दबेस्तान-ए-मजाहेब

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Jesuits at Akbar's court.jpg

दबेस्तान-ए-मजाहेब 17वीं सदी के दक्षिण एशियाई धर्मों की तुलनात्मक कृति है। इसे सन् 1665 में फारसी भाषा में लिखा गया था। दबेस्तान-ए-मजाहेब दीन-ए-इलाही पर लिखे अध्याय के लिए सर्वाधिक जाना जाता है। दीन-ए-इलाही धर्म को मुगल शासक अकबर ने सन् 1581 से शुरू किया था। दबेस्तान-ए-मजाहेब इबादत खाना में होने वाली चर्चाओं के बारे में सबसे विश्वसनीय स्रोत है।

सन्दर्भ[संपादित करें]