दुर्गा मन्दिर, दुर्गाकुण्ड

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Durga Mandir
दुर्गा मंदिर

दुर्गा मंदिर का प्रवेशद्वार
दुर्गा मन्दिर, दुर्गाकुण्ड की वाराणसी जिला के मानचित्र पर अवस्थिति
दुर्गा मन्दिर, दुर्गाकुण्ड
वाराणसी जिले के नक़्शे पर मंदिर की अवस्थिति
निर्देशांक: 25°17′19″N 82°59′57″E / 25.288622°N 82.999279°E / 25.288622; 82.999279निर्देशांक: 25°17′19″N 82°59′57″E / 25.288622°N 82.999279°E / 25.288622; 82.999279
नाम
देवनागरी: दुर्गा मंदिर
स्थान
देश: Flag of India.svg भारत
राज्य: उत्तर प्रदेश
जिला: बनारस
स्थिति: दुर्गा कुण्ड, भेलूपुर, बनारस
ऊंचाई: 85 मी॰ (279 फीट)
मंदिर का ब्यौरा
प्रमुख देवी: दुर्गा
प्रमुख उत्सव: दशहरा
नवरात्र
स्थापत्य शैली एवं संस्कृति
स्थापत्य शैलियाँ: नागर
इतिहास
निर्माण तिथि: 18वीं सदी
सृजनकर्त्ता: बंगाली महारानी

दुर्गा मंदिर काशी के पुरातन मंदिरॊ मॆ सॆ एक है। इस मंदिर का उल्लॆख " काशी खंड" मॆ भी मिलता है। यह मंदिर वाराणसी कैन्ट से लगभग 5 कि॰मी॰ की दूरी पर है। लाल पत्थरों से बने अति भव्य इस मंदिर के एक तरफ "दुर्गा कुंड" है। इस कुंड को बाद में नगर पालिका ने फुहारे में बदल दिया, जो अपनी मूल सुन्दरता को खो चुका है। इस मंदिर में माँ दुर्गा "यंत्र" रूप में विरजमान है। इस मंदिर में बाबा भैरोनाथ, लक्ष्मीजी, सरस्वतीजी, एवं माता काली की मूतिॅ रूप में अलग से मंदिर है। यहाँ मांगलिक कार्य मुंडन इत्यादि में माँ के दर्शन कॆ लिये आतॆ है। मंदिर के अंदर हवन कुंड है, जहाँ रोज हवन होते हैं। कुछ लोग यहाँ तंत्र पूजा भी करते हैं। सावन महिने में एक माह का बहुत मनमोहक मेला लगता है।दुर्गा मंदिर के नजदीक आनंद पार्क है, जहाँ पर आर्य समाज का प्रथम सास्त्रार्थ काशी के विद्वानों के साथ हुआ था।

कहा जाता है की इस मंदिर का निर्माण १८ वी शताब्दी में बंगाल की रानी भवानी ने करवाया था कहा जाता है की यह २० सा यंत्र स्थापित है यह पर १२ पाए विशाल मंडप बना हुआ है। देखा जाय तो कई वजह से यह मंदिर प्रसिद्ध है