तिलिचो झील

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Tilicho lake.jpg
स्थान Annapurna, Manang, Nepal
निर्देशांक 28°41′30″N 83°51′10″E / 28.69167°N 83.85278°E / 28.69167; 83.85278निर्देशांक: 28°41′30″N 83°51′10″E / 28.69167°N 83.85278°E / 28.69167; 83.85278
झील का प्रकार Glacial lake
अपवहन द्रोणी देश Nepal
अधिकतम लम्बाई 4 कि॰मी॰ (13,000 फीट)
अधिकतम चौड़ाई 1.2 कि॰मी॰ (3,937 फीट 0 इंच)
सतह क्षेत्र 4.8 कि॰मी2 (52,000,000 वर्ग फुट)
औसत गहराई 85 मी॰ (279 फीट)
जल क्षमता 156×10^6 ली (41,000,000 अमेरिकी गैलन) (Fresh Water)
सतह की ऊँचाई 4,919 मी॰ (16,138 फीट)

तिलिचो झील नेपाल के मनांग जिले में स्थित एक ऊंचाई पर पाये जाने वाले झीलों में एक है, यह पोखरा शहर से 55 किलोमीटर (34 मील) की सीधी दूरी पर है। यह 4,919 मीटर (16,138 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है हिमालय की अन्नपूर्णा श्रेणी में और कभी-कभी दुनिया में अपने आकार के लिए सबसे ऊंची झीलों में गिना जाता है, हालांकि नेपाल में और भी ऊंचाई पर झीलें हैं, और तिब्बत में कई बड़ी, ऊंची झीलें हैं। [1] एक अन्य स्रोत तिलिचो झील की ऊंचाई 4,949 मीटर (16,237 फीट) मानते हैं। [2]

नेपाली के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (2003) के अनुसार, झील में कोई जलीय जीव दर्ज नहीं किया गया है। तिलिचो झील अन्नपूर्णा सर्किट ट्रेक के सबसे लोकप्रिय साइड ट्रेक में से एक है। इसमें जाने के लिए अतिरिक्त 3-4 दिन लगते हैं। इसमेें टेन्ट ले जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मानंग और तिलिचो झील के बीच नए लॉज बनाए गए हैं। झील के लिए तिलिचो बेस कैंप लॉज से एक दिन में आया जाया जा सकता है।

अन्नपूर्णा सर्किट पर जाने वाले ट्रेकर्स आमतौर पर मनांग और काली गंडकी घाटियों के बीच 5416 मीटर ऊंचे थॉरॉन्ग ला (पास) दर्रे को पार करते हैं। उत्तर से तिलिचो झील को पार करते हुए एक नया वैकल्पिक मार्ग लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। यह मार्ग थोडा अधिक कठिन है और यहां कम से कम एक रात ठहरने की आवश्यकता होती है। तिलिचो बेस कैंप जो झील के कुछ किलोमीटर पहले और काली गंडकी घाटी में थिनी गाँव के बीच गाँव में के कोई चायघर या लॉज नहीं हैं। अधिकांश समूह इन स्थानों के बीच दो रातें बिताते हैं। थिनी गाँव और जोमसोम की ओर जाने वाले दो मार्ग हैं; मेसोकैंटो ला (पास) और तिलिचो नॉर्थ पास को तिलिचो "टूरिस्ट पास" के रूप में भी जाना जाता है। तिलिचो झील के माध्यम से ये मार्ग थोरोंग ला की तुलना में अधिक बार बर्फ से बंद होते हैं।

तिलिचो झील सबसे ज्यादा ऊंचाई वाली स्कूबा डाइव्स में से एक है। एक रूसी डाइविंग टीम, जिसमें आंद्रेई एंड्रीशिन, डेनिस बकिन और मैक्सिम ग्रेसको शामिल थे, ने 2000 में झील में स्कूबा डाइव का आयोजन किया। [3]

धार्मिक महत्व[संपादित करें]

हिंदुओं का मानना है कि तिलिचो झील महाकाव्य रामायण में उल्लिखित प्राचीन काक भुसुंडी झील है। [4] ऐसा माना जाता है कि ऋषि काक भुशुंडी ने रामायण की घटनाओं को सबसे पहले पक्षियों का राजा गरुड़ को इस झील के पास बताया था। गरुड़ को कथा सुनाते हुए ऋषि ने एक कौवे का रूप धारण किया। कौवा संस्कृत में काक को कहा जाता है, इसलिए ऋषि का नाम काक भुसंडी है।

चारों ओर पहाड़[संपादित करें]

झील के आसपास के पहाड़ खंगसर, मुक्तिनाथ चोटी, नीलगिरि और तिलिचो हैं।

गेलरी[संपादित करें]

यह भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Tilicho Lake Trek". fairstepstours.com. मूल से April 30, 2006 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2006-12-07.
  2. "The Highest Lake in the World". highestlake.com. अभिगमन तिथि 2006-12-07.
  3. "The Highest Lake in the World". higest-lake-world.html. अभिगमन तिथि 2010-03-25.
  4. "Annapurna Circuit Trek with Tilicho Lake | Classic Annapurna Circuit Trek- Ambition". Ambition Himalaya Treks & Expeditions Pvt. Ltd. (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2018-07-17.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]