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तेनाली रामा

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तेनाली रामा

आँध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के तेनाली नगर में तेनाली रामकृष्ण की मूर्ति
जन्म गरलपति रामकृष्णा
22 सितम्बर 1480
तेनाली, विजयनगर साम्राज्य
(वर्तमान आंध्र प्रदेश, भारत)
मौत 5 अगस्त 1528(1528-08-05) (उम्र 47 वर्ष)
तेनाली, विजयनगर साम्राज्य
मौत की वजह सर्पदंश
पेशा राजकवि
जीवनसाथी शारदा देवी
बच्चे भाष्कर शर्मा (पुत्र)
अमृता देवी (पुत्री)

तेनाली रामकृष्ण (जन्म: गरलपति रामकृष्ण; 22 सितंबर 1480 – 5 अगस्त 1528), जिन्हें तेनाली रामलिंग और तेनाली राम के नाम से भी जाना जाता है, विजयनगर साम्राज्य के राजा श्रीकृष्णदेवराय के दरबार में एक तेलुगु कवि, विद्वान और सलाहकार थे। वे आंध्र प्रदेश के तेनाली नगर से थे। उन्होंने कृष्णदेव राय के दरबार के आठ प्रसिद्ध तेलुगु कवियों के समूह 'अष्टदिग्गजों] में से एक के रूप में विशेष ख्याति प्राप्त की और अपनी तीक्ष्ण बुद्धि तथा हास्य के लिए प्रसिद्ध हुए। उनकी साहित्यिक कृतियों में 'पांडुरंग महात्म्यम' प्रमुख है, जिसे तेलुगु के पाँच महान काव्यों में से एक माना जाता है। उन्हें प्रायः “विकटकवि” की उपाधि से संबोधित किया जाता है, जिसका अर्थ है “हास्य कवि”, जो उनके हास्य और बुद्धिमत्ता को एक साथ पिरोने की अनोखी क्षमता को दर्शाता है। तेनाली रामकृष्ण की विरासत आज भी साहित्य और मीडिया में विभिन्न सांस्कृतिक रूपांतरणों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करती है।

प्रारंभिक जीवन

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तेनाली रामालिंगाचार्युलु का जन्म १६वीं सदी के प्रारंभ में थुमुलुरु नामक गाँव में एक तेलुगु भट्ट ब्राह्मण परिवार में हुआ था । हालांकि लोकप्रिय धारणानुसार उनका जन्म तेनाली में हुआ था। उनका जन्म नाम गरालपति रामाकृष्णा शर्मा था। उनके पिता गरालपति रामैया तेनाली नगर के रामलिंगेस्वर स्वामी मंदिर में पुरोहित थे। रामैया का निधन रामकृष्ण के बाल्यकाल में ही हो गया था, जिसके पश्चात उनकी माता लक्षम्मा तेनाली नगर लौट कर अपने भाई के साथ रहने लगीं। रामाकृष्णा अपने मामा के नगर में ही बड़े हुये और रामाकृष्णा के नाम से जाने जाने लगे। तेनालीरामा ने बाल्यकाल में कोई औपरचारिक शिक्षा नहीं पाई, परंतु ज्ञान की क्षुधा के कारण वे बाद में प्रकांड विद्वान बनें। एक सुपरिचित लोक कथा के अनुसार शैव होने के नाते तेनालीरामा को वैष्णव विद्वान अपना शिष्य बनाने से इंकार करते रहे। एक बार जब वे मारे मारे फिर रहे थे तब एक मुनि ने उन्हें माँ काली की साधना करने का सुझाव दिया। तेनालीरामा की भक्ति से प्रसन्न हो काली ने उन्हें दर्शन दिये और रामा को दो कटोरे दिए पहले कटोरे में दही था जो धन के लिए था व दूसरे में दूध था जो बुद्भीमता के लिये था। देवी ने रामा को कहा के कोई एक कटोरा लेले तो रामा ने दोनो ही ले लिये जिससे रामा महा-धनवान व महा-बुद्धिमान बना गया।

तेनाली रामाकृष्णा ने हिन्दू धर्म पर रचनायें की हैं। कहा जाता है कि वे मूल रूप से शैव थे और रामलिंग के नाम से जाने जाते थे पर बाद में उन्होंने वैष्णव धर्म अपना कर अपना नाम रामकृष्ण रख लिया।

विजयनगर राज दरबार

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तेनाली रामकृष्ण को राजा कृष्णदेव राय के दरबार में सलाहकार और कवि नियुक्त किया गया था। अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और हास्य के कारण उन्हें “विकटकवि” (हास्य कवि) की उपाधि प्राप्त हुई। वे विजयनगर दरबार के आठ प्रसिद्ध कवियों के समूह अष्टदिग्गजों में से एक थे और कृष्णदेव राय के शासन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए, जहाँ वे विभिन्न मामलों में राजा की सहायता करते थे। वे राजपरिवार और प्रधानमंत्री तिम्मरसु के अत्यंत निकट थे। कृष्णदेव राय के साथ तेनाली राम की लोककथाएँ भारत में बहुत लोकप्रिय हैं, जिनमें उनकी चतुराईपूर्ण कथाएँ तथा अत्यंत विद्वान राजगुरु वेंकट ताताचार्य के साथ उनकी मित्रतापूर्ण प्रतिद्वंद्विता का वर्णन मिलता है, जो रामकृष्ण के अनुशासनहीन और कुछ हद तक आलसी स्वभाव के कारण उत्पन्न होती थीं।

जीवन के आखिरी दिन और मृत्यु

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माना जाता है कि तेनाली रामकृष्ण का निधन 1528 में सर्पदंश के कारण हुआ था, जो राजा कृष्णदेव राय के निधन से लगभग एक वर्ष पूर्व था। यद्यपि उनके अंतिम वर्षों से संबंधित ऐतिहासिक विवरण सीमित हैं, फिर भी कहा जाता है कि उन्होंने राज्य के कार्यों में कृष्णदेवराय की महत्वपूर्ण सहायता की और उन्हें राजा का घनिष्ठ मित्र माना जाता था।

लोकप्रिय कथाओं में

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  • तेनाली रामकृष्ण 1956 में बनी तेलुगु फिल्म है जिसका निर्देशन बी.एस.रंगा ने किया था। यह फिल्म तमिल में भी बनी। दोनों फिल्मों में नन्दमूरि तारक रामाराव ने श्रीकृष्णदेव राय की भूमिका की जबकि तेनालीराम की भूमिका तेलुगु में अक्किनेनी नागेश्वर राव और तमिल में शिवाजी गणेशन ने अदा की।
  • हास्यरत्न रामकृष्ण (फिल्म) 1982 में बनी बी.एस.रंगा द्वारा निर्देशित कन्नड़ फिल्म है, जिसमें अनंत नाग ने रामकृष्ण का अभिनय किया।
  • तेनाली रामा, 1990 में बना दूरदर्शन पर प्रसारित हिन्दी टीवी धारावाहिक है जिसमें विजय कश्यप ने शीर्षक भूमिका अदा की।[1] यह कमला लक्ष्मण की लघु कहानियों पर आधारित था।
  • द एडवेंचर्स ऑफ तेनाली रामा, कार्टून नेटवर्क द्वारा २००३ में निर्मित एनिमेशन धारावाहिक है। [2]
  • राजगुरु और तेनालीराम एक कार्टून कार्यक्रम है जिसमे तेनाली रामा को भी दिखाया गया है।
  • तेनालीरामन (फिल्म) २०१४ की तमिल फिल्म है जिसमें वादीवेलु ने तेनाली और राजा कृष्णदेव राय की दोहरी भूमिका की है।
  • तेनाली रामा (टीवी धारावाहिक, एक टीवी धारावाहिक है जिसका प्रसारण सब टीवी पर हो रहा चुका है, जिसमें कृष्ण भारद्वाज ने मुख्य चरित्र की भूमिका निभाई थी।

इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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  1. "Tenali रामा (TV Series) (1990) - Hindi Serial". fridaycinemas.com. मूल से से 20 जुलाई 2012 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 जुलाई 2017.
  2. The Hindu Online | Adventures of Tenali रामा Archived 2011-07-31 at the वेबैक मशीन Article dated June 20, 2003 by Savitha Gautam, accessed on October 20, 2008