दिल्ली में विदेशी खाना

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कुछ दशक पहले तक पिज्जा, पास्ता या हैमबर्गर का नाम नहीं सुना था लोगों ने, लेकिन आज ये चीजें खूब लोकप्रिय हो चुकी हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है दिल्लीवालों का खाने के प्रति शौक। दिल्ली भारत का दिल है इसलिए भारत के हर हिस्से के लजीज व्यंजन यहां सुलभ हैं। लेकिन दिल्लीवालों का यह शौक सिर्फ पंजाबी, गुजराती या साउथ इंडियन तक सीमित नहीं है। उन्हें तरह-तरह के खाने का इतना शौक है कि दुनियाभर की इंटरनैशनल फूड चेंस को दिल्ली एक बड़े बाजार के रूप में नजर आ रहा है।

चाइनीज, कॉन्टिनेंटल, मैक्सिकन और इटैलियन फूड अब लगभग दिल्ली के हर हिस्से में मिल जाते हैं। दिल्ली का स्वाद अब धीरे-धीरे ग्लोबल हो रहा है। लैबनीज, जैपनीज, थाई और रशियन फूड भी अब 'दिल्ली के स्वाद' के दायरे में शुमार होने लगे हैं।

चाइनीज[संपादित करें]

चाइनीज फूड से दिल्ली का परिचय सालों पुराना हो चुका है। हालांकि यह अलग बात है कि हमने चाइनीज फूड को काफी कुछ अपने स्वाद के मुताबिक बदल दिया है। मसलन ठेठ चाइनीज खाना बहुत मसालेदार और तीखा होता है।

इटैलियन[संपादित करें]

दिल्लीवालों के लिए पास्ता और पिज्जा अब इटैलियन कहां रह गए हैं? ऑलिव ऑयल में बनाया जाने वाला यह खाना अपने स्वाद और महक के लिए बहुत पसंद किया जाता है।

कॉन्टिनेंटल

कम तेल और मसालों के इस्तेमाल से बनता है कॉन्टिनेंटल फूड। इसकी एक और खासियत है कि इसे बहुत ज्यादा पकाया नहीं जाता।

थाई[संपादित करें]

नारियल और मिर्च के इस्तेमाल की वजह से थाई फूड काफी हद तक दक्षिण भारतीय खाने से मिलता जुलता है। खुशबू के लिए इसमें मसालों का काफी इस्तेमाल किया जाता है।

मैक्सिकन[संपादित करें]

टमाटर और प्याज का इस्तेमाल इसे काफी कुछ हमारे खाने जैसा बना देता है। इसके अलावा मैक्सिकन फूड में शाकाहारी व्यंजनों की भी काफी वराइटी हैं। हालांकि यह बहुत मसालेदार होता है और इसमें कैलरीज भी काफी होती हैं।

जैपनीज[संपादित करें]

चाइनीज से काफी समानता रखने वाले इस फूड में मिर्च-मसालों का इस्तेमाल कम होता है। मिसाल के तौर पर उबले चावल, अचार, सूप, सब्जी और मछली एक सामान्य जैपनीज घर में खाया जाता है।

लैबनीज[संपादित करें]

दिल्ली के लिए यह खाना अभी नया है, लेकिन भारतीय खाने से काफी मिलता जुलता है। इसमें ड्राई फूट्स का ज्यादा इस्तेमाल इसकी बड़ी खासियत है।

चीन ही नहीं, फूड के जरिए दिल्ली दुनिया के कई दूसरे देशों के भी करीब आई है। इस करीबी का ही नतीजा है कि दिल्ली में स्पेशलिटी रेस्तराओं की भी भरमार है। अल अरब (रीगल बिल्डिंग), दम पुख्त (मौर्या शेरेटन), कश्मीरी फूड के लिए चोर बिजैर (होटल ब्रॉडवे), थाई फूड के लिए बान थाई (द ओबरॉय) और सुकोथाई (हौज खास विलेज), जैपनीज फूड के लिए तोक्यो (होटल अशोक), मेक्सिकन फूड के लिए रोडियो (कनॉट प्लेस)... लिस्ट लंबी है।

कुल मिलाकर आज दिल्लीवालों ने खाने-पीने के मामले में क्षेत्रीयता की हर दीवार गिराकर सही मायनों में ग्लोबल फूड कल्चर अपना लिया है।