द्वयोष्ठ्य नासिक्य
दिखावट
| द्व्योष्ठ्य नासिक्य | |
|---|---|
| m | |
| अ॰ध॰व॰ संख्या | 114 |
| कूटलेखन | |
| इकाई (दशमलव) |
m |
| युनिकोड (हेक्स) | U+006D |
| ऍक्स-साम्पा |
m |
| कर्शनबाउम |
m |
| ध्वनि | |
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सघोष उभयोष्ठ्य नासिक्य (Voiced bilabial nasal) एक प्रकार की व्यंजन ध्वनि है, जो लगभग 96% बोली जाने वाली भाषाओं में पाई गई है। हिन्दी में इसे सघोष द्वि-ओष्ठ्य नासिक्य भी कहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला (IPA) में इस ध्वनि को दर्शाने वाला प्रतीक ⟨m⟩ है। भारतीय भाषाओं में म ध्वनि ओष्ठ्य नासिक्य है। बहुत कम भाषाएँ (जैसे कि वायनडॉट/Wyandot) हैं जिनमें यह ध्वनि नहीं होती। कुछ भाषाओं, जैसे कि क्विल्यूट (Quileute), मकाह (Makah) और मध्य रोटोकास (Central Rotokas) में स्वतंत्र अनुनासिक ध्वनियों (nasal phonemes) का पूर्णतः अभाव देखा गया है।