दशरथ मांझी

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Erioll world.svgनिर्देशांक: 24°52′38″N 85°14′35″E / 24.877093°N 85.242956°E / 24.877093; 85.242956

दशरथ मांझी
जन्म 1934
गहलौर, बिहार, भारत
मृत्यु 17.08.2007
नई दिल्ली, भारत
मृत्यु का कारण पित्ताशय कैंसर
राष्ट्रीयता भारतीय
अन्य नाम माउंटेन मैन
जाने–जाते हैं अकेले ही पहाड़ को काटकर सड़क का निर्माण किया।
जीवनसाथी फाल्गुनी देवी

दशरथ मांझी (जन्म: १९३४[1] – १७ अगस्त २००७[2]) एक दृढ़संकल्प के व्यक्ति थे जिन्होने अकेले ही पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया। वे बिहार के गया जिले के निवासी थे।[3] १७ फ़रवरी २००७ को कैंसर के कारण मांझी का निधन हो गया।[4][5]

पृष्ठभूमि[संपादित करें]

...अपने बुलंद हौसलों और खुद को जो कुछ आता था, उसी के दम पर मैं मेहनत करता रहा. संघर्ष के दिनों में मेरी मां कहा करती थीं कि 12 साल में तो घूरे के भी दिन फिर जाते हैं. उनका यही मंत्र था कि अपनी धुन में लगे रहो. बस, मैंने भी यही मंत्र जीवन में बांध रखा था कि अपना काम करते रहो, चीजें मिलें, न मिलें इसकी परवाह मत करो. हर रात के बाद दिन तो आता ही है.

दशरथ मांझी का वक्तव्य
फिल्म: 'मांझी: द माउंटेन मैन में'[6]

दशरथ मांझी एक बेहद पिछड़े इलाके से आते थे और दलित जाति से थे। शुरुआती जीवन में उन्हें अपना छोटे से छोटा हक मांगने के लिए संघर्ष करना पड़ा। वे जिस गांव में रहते थे वहां से पास के कस्बे जाने के लिए एक पूरा पहाड़ (गहलोर पर्वत) पार करना पड़ता था। उनके गांव में उन दिनों न बिजली थी, न पानी। ऐसे में छोटी से छोटी जरूरत के लिए उस पूरे पहाड़ को या तो पार करना पड़ता था या उसका चक्कर लगाकर जाना पड़ता था। उन्होंने फाल्गुनी देवी से शादी की। दशरथ मांझी को गहलौर पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का जूनून तब सवार हुया जब पहाड़ के दूसरे छोर पर लकड़ी काट रहे अपने पति के लिए खाना ले जाने के क्रम में उनकी पत्नी फगुनी पहाड़ के दर्रे में गिर गयी और उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी की मौत दवाइयों के अभाव में हो गई, क्योंकि बाजार दूर था। समय पर दवा नहीं मिल सकी। यह बात उनके मन में घर कर गई। इसके बाद दशरथ मांझी ने संकल्प लिया कि वह अकेले दम पर पहाड़ के बीचों बीच से रास्ता निकलेगा और अतरी व वजीरगंज की दूरी को कम करेगा।[1]

उपलब्धि[संपादित करें]

गया जिले के गहलौर गांव की जरूरत की हर छोटी बड़ी चीज, अस्पताल, स्कूल सब वजीरपुर के बाजार में मिला करते थे लेकिन इस पहाड़ ने वजीरपुर और गहलौर के बीच का रास्ता रोक रखा था। इस गाँव के लोगों को 80 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करके वजीरपुर तक पहुंचना पड़ता था। ना बड़ी बड़ी मशीनें थीं और ना ही लोगों का साथ – दशरथ मांझी अकेले थे और उनके साथ थे बस ये छेनी, ये हथौड़ा और 22 बरस तक सीने में पलता हुआ एक जुनून। उन्होंने छेनी व हथौड़े की मदद से दो दशक में गहलौर की पहाड़ियों को काटकर 20 फीट चौड़ा व 360 फीट लंबा रास्ता बना दिया। इस रास्ते के बन जाने से अतरी ब्लॉक से वजीरगंज की दूरी मात्र 15 किलोमीटर रह गई। जबकि वजीरपुर और गहलौर के बीच की दूरी मात्र 2 किलोमीटर रह गयी। समाज के प्रति उनकी इस प्रतिबद्धता पर और उनके जीवन पर मांझी: द माउंटेन मैन नामक हिन्दी फिल्म बन चुकी है।[7][8]

मृत्यु[संपादित करें]

माझी की मृत्यु नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पित्ताशय के कैंसर के कारण 73 साल की उम्र में 17 अगस्त 2007 को हुयी। जिसके बाद बिहार सरकार ने उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहलौर में उनके नाम पर 3 किमी लंबी एक सड़क और हॉस्पिटल बनवाने का फैसला किया।[9]

सम्मान[संपादित करें]

मांझी 'माउंटेन मैन' के रूप में विख्यात हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए बिहार सरकार ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में 2006 में पद्म श्री हेतु उनके नाम का प्रस्ताव रखा। बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दशरथ मांझी के नाम पर रखा गहलौर से 3 किमी पक्की सड़क का और गहलौर गांव में उनके नाम पर एक अस्पताल के निर्माण का प्रस्ताव रखा है।[10]

फिल्म[संपादित करें]

उनके जीवन पर जब फिल्म बनने की बात चली तब वे अपनी अंतिम सांसें गिन रहे थे। उन्होंने एक ऐग्रीमेंट पेपर पर अपने अंगूठे का निशान लगाकर फिल्म बनाने की अनुमति दी थी। फिल्म मांझी: द माउंटेन मैन के निर्देशक केतन मेहता ने अपने निर्देशन से इस फिल्म के एक-एक किरदार को जीवंत करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उनके किरदार को अभिनीत किया है अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने।[11]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. अविनाश सेलेस्टीन (२४ मई १९९७). "Love's labour brings down hill [श्रम से प्यार करने वाला पहाड़ी को भी नीचे लाता है]" (अंग्रेज़ी में). एक्सप्रेस इण्डिया. http://www.expressindia.com/news/ie/daily/19970524/14450813.html. अभिगमन तिथि: २६ फ़रवरी २०१४. 
  2. "Mountain man Dashrath Manjhi dies in Delhi [माउंटेन मैन दशरथ मांझी का दिल्ली में निधन]" (अंग्रेज़ी में). हिन्दुस्तान टाइम्स. १७ अगस्त २००७. http://www.hindustantimes.com/India-news/Bihar/Mountain-man-Dashrath-Manjhi-dies-in-Delhi/Article1-242990.aspx. अभिगमन तिथि: २६ फ़रवरी २०१४. 
  3. मनीष शांडिल्य (26 फ़रवरी 2014). "दशरथ मांझी से बहुत प्रेरणा मिलती हैः आमिर". बीबीसी हिन्दी. http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/02/140226_aamir_khan_dashrath_manjhi_sk.shtml. अभिगमन तिथि: 26 फ़रवरी 2014. 
  4. "दशरथ मांझी से प्रभावित हुये आमिर खान". लाइव हिन्दुस्तान. २० फ़रवरी २०१४. http://www.livehindustan.com/news/entertainment/entertainmentnews/article1-Bollywood-actor-Aamir-Khan-Mountain-Man-Dashrath-Majhi-life-Satyameva-Jayate-28-28-401858.html. अभिगमन तिथि: २६ फ़रवरी २०१४. 
  5. रंजीत सिंह (१९ फ़रवरी २०१४). "दशरथ मांझी के गांव से आमिर खान शुरू करेंगे 'सत्‍यमेव जयते'". आजतक. http://aajtak.intoday.in/story/aamir-khan-to-begin-satyamev-jayate-2-from-dashrath-manjhis-village-1-755325.html. अभिगमन तिथि: २६ फ़रवरी २०१४. 
  6. "दशरथ मांझी: इतिहास की सबसे शानदार प्रेम कहानी". आजतक. http://aajtak.intoday.in/story/dashrath-manjhi-a-great-lover-1-729450.html. अभिगमन तिथि: 22 अगस्त 2015. 
  7. एबीपी न्यूज (19 अगस्त 2015). "देखिए- असली मांझी की कहानी जो आपको झकझोर कर रख देगी". एबीपी न्यूज. http://abpnews.abplive.in/movies/2015/08/19/article689394.ece/Meet-the-man-who-carved-out-a-mountain-to-make-a-road. अभिगमन तिथि: 22 अगस्त 2015. 
  8. एबीपी न्यूज (19 अगस्त 2015). "देखिए- असली मांझी की कहानी जो आपको झकझोर कर रख देगी". एबीपी न्यूज. http://abpnews.abplive.in/movies/2015/08/19/article689394.ece/Meet-the-man-who-carved-out-a-mountain-to-make-a-road. अभिगमन तिथि: 22 अगस्त 2015. 
  9. संतोष, सिंह. "the man who made way for progress [एक आदमी जो प्रगति के लिए रास्ता बना दिया]". http://archive.indianexpress.com/news/the-man-who-made-way-for-progress/968751. 
  10. "Dashrath Manjhi [दशरथ मांझी]" (अँग्रेजी में). http://www.hoaxorfact.com/Inspirational/man-in-india-carved-360-feet-mountain-tunnel-in-memory-of-his-wife-s-death-facts-analysis.html. अभिगमन तिथि: 22 अगस्त 2015. 
  11. प्रशांत सीसोदिया (21 अगस्त 2015). "फिल्म रिव्यू : पहाड़ से बुलंद हौसले दिखाती है 'मांझी : द माउंटेन मैन'". एनडीटीवी इंडिया. http://khabar.ndtv.com/news/filmy/film-review-fo-manjhi-the-mountain-man-1209451. अभिगमन तिथि: 22 अगस्त 2015. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]