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तिफिनाग़

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तिफिनाग़
ⵜⴼⵏⵗ / ⵜⵉⴼⵉⵏⴰⵖ
किदाल शहर का प्रवेश। यह नाम तुआरैग तिफिनाग़ (ⴾⴸⵍ, कदल) और रोमन लिपि में लिखा गया है।
प्रकार
दिशादाएँ-से-बाएँ, बाएँ-से-दाएँ, top-to-bottom, bottom-to-top Edit this on Wikidata
भाषाएँबर्बर भाषाएँ
संबंधित लिपि(याँ)
बाल प्रणालियाँ
नियो-तिफिनाग़
ISO 15924
ISO 15924Tfng (), ​Tifinagh (Berber) 120
यूनिकोड
यूनिकोड नाम
Tifinagh
यूनिकोड रेंज
https://www.unicode.org/charts/PDF/U2D30.pdf (नियो-तिफिनाग़ के साथ)
साँचा:Infobox writing system/ipa-note

तिफिनाग़ (बर्बर भाषाएँ: तुआरैग तिफिनाग़: ⵜⴼⵏⵗ; नियो-तिफिनाग़: ⵜⵉⴼⵉⵏⴰⵖ; बर्बर लातिन वर्णमाला: Tifinaɣ; बर्बर उच्चारण: [tifinaɣ]) एक लिपि है जिसका उपयोग बर्बर भाषाओं (तमज़िग्त) को लिखने के लिए किया जाता है। यह प्राचीन लीबियाई-बर्बर वर्णमाला से निकली है।[1]

पारंपरिक तिफिनाग़, जिसे कभी-कभी तुआरैग तिफिनाग़ भी कहा जाता है, सहारा मरुस्थल के तुआरैग लोगों (दक्षिणी अल्जीरिया, उत्तर-पूर्वी माली, उत्तरी नाइजर और उत्तरी बुर्किना फासो) द्वारा तुआरैग भाषाएँ लिखने के लिए आज भी प्रयोग किया जाता है।[2] १९७० के दशक में बर्बर अकादमी द्वारा निर्मित नियो-तिफिनाग़ एक ऐसी वर्णमाला है जो उत्तर अफ्रीका में व्यापक उपयोग के लिए, विशेष रूप से काबिल और अन्य बर्बर बोलियों हेतु, तुआरैग तिफिनाग़ को ढालती है।[3]

तिफिनाग़ लैटिन और अरबी वर्णमाला के साथ तीन प्रमुख प्रतिस्पर्धी बर्बर लेखन प्रणालियों में से एक है। हालांकि, प्रतीकात्मक या सांस्कृतिक उपयोग के अलावा, उत्तरी अफ्रीका में बर्बर भाषा लिखने के लिए लैटिन लिपि ही प्रमुख बनी हुई है।[4][5]

लीबियाई-बर्बर वर्णमाला

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२०२ BCE से २५ BCE के बीच, न्यूमिडिया (उत्तरी अल्जीरिया) और मॉरितेनिया (उत्तरी मोरक्को) के प्राचीन बर्बर राज्यों के अस्तित्व से पहले या उसके दौरान, लीबियाई-बर्बर लिपि (जिसे प्राचीन लीबियाई के रूप में भी जाना जाता है) में कई शिलालेख उत्कीर्ण किए गए थे। लीबियाई-बर्बर लिपि मोरक्को, उत्तरी अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, उत्तरी लीबिया और कैनरी द्वीप समूह में हजारों पत्थरों पर उकेरे गए शिलालेखों में मिलती है।

लीबियाई-बर्बर और तिफिनाग़, दोनों के विकास का सही इतिहास अभी भी साफ नहीं है।[6] तिफिनाग़ लेखन प्रणाली का इस्तेमाल पुराने समय में अफ्रीका और कैनरी द्वीपसमूह में न्यूमिडियाई भाषा (जिसे 'पुरानी लिबियन' भी कहा जाता है) बोलने वाले लोग बड़े पैमाने पर करते थे; इस भाषा को अभी तक पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है। इस लिपि की उत्पत्ति के बारे में निश्चित जानकारी नहीं है; कुछ विद्वानों का मानना ​​है कि यह फोनीशियाई वर्णमाला से जुड़ी है या उसी से विकसित हुई है, जबकि अन्य का तर्क है कि इसका विकास स्वतंत्र रूप से हुआ था, जिसमें फोनीशियाई प्रभाव बहुत कम था।[7] इसके प्रकट होने का समय भी अनिश्चित है, किन्तु यह पहली सहस्राब्दी BCE से प्राचीन नहीं है, और इसके सबसे पुराने अवशेष छठी शताब्दी BCE के होने की संभावना है। आठवीं शताब्दी में अरबों द्वारा मघरेब की विजय के पश्चात यह उत्तरी अफ्रीका के सबसे उत्तरी क्षेत्रों से लुप्त हो गया, जहाँ अरबी लिपि ने लैटिन और लीबियाई-बर्बर दोनों का स्थान ले लिया।

लीबियाई लिपि के दो प्रकार थे। इसका पश्चिमी रूप, जो अपठित है, कबिलिया से मोरक्को और संभवतः कैनरी द्वीप समूह तक भूमध्यसागरीय तट के साथ प्रयोग किया जाता था। पूर्वी रूप का उपयोग कॉन्सटेंटाइन, ऑरेस और ट्यूनीशिया में होता था। प्यूनिक-लीबियाई द्विभाषी शिलालेखों के कारण पूर्वी रूप के २४ में से २२ अक्षरों को समझ लिया गया है।[8]

सहारन तिफिनाग़

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ऍण्ड्रीज़ (२००४) ने विकास के एक अतिरिक्त चरण की पहचान की है जिसे "सहारा तिफिनाग़" (tifinaghe saharien) कहा जाता है। वह रिपोर्ट करते हैं कि इस विविधता को लिबिको-बर्बर (libyco-berbère) या पुराना तुआरैग (touareg ancien) के रूप में भी जाना जाता है; इससे ऊपर के खंड में "लीबियाई-बर्बर" शब्द के उपयोग पर संदेह उत्तपन होगा।[8]

इस चरण में लीबियाई की अपेक्षा कुछ नए वर्ण दिखते हैं, विशेष रूप से अंतिम स्वर /a/ को दर्शाने वाली एक ऊर्ध्वाधर रेखा। इसका प्रयोग प्राचीन तुआरैग लिखने में होता था, पर यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इस पद्धति के नवीनतम अभिलेख संभवतः दो सौ वर्ष पुराने हैं।[8]

तिफिनाग़ के पहले प्रयोगों शैलचित्रों और विभिन्न समाधियों में पाए गए हैं। इनमें तुआरैग मातृसत्तात्मक शासक टिन हिनन का १,५०० वर्ष पुराना भव्य मक़बरा भी सम्मिलित है, जिसकी एक दीवार पर तिफिनाग़ अभिलेख के अवशेष मिले हैं।[9]

तुआरैग तिफिनाग़

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सहारन लिपि तुआरैग तिफिनाग़ लिपियों में विकसित हुई।[10] मघरेब की अरब विजय के बाद, उत्तरी क्षेत्रों में तिफिनाग़ का प्रयोग लगभग समाप्त हो गया, परंतु सहारा में तुआरैग तिफिनाग़ का प्रयोग बना रहा, और इसके प्रतीक आज भी बुनाई, कुम्हारी और आभूषण जैसे शिल्पों में उपयोग किए जाते हैं।[11]

तुआरैग तिफिनाग़ में चिह्नों के आकार और संख्या में कुछ अंतर है, लेकिन यह अंतर इतना कम है कि इससे आपसी समझ पर कोई असर नहीं पड़ता।[8]

कभी-कभी, इस लिपि का इस्तेमाल आस-पास की दूसरी भाषाओं, जैसे कि तगदल (जो अलग सोंघे परिवार से जुड़ी है), को लिखने के लिए भी किया गया है।

तुआरैग तिफिनाग़

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तुआरैग की एक नहीं, बल्कि कई लिपियाँ हैं, और प्रत्येक अक्षर के लिए थोड़ा अलग चिह्न है।

तुआरैग तिफिनाग़
बर्बर

लातिन

अ॰

ध्व॰ लि॰

अहग्गर घत अयर अज़वग़ अद्रर
a a ⴰ ⴰ ⴰ ⴰ ⴰ
b b ⵀ ⵀ ⵀ ⵀ ⵀ
d d ⴸ ⴸ ⴹ ⴹ ⴸ
ḍ dˤ ⴹ ⴹ ⴹ
f f ⴼ ⴼ ⴼ ⴼ ⵊ
g g ⴳ ⴶ ⴶ ⴶ ⴶ
ġ ɟ ⴶ ⵊ ⵘ
h h ⵂ ⵂ ⵂ ⵂ ⵂ
x x ⵆ ⵆ ⵂ ⵆ ⵆ
k k ⴾ ⴾ ⴾ ⴾ ⴾ
l l ⵍ ⵍ ⵍ ⵍ ⵍ
m m ⵎ ⵎ ⵎ ⵎ ⵎ
n n ⵏ ⵏ ⵏ ⵏ ⵏ
ñ ɲ ⵐ
ng ŋ ⵑ
q q ⵈ ⵈ ⵗ ⵆ ⵈ
ɣ/gh ɣ ⵗ ⵗ ⵘ ⵗ ⵗ
r r ⵔ ⵔ ⵔ ⵔ ⵔ
s s ⵙ ⵙ ⵙ ⵙ ⵙ
š ʃ ⵛ ⵛ ⵛ ⵛ 𐌚
t t ⵜ ⵜ ⵜ ⵜ ⵜ
ṭ tˤ ⵟ ⵟ
w w ⵓ ⵓ ⵓ ⵓ ⵓ
y j ⵢ ⵉ ⵉ ⵢ ⵉ
z z ⵣ ⵌ ⵣ ⵣ ⵋ
ẓ zˤ ⵌ ⵣ ⵣ ⵌ
ž/j ʒ ⵋ ⵌ ⵌ ⵣ

सन्दर्भ

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  1. ↑ LBI - LIBYCO-BERBER INSCRIPTIONS ON-LINE DATABASE. "LBI - Libyco-Berber Inscriptions: Script". www.institutum-canarium.org. मूल से से 6 अक्तूबर 2025 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2026-09-08.
  2. ↑ Camps, G.; Claudot-Hawad, H.; Chaker, S.; Abrous, D. (जनवरी १९९६). "Écriture". Encyclopédie berbère (फ़्रेंच भाषा में) (17). Éditions Peeters: 2564–2585. डीओआई:10.4000/encyclopedieberbere.2125. आईएसएसएन 1015-7344.
  3. ↑ "The Berber identity movement and the challenge to North African states". search.worldcat.org (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-09-08.
  4. ↑ Soulaimani, Dris (2016-01-02). "Writing and rewriting Amazigh/Berber identity: Orthographies and language ideologies". Writing Systems Research. 8 (1). Routledge: 1–16. डीओआई:10.1080/17586801.2015.1023176. आईएसएसएन 1758-6801.
  5. ↑ "Which Script for Tamazight, Whose Choice is it ? - TAMAZGHA le site berbériste". www.tamazgha.fr. मूल से से 6 मार्च 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2026-09-08.
  6. ↑ Millard, Alan Ralph; Bienkowski, Piotr; Mee, C. B.; Slater, E. A. (2005-10-27). Writing and Ancient Near East Society: Essays in Honor of Alan Millard (अंग्रेज़ी भाषा में). Bloomsbury Publishing USA. ISBN 978-0-567-02691-0.
  7. ↑ Suleiman, Yasir (1996). Language and Identity in the Middle East and North Africa (अंग्रेज़ी भाषा में). Psychology Press. ISBN 978-0-7007-0410-1.
  8. 1 2 3 4 ऍण्ड्रीज़, PA. "Proposition d'ajout de l'écriture tifinaghe. Organisation internationale de normalisation (तिफिनाग़ लिपि को जोड़ने का प्रस्ताव। अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण के लिए संगठन।)" (PDF). Jeu universel des caractères codés sur octets (JUC) [वैश्विक कोडेड कैरेक्टर सेट (वै० को० कै० से०)].
  9. ↑ Briggs, L. Cabot (1957). "19. A Review of the Physical Anthropology of the Sahara and Its Prehistoric Implications". Man. 57. [Wiley, Royal Anthropological Institute of Great Britain and Ireland]: 20–23. डीओआई:10.2307/2793877. आईएसएसएन 0025-1496.
  10. ↑ "Pluricentric Languages in Africa and in Other Regions of the World – PCL-PRESS" (जर्मन भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-09-08.
  11. ↑ Anglade, Eric (2026-08-19). "The Tifinagh, the Berber singularity engraved in time". sudestmaroc.com (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-09-08.