तरंग संचरण

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

जिस किसी तरह से तरंग का संचरण सम्भव है उन्हें तरंग संचरण (Wave propagation) कहते हैं।

तरंग के संचरण की दिशा तथा उसके सापेक्ष कम्पन की दिशा के आधार पर तरंगें दो तरह की होतीं है- अनुप्रस्थ तरंग (longitudinal wave) तथा अनुदैर्घ्य तरंग (transverse waves)।

विद्युतचुम्बकीय तरंगें अन्य माध्यमों के अलावा निर्वात में भी संचरित हो सकतीं हैं जबकि यांत्रिक तरंगें (जैसे ध्वनि) के संचरण के लिये कोई माध्यम आवश्यक है। इनका संचरण निर्वात में नहीं हो सकता।


सन्दर्भ[संपादित करें]