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थियोडोर लाइटन पेनल

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थियोडोर लाइटन पेनल
जन्म7 अक्टूबर 1867
मृत्यु23 दिसंबर 1912
पेशामिशनरी चिकित्सक
जीवनसाथीएलिस सोराबजी (विवाह 1908)
बच्चेएक पुत्र

थियोडोर लाइटन पेनल (अंग्रेज़ी: Theodore Leighton Pennell) (7 अक्टूबर 1867 – 23 दिसंबर 1912) एक ब्रिटिश मिशनरी चिकित्सक थे, जिन्होंने ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिमी सीमा क्षेत्र (अब पाकिस्तान में) में कार्य किया।

प्रारंभिक जीवन

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उनका जन्म क्लिफ्टन, ब्रिस्टल में हुआ था। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था। उन्होंने ईस्टबोर्न कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और 1891 में चिकित्सा (M.D.) की डिग्री प्राप्त की।

भारत आगमन

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उन्हें चर्च मिशनरी सोसाइटी (C.M.S.) द्वारा भारत भेजा गया। वे 1892 में अपनी माता के साथ कराची पहुँचे। उनकी माता का देहांत 1908 में हुआ। 1893 में वे बन्नू चले गए, जो अफ़ग़ानिस्तान की सीमा के पास स्थित है।

निजी जीवन

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1908 में उन्होंने एलिस सोराबजी (1874–1951) से विवाह किया, जो एक पारसी महिला डॉक्टर थीं। उनके एक पुत्र था।

पेनल की मृत्यु 23 दिसंबर 1912 को एक गंभीर संक्रमण के कारण हुई।

वे उर्दू, पश्तो, पंजाबी और फ़ारसी भाषाओं में दक्ष थे।

प्रमुख कृतियाँ

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  • Among the Wild Tribes of the Afghan Frontier (1909), लंदन, 324 पृष्ठ।

अतिरिक्त अध्ययन

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  • A.M. Pennell, Pennell of the Afghan Frontier, लंदन, 1914।