल का नाम द विलसन से हटाकर ग्रेट ईस्टर्न होटेल वाइन एवं जनरल पूर्रे कर दिया गया। 1883 मे इस होटेल का विद्युतीकरण कर दिया गया एवं ऐसा करने वाला यह भारत का प्रथम होटेल था। 1859 मे इस होटेल ने पहली बार अपने बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर्स मे भारतीयों को भी शामिल करना शुरू किया था।1915 मे इस होटेल को ग्रेट ईस्टर्न होटेल के नाम से बोलना शुरू किया गया था।[3]

अपने प्रसिद्धि के दिनों मे इस होटेल को कई नामो से पुकारा जाता थे जिसमे "ज्वेल ऑफ ईस्ट" एवं "सेवाय ऑफ ईस्ट" प्रमुख थे। रुडयार्ड किपलिंग ने इस होटेल का जिक्र अपनी लघुकथा सिटी ऑफ ड्रेडफुल नाइट्स मे किया है। यह होटेल अपने जवानी के दिनों मे (1883 ) काफ़ी विशाल था एवं इसके बारे मे एक कहावत प्रचलित थी की “यदि कोई इसमें एक तरफ से प्रवेश करता है तो वो एक सम्पूर्ण पोशाक खरीदकर, शादी का उपहार खरीद कर, पौधों के बीज मोल लेकर, फिर स्वादिस्ट भोजन का आनंद ले सकता हैं।

इसके बाद वो एक बड़ा पैग लगाकर अगर बारमेड हामी भर दे तो उसके साथ सगाई या शादी कर दूसरे तरफ से निकल सकता है। इस होटेल मे इतिहास के कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने अपना समय गुज़रा हैं जिसमे प्रमुख हैं निकिता खुसचेव एवं निकोलाइ बुलगणीन, एलिज़ाबेथ द्वितीय, मार्क ट्वेन, दावे ब्रुबुक्क [6]एवं संभवता हो ची मिन भी हो। 1905 मे अपने पुनरुद्धार से पहले यह सबसे लंबे समय तक संचालित होने वाला होटेल था।

पुनरुद्धार[संपादित करें]

यह होटेल पुनरुद्धार के कारण काफ़ी लंबे समय तक बंद रहा एवं 19 नवेंबर 2013 को यह आंशिक रूप से ललित ग्रेट ईस्टर्न होटेल के नाम से खोला गया था।[4] इस होटेल को एक ऐतिहासिक इमारत का दर्जा प्राप्त है। इसलिए इसके रेनवेशन मे इसकी मूल सारांचना को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण काम था। जिसमे इसके अग्रभाग एवं सीडियां भी शामिल है। इस होटेल को 3 विभागों मे बाटा गया है जो निमनलिखित है, हेरिटेज 1, हेरिटेज 2 एवं न्यू ब्लॉक है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "होटल का एक इतिहास". फ्रंटलाइन.इन. अभिगमन तिथि १३ अगस्त २००५.
  2. "एक युग का अंत: ग्रेट ईस्टर्न का दूसरों हाथों में परिवर्तन". डीनऐइंडिया.कॉम. अभिगमन तिथि २० नवंबर २००५.
  3. "ललित ग्रेट ईस्टर्न कोलकाता, कोलकाता". क्लिरट्रिप.कॉम. अभिगमन तिथि ३१ दिसमबर २०१५. |accessdate= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  4. "ग्रेट ईस्टर्न होटल फिर से शुरू करने के लिए तैयार". दहिन्दू.कॉम. अभिगमन तिथि २० नवंबर २०१२.