डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल

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गिरिराजशरण अग्रवाल (डॉ॰) (जन्म:१४ जुलाई १९४४) हिन्दी भाषा के गद्य एवं पद्यकार हैं। इनका जन्म १४ जुलाई १९४४ को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सम्भल नामक कस्बे में हुआ था। इनके पिता का नाम रघुराजशरण अग्रवाल एवं माता का नाम कमलादेवी है। आरम्भिक शिक्षा उपरान्त इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से कला स्नातकोत्तर एवं पी॰एचडी॰ किया था।

डॉ॰गिरिराजशरण अग्रवाल
Giriraj Sharan Agarwal.jpg
११वें विश्व हिन्दी सम्मेलन, मॉरीशस में लिया गया चित्र
जन्म: १४ जुलाई, १९४४
सम्भल, उत्तर प्रदेश, भारत
कार्यक्षेत्र: शिक्षक, लेखक
राष्ट्रीयता:भारतीय
भाषा:हिन्दी
काल:आधुनिक काल
विधा:गद्य और पद्य
विषय:गज़ल, गीत, नाटक व बाल साहित्य
प्रमुख कृति(याँ):शोध सन्दर्भ (६ भाग),
गिरिराजशरण अग्रवाल रचनावली (११ भाग)


व्यावसायिक रूप से ये रीडर एवं अध्यक्ष, स्नातकोत्तर हिन्दी एवं शोध विभाग, वर्धमान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिजनौर (उ.प्र.) से जुड़े रहे हैं। इनकी प्रमुख विधाएँ गीत, ग़ज़ल, कहानी, एकांकी, निबन्ध, हास्य-व्यंग्य, बालसाहित्य एवं समालोचना। कुछ मुख्य कइतियों में पहली पुस्तक 'तीर और तरंग' नाम से 1964 में प्रकाशित हुई। इसमें जनपद मुरादाबाद के काव्यकारों का परिचयात्मक विवरण, उनकी रचनाओं सहित दिया गया था।

कृतियाँ व ग्रन्थ[संपादित करें]

मौलिक कृतियाँ[संपादित करें]

सन्नाटे में गूँज (ग़ज़लें, 1987), नीली आँखें और अन्य एकांकी (1994), जिज्ञासा और अन्य कहानियाँ (1994), बाबू झोलानाथ (व्यंग्य, 1994), समय एक नाटक (ललित निबन्ध, 1994), बच्चों के शिक्षाप्रद नाटक (1994), भीतर शोर बहुत है (ग़ज़लें, 1996), राजनीति में गिरगिटवाद (व्यंग्य, 1997), दंगे : क्यों और कैसे (1996), विश्व आतंकवाद : क्यों और कैसे (1997), हिंदी पत्रकारिता : विविध आयाम (1997); आओ अतीत में चलें (1998), मानवाधिकार : दशा और दिशा (1998), ग़ज़ल और उसका व्याकरण (1999), मौसम बदल गया कितना (ग़ज़लें 1999), बच्चों के हास्य-नाटक (2000), बच्चों के रोचक नाटक (2000), ग्यारह नुक्कड़ नाटक (2000), नारी : कल और आज (2001), पर्यावरण : दशा और दिशा (2002), हिंसा : कैसा-कैसी (2003), रोशनी बनकर जिओ (ग़ज़लें, 2003); वादविवाद प्रतियागिता : पक्ष और विपक्ष (2004), मंचीय व्यंग्य एकांकी (2004), मेरे इक्यावन व्यंग्य (2005), शिकायत न करो तुम (ग़ज़लें, 2006), अक्षर हूं मैं (काव्य 2008), मेरी हास्य-व्यंग्य कविताएँ (2008), आदमी है कहाँ (ग़ज़ल संग्रह 2010)।

सम्पादित ग्रन्थ[संपादित करें]

तुलसी मानस सन्दर्भ, सूरसाहित्य सन्दर्भ, शोध-सन्दर्भ : एक (1980), शोध-सन्दर्भ : दो (1986), शोध-सन्दर्भ : तीन (1993), शोध-सन्दर्भ : चार (2004), शोध-सन्दर्भ : पाँच (2010) हिन्दी साहित्यकार सन्दर्भ, सन्दर्भ अशोक चक्रधर एवं हिन्दी साहित्यकार सन्दर्भ कोश (भाग-दो) डॉ॰ मीना अग्रवाल के साथ (2006)।

विचार-सार[संपादित करें]

गान्धी ने कहा था, पटेल ने कहा था, तिलक ने कहा था, नेहरू ने कहा था, अरविन्द ने कहा था, विवेकानन्द ने कहा था, सुभाष ने कहा था, लाला लाजपत राय ने कहा था ; मैं गान्धी बोल रहा हूँ, मैं पटेल बोल रहा हूँ, मैं तिलक बोल रहा हूँ, मैं नेहरू बोल रहा हूँ, मैं अरविन्द बोल रहा हूँ, मैं विवेकानन्द बोल रहा हूँ, मैं सुभाष बोल रहा हूँ, मैं लाला लाजपत राय बोल रहा हूँ (सभी प्रतिभा प्रतिष्ठान, दिल्ली द्वारा प्रकाशित); इन्दिरा गान्धी ने कहा था (डायमण्ड पाकेट बुक्स, दिल्ली द्वारा प्रकाशित)।

कहानियाँ[संपादित करें]

शिक्षा-जगत् की कहानियाँ, बाल्यजीवन की कहानियाँ, युवा विद्रोह की कहानियाँ, वृद्धावस्था की कहानियाँ, सांप्रदायिक सद्भाव की कहानियाँ, ग्राम्य जीवन की कहानियाँ, महानगर की कहानियाँ, दलित जीवन की कहानियाँ, नारी उत्पीड़न की कहानियाँ, विकलांग जीवन की कहानियाँ, कार्यालय जीवन की कहानियाँ (सभी प्रभात प्रकाशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित)।

एकांकी[संपादित करें]

न्याय-अन्याय के एकांकी, युवा-मानस के एकांकी, सामाजिक मूल्यों के एकांकी, सांस्कृतिक गौरव के एकांकी, राष्ट्रीय एकता के एकांकी, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के एकांकी, कार्यालय जीवन के एकांकी, अंधविश्वास-विरोध के एकांकी, पारिवारिक सम्बन्धों के एकांकी, राजनीतिक परिवेश के एकांकी (प्रभात प्रकाशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित)।

व्यंग्य[संपादित करें]

शिक्षा-व्यवस्था पर व्यंग्य, चिकित्सा-व्यवस्था पर व्यंग्य, पुलिस-व्यवस्था पर व्यंग्य, न्याय-व्यवस्था पर व्यंग्य, सामाजिक व्यवस्था पर व्यंग्य, कार्यालयीन व्यवस्था पर व्यंग्य, राजनीतिक परिवेश पर व्यंग्य, पारिवारिक जीवन के व्यंग्य, साहित्यिक परिवेश के व्यंग्य, मानव चरित्र के व्यंग्य, श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य कविताएँ, श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य निबंध, श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य कहानियाँ, श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य एकांकी, काका हाथरसी हास्य रचनावली (पाँच भाग)(प्रभात प्रकाशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित); पिछले दशक के श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य एकांकी, पिछले दशक की श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य कविताएँ, पिछले दशक की श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य कहानियाँ, चुनी हुई हास्य कविताएँ (हिन्दी साहित्य निकेतन द्वारा प्रकाशित); 1984 से 2004 तक प्रति वर्ष की श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य रचनाएँ (बाईस खंड) (हिन्दी साहित्य निकेतन, बिजनौर एवं डायमण्ड पाकेट बुक्स, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित)।

अन्य विधाओं की पुस्तकें[संपादित करें]

अभिनन्दन ग्रन्थ: काका हाथरसी अभिनन्दन ग्रन्थ (काका हाथरसी अभिनन्दन ग्रन्थ समिति द्वारा प्रकाशित)।

बाल-साहित्य: इनसे प्रेरणा लें : विवेकानन्द, महात्मा बुद्ध, महावीर स्वामी, लाला लाजपत राय, लोकमान्य तिलक, सुभाषचन्द्र बोस, सरदार पटेल (डायमण्ड पब्लिकेशंस प्रा.लि. द्वारा प्रकाशित); पंचतन्त्र की रोचक कहानियाँ, पंचतन्त्र की प्रेरक कहानियाँ, पंचतन्त्र की मनोरंजक कहानियाँ, पंचतन्त्र की शिक्षाप्रद कहानियाँ, हितोपदेश की रोचक कहानियाँ, हितोपदेश की प्रेरक कहानियाँ, हितोपदेश की मनोरंजक कहानियाँ, हितोपदेश की शिक्षाप्रद कहानियाँ, मनोरंजक जातक कथाएँ, रोचक जातक कथाएँ, शिक्षाप्रद जातक कथाएँ, प्रेरक जातक कथाएँ, भारत के गौरव, बच्चों के अनुपम नाटक, बच्चों के उत्तम नाटक, भारतीय गौरव के बाल नाटक, प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित नाटक।

भक्ति साहित्य: प्रेमदीवानी मीरा, महात्मा कबीर, गुरु नानकदेव (डायमण्ड पब्लिकेशंस प्रा.लि. द्वारा प्रकाशित)।

कोश-साहित्य: अंग्रेज़ी-हिन्दी कोश, अंग्रेज़ी-अंग्रेज़ी-हिन्दी कोश, हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश, हिन्दी शब्दकोश, अंग्रेज़ी-अंग्रेज़ी कोश, हिन्दी समानान्तर कोश (डायमण्ड पब्लिकेशंस प्रा.लि. द्वारा प्रकाशित)।

अन्य पुस्तकें[संपादित करें]

हिन्दी की सर्वश्रेष्ठ ग़ज़लें, हिंदी रूबाइयाँ और मुक्तक, काका हाथरसी की विशिष्ट रचनाएँ, हिन्दी ग़ज़ल-यात्रा (दो भाग) (हिन्दी साहित्य निकेतन, बिजनौर द्वारा प्रकाशित), काका की पाती (2004)।

प्रमुख दायित्व[संपादित करें]

पत्रकारिता : प्रधान संपादक 'शोध दिशा' (त्रैमासिक)।

विशिष्ट प्रतिनिधि (बिजनौर एवं दिल्ली) चिंगारी (हिंदी दैनिक)।

संरक्षक, उ.प्र. श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (पंजीकृत), शाखा बिजनौर।

संस्था-संबद्धता : सचिव, हिंदी साहित्य निकेतन, बिजनौर।

निदेशक, शोध संस्थान बिजनौर।

पूर्व मंडलाध्यक्ष, रोटरी अंतर्राष्ट्रीय मंडल 3100 (2001-2002)

चेयरमैन, मंडलीय पोलियो प्लस समिति, रोटरी मंडल 3100 (2002-2003)

मंत्री, जिला अपराध निरोधक कमेटी, बिजनौर।

सदस्य, जिला मानवाधिकार समिति, बिजनौर।

अध्यक्ष, के.एल. बाल उपवन (बाल शिक्षण संस्थान) बिजनौर।

सदस्य, भारतीय हिंदी परिषद् इलाहाबाद (उ.प्र.)।

आजीवन सदस्य, अखिल भारतीय हिंदी प्रकाशक संघ, दिल्ली।

पूर्व उपाध्यक्ष एवं सदस्य, इंटरनेशनल गुडविल सोसायटी ऑफ इंडिया, बिजनौर चैप्टर।

पूर्व सचिव, काका हाथरसी हास्य पुरस्कार ट्रस्ट, हाथरस (उ.प्र)

शोध-प्रबन्ध[संपादित करें]

  • हिंदी-ग़ज़ल का उद्भव और विकास : गिरिराजशरण अग्रवाल का योगदान, एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली (डॉ॰ श्रीमती पूनम अग्रवाल); शोध-निदेशक डॉ॰ विजयलक्ष्मी अग्रवाल, रीडर एवं अध्यक्ष हिंदी विभाग, सौभाग्यवती दानी महिला महाविद्यालय, धामपुर (उ.प्र.)

साठोत्तरी हिंदी-गज़ल और डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल का गज़ल-साहित्य, चौ. चरणसिंह मेरठ विश्वविद्यालय, मेरठ (अनिलकुमार शर्मा); शोध-निदेशक डॉ॰ महेश चंद्र, रीडर हिंदी विभाग, मेरठ कालेज, मेरठ (उ.प्र.)

  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल : रचनाधर्मिता के विविध आयाम, एक मूल्यांकन; चौ. चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ (उ.प्र.) (श्रीमती अर्चना सिंह); शोध-निदेशक डॉ॰ (श्रीमती) अनिल कुमारी, रीडर हिंदी विभाग, मेरठ कालेज, मेरठ (उ.प्र.)
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल : व्यक्ति और साहित्य; विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.) (डॉ॰हरीशकुमार सिंह); शोध-निदेशक डॉ॰ हरिमोहन बुधौलिया, प्रो॰ एवं अध्यक्ष हिंदी विभाग, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल : रचनाधर्मिता का मूल्यांकन; हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर (उत्तरांचल) (कुमारी ज्योति श्रीवास्तव); शोध-निदेशक डॉ॰ (श्रीमती) कमलेश शर्मा, रीडर एवं अध्यक्ष हिंदी विभाग, बी.एस.एम. कालेज, रुड़की (उत्तरांचल)
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल के काव्य में सौंदर्य एवं प्रेम-निरूपण; चौ. चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ (उ.प्र.) (श्रीमती नीनू); शोध-निदेशक

डॉ॰ (श्रीमती) शशिबाला अग्रवाल, रीडर हिंदी विभाग, कनोहरलाल स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ (उ.प्र.)

  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल के नाटकों में युगबोध; चौ. चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ (उ.प्र.) 2010 (श्रीमती शकुंतला); शोध-निदेशक डॉ॰ (श्रीमती) उर्मिला अग्रवाल, प्राचार्या एवं अध्यक्षा हिंदी विभाग, स्माइल नेशनल महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मेरठ (उ.प्र.)
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल के साहित्य में जीवनमूल्य, एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली (कु.हेमलता देवी); शोध-निदेशक डॉ॰ शंकरलाल शर्मा, रीडर एवं अध्यक्ष हिंदी विभाग, आर.एस.एम. (पीजी.) कालेज, धामपुर (उ.प्र.)
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल के साहित्य में व्यंग्य, चौ. चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ (उ.प्र.) (श्री आदर्श कुमार); शोध-निदेशक डॉ॰ (श्रीमती) शशिप्रभा त्यागी, प्राचार्या एवं अध्यक्षा हिंदी विभाग, ए.के.पी. (पी.जी.) कालेज, खुर्जा (उ.प्र.)
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल के साहित्य में भाषिक हास्य व्यंग्य, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास, 2011 (वी जयलक्ष्मी), शोध निदेशक डॉ निर्मला एस मौर्य, अध्यक्ष उच्च शिक्षा एवं शोध संस्थान दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, मद्रास
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल के साहित्य में व्यंग्य के विविध आयाम, एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली 2010 (कु. स्नेहलता); शोध-निदेशक डॉ॰ मुनीशप्रकाश अग्रवाल, रीडर हिंदी विभाग, वर्धमान पी.जी कालेज, बिजनौर (उ.प्र.)
  • लघुप्रबंध : हिंदी-ग़ज़लसाहित्य में डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल एवं उनका योगदान, एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली 1997, (कु. शैली मनोहर);
  • हिंदी-ग़ज़ल की विकास-यात्रा और डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल का योगदान, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल 1999 (निशांतकुमार सिंह);
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल का नाट्यसाहित्य : एक विहंगावलोकन, एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली 2001 (कु. करुणा शर्मा);
  • डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल के ग़ज़ल-संग्रह 'रोशनी बनकर जिओ' में आशावाद के स्वर, हेमवतीनंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय, श्रीनगर, 2004 (कु. प्रवेश अग्रवाल);
  • मौरिशस विश्वविद्यालय में गिरिराजशरण अग्रवाल की बाल-कहानियों, नारी-जीवन की कहानियों पर लघु शोधकार्य संपन्न।

शोध-निदेशन[संपादित करें]

डॉ॰ (श्रीमती) सुषमा त्रिगुणायत; रामचरितमानस में संस्कृत ग्रंथों से अनूदित अंश और उनमें तुलसी की कारयित्री प्रतिभा का योगदान (1985);

डॉ॰ मनोज डबराल; वव्र ोक्ति सिद्धांत की दृष्टि से प्रसाद के नाट्यसाहित्य का अध्ययन (1985);

डॉ॰ मुनीशप्रकाश अग्रवाल; अष्टछाप साहित्य में भौगोलिक स्थानों का अनुशीलन (1986);

डॉ॰ गजेंद्रसिंह; भारतीय काव्यशास्त्र की दृष्टि से प्रसाद के कथासाहित्य का अध्ययन (1988)

डॉ॰ (श्रीमती) मिथिलेश माहेश्वरी; हिंदी की हास्य-व्यंग्य काव्यधारा और काका हाथरसी का हास्य-व्यंग्य साहित्य (1989);

डॉ॰ (श्रीमती) रेखा जैन; हिंदी के कथासाहित्य में दलित वर्ग की समस्या (1990);

डॉ॰ (श्रीमती) अल्पना डबराल; रीति-सिद्धांत की दृष्टि से बच्चन के काव्यसाहित्य का अध्ययन (1990);

डॉ॰ अशोक चक्रधर; गजानन माधव मुक्तिबोध की कविताओं की रचना-प्रक्रिया और अर्थ- प्रक्रिया (1991);

डॉ॰ मनोजकुमार; स्वातंत्र्योत्तर हिंदी कहानियों में सांप्रदायिकता विरोधी चेतना (1997);

डॉ॰ अशोककुमार; बिजनौर जनपद के आधुनिककालीन साहित्यकार (2000);

डॉ॰ पारुल अग्रवाल; समस्यामूलक उपन्यास : परंपरा और भगवतीचरण वर्मा (2001);

डॉ॰ (श्रीमती) शशि प्रभा; शिक्षा की समस्याएँ और हिंदी-कथासाहित्य में उनकी अभिव्यक्ति (2001);

डॉ॰ निशांतकेतु; हिंदी-ग़ज़ल के विकास में रुहेलखंड के स्वातंत्र्योत्तर प्रमुख ग़ज़लकारों की भूमिका (2005);

श्रीमती मोनिका भटनागर; राष्ट्रीयता की अवधारणा और उसके संदर्भ में श्री चिरंजीत के नाट्य साहित्य का अध्ययन (2007)

पुरस्कार-सम्मान[संपादित करें]

उ.प्र. युवा साहित्यकार संघ द्वारा 'सरस्वतीश्री' (1982);

तुलसी पीठ कासगंज द्वारा 'विद्यावारिधि' (1984);

विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ गांधीनगर द्वारा 'विद्यासागर' (1984);

रोटरी अंतर्राष्ट्रीय द्वारा अनुशंसा पुरस्कार (1984);

अखिल भारतीय टेपा सम्मेलन, उज्जैन द्वारा सम्मानित (1992);

हिंदी अंतर्राष्ट्रीय विकास प्रवर्तक लंदन की हाथरस शाखा के तत्त्वावधान में अभिनंदन (1992);

व्यंग्य कृति 'बाबू झोलानाथ' पर उ.प्र. हिंदी संस्थान लखनऊ का अनुशंसा पुरस्कार (1996);

व्यंग्य कृति 'राजनीति में गिरगिटवाद' पर उ.प्र. हिंदी संस्थान लखनऊ का अनुशंसा पुरस्कार (1997);

उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन के हीरक जयंती समारोह में 'अभिव्यंजना' (उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन की इकाई) द्वारा विशिष्ट सम्मान (1997);

मानवाधिकार : दशा और दिशा पुस्तक पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली (भारत सरकार) का प्रथम पुरस्कार (1998);

डॉ॰ रत्नलाल शर्मा स्मृति न्यास, दिल्ली का श्रीमती रतन शर्मा बालसाहित्य पुरस्कार (1999);

सहस्राब्दी विश्व हिंदी सम्मेलन द्वारा 'राष्ट्रीय हिंदीसेवी सहस्राब्दी सम्मान' (2000);

'आओ अतीत में चलें' पुस्तक पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का सूर पुरस्कार (2001);

अखिल भारतीय साहित्य कला मंच द्वारा सम्मान (2001);

'समन्वय' सहारनपुर द्वारा सारस्वत सम्मान (2003)

'मंचीय व्यंग्य एकांकी' पुस्तक पर 10,000 रुपए का राष्ट्रधर्म गौरव सम्मान (2005)

उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनउ द्वारा 100,000 (एक लाख रुपए) का 'साहित्य भूषण' सम्मान 2008

केंद्रीय हिंदी निदेशालय (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) नई दिल्ली का एक लाख रुपए का 'शिक्षा पुरस्कार' 2008

पता[संपादित करें]

16 साहित्य विहार, बिजनौर (उ.प्र.) 246701 दूरभाष : 01342- 263232; 094127-12789

इन्हें भी देखें[संपादित करें]