दक्क्न शैली

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यह एक प्रमुख भारतीय चित्रकला शैली हैं। इस शैली का प्रधान केन्द्र बीजापुर था किन्तु इसका विस्तार गोलकुण्डा तथा अहमदनगर राज्यों में भी था। रागमाला के चित्रों का चित्रांकन इस शैली में विशेष रूप से किया गया। इस शैली के महान संरक्षकों में बीजापुर के अली आदिल शाह तथा उसके उत्तराधिकारी इब्राहिम शाह थे।

प्रारंभ में स्वतंत्रता के साथ विकसित हुई। तथापि,उसके बाथ उसका प्रभाव बडता हुआ नजर आया। इसके महत्त्वपूर्ण वैशिष्ट्ये-पेहराव, गहने,वनस्पती जीवन, प्राणी जीवन, रमणीय भूप्रदेश और रंग और अन्य कारणों के लिए प्रसिद्ध।