दैत्यराज

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दैत्यराज एक प्रसिद्ध दानव का नाम है। जो महर्षि कश्यप का दनु के गर्भ से उत्पन्न पुत्र था। दैत्यराज का विवाह सुदीक्षणा नाम की एक असुर कन्या से हुआ था। जिससे उसका दुर्जय नाम का पुत्र उत्पन्न हुआ था।

जन्म[संपादित करें]

दैत्यराज दनु के गर्भ से महर्षि कश्यप के पुत्र के रूप में उत्पन्न हुआ था। हयग्रीव , शुम्भ ,निशुम्भ , नमुचि , रंभ , करंभ , स्वरभानु , वप्रीचिति और कालकेतु भाई था।

तपस्या[संपादित करें]

दैत्यराज ने ब्रह्मा जी की घोर तपस्या करके वर मांगा कि कोई भी गर्भ से उत्पन्न प्राणी उसे न मार सके।

मृत्यु[संपादित करें]

दैत्यराज के अत्याचार बढ़ने पर त्रिदेवियों ने अपने तेज़ से एक कन्या को जन्म दिया और उसे वैष्णो देवी का नाम दिया। वैष्णो देवी ने ही दैत्यराज का वध किया। दैत्यराज का पुत्र दुर्जय हुआ और वह भी माता वैष्णो देवी के हाथों मारा गया और दुर्जय का पुत्र भैरोनाथ हुआ और भैरोनाथ भी माता वैष्णो देवी के हाथों मारा गया।