दुर्दी बायरामोव

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दुर्दी बायरामोव
राष्ट्रीयता तुर्कमेनी
शिक्षा Shota Rustaveli Turkmen State College of Arts
ru (Surikov Art Institute )
प्रसिद्धि कारण चित्रकारी, कागज पर कलाकारी
जीवनसाथी बायरामोव

दुर्दी बायरामोव (रूसी: Дурды Байрамов, अप्रैल 14,1938 - फरवरी 14, 2014) एक शिक्षाविद् और कलाकार थे जिनको अपने देश के सर्वोच्च मानद उपाधि, “तुर्कमेनी जनता के कलाकार” से सम्मानित किया गया था। उनके तुर्कमेनी मूल निवासी भाषा में, दुर्दी बायरामोव का नाम केवल “दुर्दी बयरम” है ( बिना स्लाव शैली; "ov" का प्रत्यय सोवियत युग के दौरान नामों का रूसिकरण करने के लिए जोड़ा गया ) है। "बयरम " नाम तुर्कमेन भाषा में अर्थ “ उत्सव" है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा[संपादित करें]

बायरामोव का जन्म 14 अप्रैल, 1938 को तुर्कमेन सोवियत समाजवादी गणराज्य में, जो उस वक़्त सोवियत संघ का हिस्सा था, बएरमाली में हुआ था। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही अपने माता पिता को खो दिया और वो एक अनाथ बालक के रूप में रहते थे; बाद में उन्हें Serdar (तब का नाम Kyzyl-Arvat) में एक अनाथालय में रखा गया, जहां उनका पालन पोषण हुआ। किशोरावस्था में, बायरामोव को, दूसरा विश्वयुद्ध और युद्ध के बाद की तबाही के कारण, भुखमरी और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आगे चलकर, वे अपने असाधारण शिक्षकों के मार्गदर्शन से बहुत लाभान्वित हुए जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना और एक युवा कलाकार से एक पेशेवर चित्रकार बनने में मदद की। उनके पहले कला शिक्षक, Gennadiy Brusentsov, थे , जो एक रूसी कलाकार हैं और तुर्कमेन राज्य कला महाविद्यालय, अश्गाबात में Shota Rustaveli पढ़ाया करते थे। बायरामोव और Brusentsov में एक अटूट आजीवन दोस्ती का विकास हुआ; Brusentsov वर्षों तक बायरामोव के मार्गदर्शक रहे। Brusentsov के बनाए हुए युवा बायरामोव का एक चित्र, जिसका शीर्षक उन्होंने “युवा फुटबॉल खिलाड़ी” रखा था , वो अब मास्को [1] की Tretyakov राज्य गैलरी के संग्रह में है। बायरामोव ने 1997-1998 में अपने शिक्षक के तीन महत्वपूर्ण चित्र बनाए, जिन में सबसे प्रसिद्ध “मेरे पहले शिक्षक की तसवीर” है।[2]

दुर्दी बायरामोव के जीवन और कलात्मक आजीविका पर एक और बड़ा प्रभाव पड़ा, कला प्रशिक्षक दमित्री मोचलस्की (रूस) का, जो मास्को में प्रतिष्ठित Surikov कला संस्थान (रूस) में 1959 और 1965 के बीच बायरामोव के प्राध्यापक थे। मोचलस्की, पूर्व सोवियत संघ के, कला क्षेत्र में उच्चतम मानद उपाधि, “रूसी जनता के कलाकार” के प्राप्तकर्ता थे और व्यापक रूप से अपनी इस शैली के लिए माने जाते थे ", आवश्यक तत्त्व को उजागर करने की, जबकि अप्रासंगिक तत्त्व को बाहर रखने की क्षमता [3] |"उन्होंने यह दृष्टिकोण उनके कई छात्रों और दुर्दी बायरामोव को भी पारित किया।

आजीविका[संपादित करें]

1960s[संपादित करें]

साल 1965 में अपनी औपचारिक शिक्षा के पूरा होने पर, बायरामोव सोवियत संघ कलाकार संगठन में शामिल हो गए और एक पेशेवर कलाकार के रूप में अपना कैरियर शुरू किया। डरडी बायरामोव को सबसे पहले परिदृश्य शैली ने आकर्षित किया। उन्होंने अपने शुरुआती परिदृश्य काम (इन में से कुछ अपने छात्र वर्षों के बनाए हुए) के लिए कई आलोचकों से उच्च प्रशंसा अर्जित की। उनकी प्रसिद्ध पेंटिंग “शांतिपूर्ण भूमि” (1969) तुर्कमेनी परिदृश्य चित्रकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। [4]

साल 1966 में, बायरामोव ने अपनी प्रेमिका , Dunyagozel " Gozel " Ilyasova से विवाह किया, जो आगे चलकर उनकी सबसे ज़्यादा चित्रित विषय बनीं और उनके पूरे जीवन के काम के लिए एक प्रेरणा बनीं। बायरामोव ने उनके लिए कागज पर काम की एक पूरी श्रृंखला समर्पित की, जिसका शीर्षक Gozel है, जिस में Gozel के स्वतः के 53 चित्र और चार फूलों के चित्र शामिल हैं।

1965 से 1968 तक, बायरामोव ने अश्गाबात स्थित तुर्कमेन राज्य कला महाविद्यालय में Shota Rustaveli के एक कला शिक्षक के रूप में कार्य किया।

1970s[संपादित करें]

बायरामोव का पहला बड़ा कलात्मक सम्मान आया जब उन्हें साल 1970 में तुर्कमेन एसएसआर के लेनिन कोमसोमोल और साल 1972 में सोवियत संघ के लेनिन कोमसोमोल पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया [5]। साल 1971 में, उन्होंने एक आत्म चित्र बनाया जिसे पहले तुर्कमेन का पहला आत्म चित्र माना जाता है, एक कलाकृति जो मास्को स्थित सोवियत संघ कलाकार संगठन के संग्रह में थी।[6]

इस दशक के दौरान, बायरामोव ने तुर्कमेन चित्रकारों के बीच में, द्वितीय विश्व युद्ध को एक विषय के रूप में चित्रित करने का बीड़ा उठाया। उनकी पेंटिंग “सीमावर्ती सहायता” में, साधारण तुर्कमेनी महिलाओं द्वारा अपनी बेशकीमती संपत्ति का त्याग कर के; सैनिकों की मदद करने की गहरी देशभक्ति भावना को दर्शाया गया है।[7] इस अवधि के दौरान बायरामोव द्वारा विकसित एक अन्य विषय था “तुर्कमेनी कालीन बनाने की प्रक्रिया”। इस विषय को उनकी प्रसिद्ध पेंटिंग “तुर्कमेनी कालीन निर्माता” (1971) में देखा जा सकता है, जिस में एक कालीन कारखाने में काम करने वाली महिलाओं को दर्शाया गया है। सोवियत युग के तुर्कमेनी कला की इस कृति पहले 1971 में मास्को के राज्य ओरिएंटल कला संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया था और बाद में साल 1979 में राज्य Tretyakov गैलरी द्वारा अधिग्रहण कर लिया था।[8]

1971 से 1973 तक, उभरते कलाकारों की सहायता के लिए उत्सुक होने के कारण, बायरामोव अश्गाबात स्थित तुर्कमेन राज्य कला महाविद्यालय में Shota Rustaveli के कला प्रशिक्षक के रूप में अपनी स्थिति में लौट आए।

साल 1970 के मध्य में, बायरामोव ने उनकी सबसे सुप्रसिद्ध श्रृंखला, सांस्कृतिक हस्तियां, की शुरुआत की। इस श्रृंखला में बीसवीं और इक्कीसवीं सदी की शुरुआत के दौरान के, बायरामोव द्वारा मान्यता दिए गए, ऐसे व्यक्तियों के चित्र शामिल हैं जिन्होंने तुर्कमेन सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। सांस्कृतिक हस्तियां के निर्माण में चार दशकों की अवधि और 150 से अधिक अलग-अलग चित्रों की मेहनत शामिल है।

1980s[संपादित करें]

साल 1980 में, बायरामोव को तुर्कमेन एसएसआर का एक सम्मानित कला कार्यकर्ता घोषित किया गया था, और साल 1984 में वह द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें तुर्कमेन एसएसआर और कम्युनिस्ट पार्टी TSSR की 60 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक प्रतियोगिता में विजेता डिप्लोमा से सम्मानित किया गया। पेरेस्त्रोइका आंदोलन (सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर सुधार के लिए एक राजनीतिक आंदोलन) (सीए 1985-1991) , जो कई लोगों के लिए बुनियादी घरेलू सामान और खाद्य उत्पादों की कमी के कारण बना, से जुड़े व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद भी 1980 के दशक के दौरान वे अत्यन्त मेहनती बने रहे [9]। बायरामोव अथक काम और कोशिश करते गए, अपने आप को अपनी कला में डुबोते गए। उन्होंने चित्रों और स्थिर वस्तु-चित्र, विशेषतः फूलों पर ध्यान केंद्रित कर के, अपनी कलात्मक प्रदर्शनों की सूची का विस्तार करना जारी रखा।

साल 1985 में, बायरामोव ने उनकी सबसे सुप्रसिद्ध विषयगत रचनाओं पर काम शुरू किया- सुनहरी धुंध नामक चिरस्मरणीय श्रद्धांजलि महान स्पेनी कलाकारों के नाम। यह काम इतना विशाल था की साल 2001 तक ही पूरा हो पाया। [10]

1980 के दशक के दौरान, बायरामोव की कई व्यक्तिगत प्रदर्शनियों के परिणामस्वरूप उनकी लोकप्रियता और यश आकाश छू गयी, जिन में शामिल हैं मास्को, रूस (1980, 1984), बर्लिन, पूर्व जर्मनी (1981); उल्यानोव्स्क, रूस (1984); अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान (अकेले 1986 में दो प्रदर्शनियों); बुडापेस्ट, हंगरी (1986)।

1990s[संपादित करें]

देश और विदेश में निरंतर महत्वपूर्ण और लोकप्रिय सफलता के बाद, 1991 में बायरामोव को अपने स्वदेश में उच्चतम कलात्मक खिताब से सम्मानित किया गया: “तुर्कमेनी जनता के कलाकार”।

1998 में, बायरामोव को, कुछ साथी कलाकारों सुहरोब कुर्बानोव , ताहिर सलहोव , तुरगुंबई सदयकोव, और एरबोलत टोलेपबै के साथ, किर्गिस्तान की कला अकादमी के राष्ट्रीय शिक्षाविद् नियुक्त किया गया। इस पुरस्कार की प्रस्तुति के साथ संयोजन के रूप में, किर्गिज़स्तान ने बिशकेक कला अकादमी, किर्गिस्तान के शिक्षाविदों की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए कलाकृतियों का योगदान दिया। [11]

2000s[संपादित करें]

2000 के दशक के दौरान, बायरामोव का तुर्कमेनिस्तान के भीतर और विश्व भर भ्रमण कर के बड़े पैमाने पर काम करना जारी रखा। उनकी यात्राओं में सम्मिलित हैं यूक्रेन, जहां उन्होंने साल 2000 में कीव राष्ट्रीय संग्रहालय रूसी कला के क्षेत्र में व्यक्तिगत प्रदर्शनी आयोजित की, रूस( 2003), थाईलैण्ड( 2004), तुर्की (2002 और 2004), मालदीव(2004), संयुक्त अरब अमीरात (2003 और 2007 के बीच कई यात्राएं ), नीदरलैण्ड (2008 ), इटली(2009), बेल्जियम (2010), और फ़्रान्स (2010)। साल 2008 में, बायरामोव ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पे और उनकी अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान में एक कलाकार के रूप में 50 साल पूरे करने की उपलब्धि उपलक्ष्य में अपने काम के दो पूर्वव्यापी प्रदर्शनियां आयोजित कर के जश्न मनाया।

अपने जीवनकाल में कलात्मक उपलब्धियों और तुर्कमेनिस्तान की संस्कृति के लिए योगदान के आधार पर, साल 2008 में बायरामोव को तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया और उन्हें "मातृभूमि के प्यार के लिए" पदक प्रस्तुत किया गया।

2010s[संपादित करें]

बायरामोव 2010 के दशक में अपनी लोकप्रिय कलात्मक निर्माणजारी रखा, 2010 और 2014 के बीच 90 से अधिक तेल आधारित चित्रों का निर्माण किया।

2012 में, बायरामोव ने कनाडा में छह महीने बिताए जहां उन्होंने “कैनाडा के शरद ऋतू” नामक परिदृश्य चित्रों की एक प्रसिद्ध श्रृंखला बनाई। साल 2014 में, बायरामोव के चित्रों को, टोरंटो, कैनाडा, में प्रदर्शित किया गया; उत्तरी अमेरिका में उनके काम की यह पहली प्रदर्शनी थी [12][13][14]। बायरामोव की तस्वीरों की एक उद्घाटन प्रदर्शनी 2015 में टोरंटो, कैनाडा, में आयोजित की गयी। “दुर्दी बायरामोव की नज़रों से: तुर्कमेनी ग्रामीण जीवन, 1960-80”, शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी में श्वेत-श्याम तस्वीरों को चित्रित किया गया था और यह स्कॉटियाबैंक के संपर्क फोटोग्राफी महोत्सव में एक विशेष रूप प्रदर्शनी थी [15]। इस प्रदर्शनी से जुडी पुस्तिका का प्रकाशन दुर्दी बायरामोव आर्ट फाउंडेशन द्वारा किया गया था; स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के एशियाई सांस्कृतिक इतिहास कार्यक्रम के साथ मिलकर [16][17]

साल 2015 में, दुर्दी बायरामोव के चित्रों की एक एकल प्रदर्शनी वाशिंगटन, डीसी में अमेरिका में तुर्कमेनिस्तान दूतावास में; विश्व बैंक कला कार्यक्रम के तहत आयोजित की गयी थी। संयोगवश, इस प्रदर्शनी का उद्घाटन उसी दिन पर हुआ जब तुर्कमेनिस्तान की स्वतंत्रता की 24वीं और तटस्थता की 20वीं वर्षगांठ थी। [18]

कलात्मक शैली[संपादित करें]

दुर्दी बायरामोव ने अपने दर्शनीय कैरियर के दौरान 5000 से अधिक कलाकृतियों, तैलचित्रण और कागज पर कलाकारियों को जन्म दिया। वे एक माहिर फोटोग्राफर भी थे, परन्तु वे इस गतिविधि को अपनी कलात्मक प्रक्रिया का एक हिस्सा मानते थे और कभी भी अपनी तस्वीरों का प्रदर्शन करने का प्रयास नहीं किया। इसी कारणवश उनकी फोटोग्राफी का काम का प्रदर्शन उनके निधन के पश्चात ही संभव हुआ [19]

बायरामोव ने चार शैलियों में बड़े पैमाने पर काम किया: चित्र (पोर्ट्रेट), स्थिर वस्तु-चित्र, भूदृश्य, और विषयगत रचनाऐं; हालांकि वे चित्रों के लिए जगप्रसिद्ध हुए हैं। साल 1975 से ही ये मान लिया गया था "हालांकि वे शैली चित्र और परिदृश्य पेंटिंग्स भी बनाते हैं , पर कोई भी दावे से कह सकता हैं कि चित्रांकन में उन्हें माहिरत हासिल हैं [20]।"अपने समकालीनों के बीच, उन्हें “चित्र शैली के नायाब गुरु” माना जाता था [21]। बायरामोव अपने विषय के चरित्र और आंतरिक जीवन की गहरायी में उत्तर कर, उनके विविध व्यक्तित्व को दर्शाते थे, और उनके सब से अच्छे गुणों को निखारते थे। बायरामोव कहते थे कि वे ऐसा इसी लिए कर सकते थे क्योंकि वे मानते थे कि "प्रत्येक व्यक्ति के भीतर ख़ास विशेषता मौजूद होती है।"उन्होंने प्रभाववाद, शास्त्रीय यथार्थवाद का विस्तार करने के लिए ध्यान, और तुर्कमेनिस्तान की समृद्ध कलात्मक परंपराओं के अनुरूप प्रासंगिक खोजों की कोशिश की [22]। बायरामोव जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों से प्रेरणा ली, उनके सामाजिक, आर्थिक, या जातीय पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना। उनके विषयों में एक विविधता का इंद्रधनुष था, ग्रामीणों से वैज्ञानिकों तक, परिवार के सदस्यों से अजनबीयों तक, वरिष्ठ नागरिकों से बच्चे भी शामिल हैं। बायरामोव के संवेदनशील स्वभाव के कारण वे अपने विषयों के साथ घनिष्ठ संबंध बना पाते थे जो इस शैली में उनकी सफलता की व्याख्या करता है।

हालांकि बायरामोव चित्रांकन के लिए सुप्रसिद्ध है, स्थिर वस्तु-चित्र और भूदृश्य शैलियों में भी इनका बेहद सम्मान किया जाता है। फूलों का बायरामोव के स्थिर वस्तु-चित्र काम में एक विशेष स्थान था। उन्हें लाल पोप्पीेस के गहरे रंग और उनकी सुंदर रचना को चित्रित करना बहुत भाता था जो ​कि तुर्कमेनिस्तान की वादी में हर बसंत ऋतू में कालीन की तरह बिछे होते थे। बायरामोव के स्थिर वस्तु-चित्र में फलों का चित्रण, विशेष रूप से अपने पैतृक भूमि के फल, प्रकृति की भरमार और प्रकृति के लिए उनके प्यार का प्रतीक है। वह अक्सर पारंपरिक तुर्कमेनी कालीन पर सजाए गए सेब, तरबूज, अनार, आदि को दर्शाया, जो गोल बुने रूपांकनों और जीवंत रंग, और केछे नामक तुर्कमेन सजावटी कम्बल को रूपांतरित करता हैं।

निधन और विरासत[संपादित करें]

फरवरी 2014 में दुर्दी बायरामोव के लीवर कैंसर के बारे में पता चला था। 14 फरवरी 2014 को उनका निधन हो गया। उनके पीछे उनकी पत्नी, Gozel Bayramova , चार बेटियों और सात पोते/पोतियां हैं।

साल 2015 में, दुर्दी बायरामोव आर्ट फाउंडेशन टोरंटो, कैनाडा में स्थापित किया गया, जिसका उद्देश्य कला और शिक्षा के क्षेत्र में बायरामोव की विरासत को आगे बढ़ाना है [23]। इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए फाउंडेशन ने बायरामोव संग्रहालय स्थापित किया। टोरंटो, कैनाडा में स्थित संग्रहालय बायरामोव की कलाकृतियों का दुनिया का सबसे बड़ा संग्रह है और बायरामोव की कला की स्थायी और अस्थायी प्रदर्शनियों मेजबान।

दुर्दी बायरामोव को व्यापक रूप से मध्य एशिया के सबसे महत्वपूर्ण चित्रकारों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है। उनकी कला को कई निजी संग्रहों में पाया जा सकता है, साथ ही में संग्रहालयों, दीर्घाओं, और दुनिया भर के सांस्कृतिक संस्थानों , सहित आसपास इन स्थानों पर में पाया जा सकता है:

सोलो प्रदर्शनियों[संपादित करें]

  • 2016 दुर्दी बायरामोव, टोरंटो, कनाडा। "कैनाडा में शास्त्रीय संगीत"। इस्माइली केंद्र, टोरंटो
  • 2016 दुर्दी बायरामोव, अश्क़ाबाद, तुर्कमेनिस्तान। तुर्कमेनी राज्य परिवहन और संचार संस्थान, अश्गाबात संस्कृति मंत्रालय, शिक्षा एवं संग्रहालय मंत्रालय के समर्थन के साथ ("विरासत को सम्मानित करने का वर्ष, मातृभूमि का विकास" की एक रूपरेखा के तहत) [25]
  • 2016 दुर्दी बायरामोव, वाशिंगटन, डीसी, संयुक्त राज्य अमरीका। तुर्कमेनी दूतावास वाशिंगटन, डीसी
  • 2015 दुर्दी बायरामोव, वाशिंगटन, डीसी, संयुक्त राज्य अमरीकाविश्व बैंक कला कार्यक्रम
  • 2015 दुर्दी बायरामोव, टोरंटो, कनाडा। “दुर्दी बायरामोव की नज़रों से: तुर्कमेनी ग्रामीण जीवन, 1960-80” (दुर्दी बायरामोव की छायाचित्र की दुनिया की पहली प्रदर्शनी)
  • 2014 दुर्दी बायरामोव, टोरंटो, कनाडा। "मेरा जीवन कला को समर्पित और कला जनता को"
  • 2013 दुर्दी बायरामोव, अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान (दुर्दी बायरामोव के 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में समर्पित प्रदर्शनी)
  • 2008 दुर्दी बायरामोव, प्रदर्शनी हॉल कलाकार संघ, अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान (दुर्दी बायरामोव के 70वें जन्मदिन के अवसर पे और उनकी अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान में एक कलाकार के रूप में 50 साल पूरे करने की उपलब्धि के उपलक्ष्य में)
  • 2008 दुर्दी बायरामोव, ललित कला संग्रहालय, अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान
  • 2003 दुर्दी बायरामोव, अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान
  • 2000 दुर्दी बायरामोव, कीव का राष्ट्रीय रूसी कला संग्रहालय, कीव, यूक्रेन
  • 1998 दुर्दी बायरामोव, अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान
  • 1986 दुर्दी बायरामोव, बुडापेस्ट, हंगरी
  • 1986 दुर्दी बायरामोव, अश्क़ाबाद, तुर्कमेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य। "अश्क़ाबाद - Kunya Urgench - अश्क़ाबाद"
  • 1986 दुर्दी बायरामोव, अशकाबाद, तुर्कमेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य
  • 1984 दुर्दी बायरामोव, Ulyanovsk, रूस
  • 1981 दुर्दी बायरामोव, बर्लिन, जर्मन लोकतांत्रिक गणराज्य
  • 1980 दुर्दी बायरामोव, मास्को, रूस
  • 1978 दुर्दी बायरामोव, अशकाबाद, तुर्कमेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य
  • 1975 दुर्दी बायरामोव, कीव, यूक्रेन
  • 1971 दुर्दी बायरामोव, हाले (Saale), जर्मन लोकतांत्रिक गणराज्य
  • 1970 दुर्दी बायरामोव, अशकाबाद, तुर्कमेनी सोवियत समाजवादी गणराज्य। "बरास्ते भारत"

पुरस्कार और सम्मान[संपादित करें]

  • 2011 जुबली पदक "तुर्कमेनिस्तान के आजादी की 20 वीं वर्षगांठ"
  • 2009 बयशिम नूरअली पुरस्कार, तुर्कमेनी कलाकार संघ
  • 2008 तुर्कमेनी राष्ट्रपति का पदक "मातृभूमि के प्यार के लिए"
  • 1998 किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रीय कला अकादमी के शिक्षाविद
  • 1991 तुर्कमेनी जनता के कलाकार
  • 1984 तुर्कमेनी एसएसआरकला कार्यकर्ता द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें तुर्कमेन एसएसआर और कम्युनिस्ट पार्टी TSSR की 60 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक प्रतियोगिता में विजेता डिप्लोमा
  • 1980 तुर्कमेनी एसएसआर का एक सम्मानित कला कार्यकर्ता
  • 1978-1979 तुर्कमेनी एसएसआर चित्रकारों की कला प्रतियोगिता का द्वितीय पुरस्कार और ख्याति पत्र
  • 1975 मास्को, सोवियत संघ के देशव्यापी प्रतियोगिता के लिए, "महिला पोर्ट्रेट" के लिए, तृतीय पुरस्कार विजेता और ख्याति पत्र,
  • 1974 मास्को, सोवियत संघ की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था (VDNKh) उपलब्धियों की प्रदर्शनी के लिए स्वर्ण पदक,
  • 1974 तुर्कमेनी एसएसआर के मंत्रियों की परिषद और सुप्रीम काउंसिल की ओर से मानद प्रमाण पत्र,
  • 1974 तुर्कमेनी एसएसआर की 50 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतियोगिता का द्वितीय पुरस्कार और ख्याति पत्र
  • 1972 सोवियत संघ लेनिन कोमसोमोल पुरस्कार
  • 1972 सोवियत संघ के युवा कलाकारों की राष्ट्रीय प्रदर्शनी के द्वितीय पुरस्कार विजेता पुरस्कार और ख्याति पत्र
  • 1970 तुर्कमेनी एसएसआर की ओर से लेनिन कोमसोमोल पुरस्कार
  • 1965, तुर्कमेनी एसएसआर की सुप्रीम काउंसिल की ओर से मानद प्रमाण पत्र

सन्दर्भ[संपादित करें]

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  2. Pereplesnin, M. 2012. “Ocharovannii Strannik.” (Очарованный Странник) [A Charmed Wanderer]. Turkmenistan: International Magazine, Vol. N. 3 (84), pp. 80-89. Retrieved from http://www.turkmenistaninfo.ru/_data/pdf/2012_03_N3.pdf
  3. The State Tretyakov Gallery. 2009. “Dmitrii Mochalskii – Romantik Sozializma: 23 Aprelya-7 Iyunya, 2009.” (Дмитрий Мочальский – Романтик Социализма: 23 Апреля-7 Июня, 2009)[Dmitri Mochalski – Romantic of Socialist Realism: April 23-June 7, 2009]. Retrieved from http://www.tretyakovgallery.ru/ru/calendar/exhibitions/exhibitions1662/
  4. Mukhatova, Ogulabat and Kurban Agaliyev. (2008). Catalogue of Paintings and Drawings for Golden Jubilee Exhibition of the People’s Artist of Turkmenistan Durdy Bayramov. Dubai: Keyik Bayramova.
  5. Pimenova, S. 1974, November 27. “Dve Schastlivye Sudby.” (Две Счастливые Судьбы) [Two Fortunate Fates]. Znamya Oktyabrya, p. 7.
  6. Yerlashova, S. 1975. Painting of Soviet Turkmenia. Leningrad (St. Petersburg): Aurora Art Publishers.
  7. Prelatov, Y. 1981, December 1. “Vistavki—Lyblyu Svoi Krai.” (Выставки—Люблю Свой Край) [Exhibitions—Love My Homeland]. Pravda.
  8. Kistovich, Irena. 2010. “Turkmenskaya ‘Semerka.’ Razmyshleniya ob Uhodyashem.” (Туркменская «Семерка». Размышления об Уходящем) [The Turkmen ‘Seven’: Reflections on the Past]. Sibirskie Ogni, Vol. 05/2. Retrieved from http://xn--90aefkbacm4aisie.xn--p1ai/content/turkmenskaya-semerka-razmyshleniya-ob-uhodyashchem
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