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द्रव्य उपयोग विकार

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द्रव्य उपयोग विकार (SUD)
व्यसनी मस्तिष्क का तंत्र
व्यसनी मस्तिष्क का तंत्र: नशीले पदार्थ VTA से न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस तक डोपामाइन स्रावित करते हैं, जिससे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
नैदानिक जानकारी
प्रकारमानसिक विकार, रोग
विशेषज्ञतामनोरोग विज्ञान, व्यसन चिकित्सा, मनोविज्ञान
प्रमुख लक्षणसहिष्णुता, विथड्रॉल, तीव्र लालसा, शारीरिक व मानसिक निर्भरता
जोखिम कारकआनुवंशिकी, मानसिक आघात, अन्य मानसिक बीमारियाँ
उपचारमनोचिकित्सा, पुनर्वास, दवाएँ
चिकित्सा वर्गीकरण
ICD-116C40–6C4Z
ICD-10F10-F19
MeSHD019966
सांख्यिकी
प्रभावित व्यक्ति~3.5 करोड़ (वैश्विक स्तर पर)
भारत की स्थिति~16 करोड़ शराब उपभोक्ता (AIIMS डेटा)
वैज्ञानिक पहचान
विकिडाटाQ7632070

द्रव्य उपयोग विकार (Substance Use Disorder - SUD) एक जटिल मस्तिष्क विकार है जिसमें व्यक्ति नशीले पदार्थों का सेवन अनियंत्रित रूप से जारी रखता है, भले ही इसके गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य परिणाम हों। यह केवल एक व्यवहारिक समस्या नहीं है, बल्कि मस्तिष्क की एक संरचनात्मक चिकित्सा स्थिति है जो निर्णय लेने और आत्म-नियंत्रण की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करती है।[1]

मस्तिष्क पर प्रभाव और लक्षण

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यह विकार मस्तिष्क के 'रिवॉर्ड सिस्टम' को स्थायी रूप से बदल देता है। वेंट्रल टेगमेंटल एरिया (VTA) से डोपामाइन का तीव्र स्राव पदार्थ के प्रति 'क्रेविंग' (तीव्र लालसा) पैदा करता है। लंबे समय तक नशे के सेवन से मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की कार्यक्षमता घट जाती है और शरीर में 'सहनशीलता' विकसित होने लगती है। इसका नतीजा यह होता है कि उसी नशे का समान प्रभाव पाने के लिए व्यक्ति को पहले से अधिक मात्रा की आवश्यकता होने लगती है। यदि व्यक्ति अचानक सेवन रोक दे, तो उसे बेहद कष्टदायक 'निकासी लक्षण' का सामना करना पड़ता है।[2] अनुसंधान यह भी बताते हैं कि उत्तेजक पदार्थों का उपयोग करने वाले युवा वयस्कों में जोखिम लेने और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है।[3]

निदान और भारत की स्थिति

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किसी व्यक्ति को यह विकार है या नहीं, इसका निदान करने के लिए 'DSM-5' के 11 पैमानों का उपयोग किया जाता है।[4] यदि 12 महीने के भीतर 2 से 3 लक्षण मिलते हैं तो इसे 'हल्का' विकार माना जाता है। 4 से 5 लक्षणों पर यह 'मध्यम' और 6 या उससे अधिक लक्षणों के दिखने पर इसे 'गंभीर' श्रेणी में रखा जाता है।

अगर हम भारत की बात करें, तो एम्स की राष्ट्रीय रिपोर्ट दर्शाती है कि यहाँ शराब के बाद सबसे ज़्यादा ओपियोइड और कैनबिस का उपयोग किया जाता है। चिंता की बात यह है कि विशेष रूप से युवाओं और किशोरों के बीच यह समस्या बहुत तेज़ी से बढ़ी है।[5] महामारी विज्ञान के हालिया शोध भी वैश्विक स्तर पर इसके बढ़ते चिकित्सीय परिणामों की पुष्टि करते हैं।[6]

उपचार और पुनर्वास

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इस विकार से बाहर निकलने के लिए 'औषधि-सहायता प्राप्त उपचार' का सहारा लिया जाता है। इसमें ब्यूप्रेनोरफिन और नाल्ट्रैक्सोन जैसी दवाओं का उपयोग किया जाता है जो नशे की लत को कम करती हैं। इसके साथ ही, 'संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी' (CBT) मरीज के मानसिक सुधार और समाज में पुनर्वास के लिए बहुत मददगार साबित होती है।

इसके अलावा, दुनिया भर में 'नुकसान न्यूनीकरण' की नीति भी अपनाई जा रही है। इसके तहत ओवरडोज़ से होने वाली अचानक मौतों को रोकने के लिए 'नैलोक्सोन' जैसी जीवन रक्षक दवाओं का वितरण किया जाता है।[7]

सन्दर्भ

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  1. ↑ Thair, T. (2020). "Substance Use Disorder". In AAVV (ed.). Ferri's Clinical Advisor. Philadelphia: Elsevier. pp. 1321–1322. ISBN 978-0-323-67254-2.
  2. ↑ Volkow, Nora D.; Koob, George F.; McLellan, A. Thomas (2016-01-28). "Neurobiologic Advances from the Brain Disease Model of Addiction". The New England Journal of Medicine. 374 (4): 363–371. डीओआई:10.1056/NEJMra1511480. आईएसएसएन 1533-4406. पीएमसी 6135257. पीएमआईडी 26816013.
  3. ↑ Leland, David S.; Paulus, Martin P. (2005-04-04). "Increased risk-taking decision-making but not altered response to punishment in stimulant-using young adults". Drug and Alcohol Dependence. 78 (1): 83–90. डीओआई:10.1016/j.drugalcdep.2004.10.001. आईएसएसएन 0376-8716. पीएमआईडी 15769561.
  4. ↑ American Psychiatric Association; American Psychiatric Association, eds. (2013). Diagnostic and statistical manual of mental disorders: DSM-5 (5 ed.). Washington, D.C: American Psychiatric Association. ISBN 978-0-89042-554-1.
  5. ↑ (2019) भारत में मादक द्रव्य उपयोग की व्यापकता। नई दिल्ली: राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र (NDDTC), एम्स (AIIMS)। (रिपोर्ट)।
  6. ↑ Fuster, Daniel; Zuluaga, Paola; Muga, Robert (2024-05-17). "Substance use disorder: Epidemiology, medical consequences and treatment". Medicina Clinica. 162 (9): 431–438. डीओआई:10.1016/j.medcli.2023.11.016. आईएसएसएन 1578-8989. पीएमआईडी 38218656.
  7. ↑ Koob, George F.; Volkow, Nora D. "Neurobiology of addiction: a neurocircuitry analysis". The Lancet. Psychiatry. 3 (8): 760–773. डीओआई:10.1016/S2215-0366(16)00104-8. आईएसएसएन 2215-0374. पीएमसी 6135092. पीएमआईडी 27475769.