दुर्जन साल

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दुर्जन साल
राजा
घरानानागवंशी राजवंश

दुर्जन साल मध्य काल में खुखरागढ़ के नागवंशी राजा थे।

नागवंशी सिंहासन पर आसीन होने के तुरंत बाद, उन्होंने मुगलों से सारे सम्बन्ध तोड़ दीये। दुर्जन सल का स्वतंत्र रवैया और हिरा पाने कि सम्भावना में जहाँगीर ने दुर्जन साल के खिलाफ अभियान का आदेश देता है। दुर्जन साल को गिरफ्तार कर लिया गया और उससे हीरे ले लिए गए। उसे ग्वालियर की जेल भेज दिया गया, वह 12 साल जेल में रहा। असली हीरे की पहचान करने के अपने कौशल के कारण, जहाँगीर ने उसे 1627 में रिहा कर दिया। लौटने के बाद उन्होंने अपनी राजधानी खुखरा से (नवरतनगड़)डोईसागड़ स्थानांतरित किया। वहां के किले का निर्माण कराया, जिसे गुमला में नवरतनगड़ के नाम से भी जाना जाता है।[1][2][3][4]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "The Nagbanshis And The Cheros". archive.org.
  2. "Gumla City History-Importance-Origin-Architecture". hoparoundindia.com.
  3. "The Lost Kingdom of Navratangarh". indianvagabond.com.
  4. "Jharkhand Samanya Gyan". books.google.co.in.


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