तकनीकी मानक

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

किसी तकनीकी तंत्र, प्रक्रम, सेवा या उत्पाद के बारे में निर्धारित आवश्यक मापदण्ड को तकनीकी मानक (technical standard) कहा जाता है। तकनीकी मानक प्रायः एक दस्तावेज (डॉक्युमेन्ट) के रूप में होते हैं। तकनीकी मानक वस्तुतः एकसमान इन्जीनियरी मानदण्ड, विधि, प्रक्रम या व्यवहार (practices) का प्रचलन करने के ध्येय से बनाये जाते हैं जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा होती है एवं अन्य लाभ भी होते हैं।

प्रकार[संपादित करें]

इतिहास[संपादित करें]

भौतिक विज्ञानों मे मानक का आविर्भाव[संपादित करें]

उद्योग, अर्थव्यवस्था एवं सेवाओं में मानकीकरण का प्रसार[संपादित करें]

मानविकी के क्षेत्र में मानकीकरण का प्रसार[संपादित करें]

भाषा के क्षेत्र में व्याकरण एक प्रकार के मानक का उदाहरन है। आजकल मानविकी के विभिन्न क्षेत्रों में मानकीकरण देखा जा सकता है।

मानकीकरण के उद्देश्य[संपादित करें]

  • औद्योगिक उत्पादों की अदला-बदली सुनिश्चित हो सकती है।
  • उत्पाद की गुणवत्ता
  • उत्पाद को डिजाइन करने एवं विकसित करने में कम समय व लागत लगती है।
  • अनावश्यक रूप से मनमाने आकार-प्रकार एवं माप के उत्पाद बनाने पर रोक
  • सुरक्षा
  • चुनने, खरीदने एवं उपयोग करने में सुविधा

मानकीकरण संस्थान[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]