डेहरी आन सोन

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
डेहरी आन सोन
Dehri on Sone
डेहरी आन सोन की बिहार के मानचित्र पर अवस्थिति
डेहरी आन सोन
डेहरी आन सोन
बिहार में स्थिति
निर्देशांक: 24°52′N 84°11′E / 24.87°N 84.18°E / 24.87; 84.18निर्देशांक: 24°52′N 84°11′E / 24.87°N 84.18°E / 24.87; 84.18
ज़िलारोहतास ज़िला
प्रान्तबिहार
देशFlag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011)
 • कुल1,37,231
भाषाएँ
 • प्रचलितहिन्दी, मगही

डेहरी आन सोन (Dehri on Sone), जिसे डेहरी (Dehri) भी कहा जाता है, भारत के बिहार राज्य के रोहतास ज़िले में स्थित एक नगर है। यह सोन नदी के बाएँ किनारे पर ग्रैंड ट्रंक रोड पर बसा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग ११९ का एक अन्त यहाँ स्थित है।[1][2]

विवरण[संपादित करें]

यहाँ यातायात की भरमार और सरकारी कार्यालयों की बहुलता है। व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र होने से यह नगर सा जान पड़ता है। यहाँ सोन नदी पर बाँध बाँधकर नहरें निकाली गई हैं। नहरों के कारण स्थान की रमणीयता बढ़ गई है। जहाँ से नहर निकाली है उसके पास ही 'अपलैंड पार्क' नामक एक सुंदर उद्यान लगा है। यहाँ वर्ष में दो उल्लेखनीय मेले लगते हैं - एक माघ संक्रांति के अवसर पर, दूसरा कार्तिक में छठ के अवसर पर। छठवाला मेला कुछ घंटों के लिए ही लगता है पर 15-20 मीलों से स्त्री-पुरुष, बच्चे बूढ़े, रंग बिरंगी पोशाक पहनकर हजारों की संख्या में एकत्र होते हैं। डिहरी-ऑन-सोन स्वास्थ्यकर स्थान है, यहाँ जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक दृश्यों की छटा देखने के लिए हजारों व्यक्ति प्रतिवर्ष, विशेषत: अक्टूबर से मार्च के बीच, आते हैं।

डिहरी-ऑन-सोन की प्रसिद्धि उत्तर में बसे डालमियानगर के कारण बढ़ गयी है। डालमियानगर में चीनी, कागज, सीमेंट, वनस्पति घी, दाहक सोडा आदि के निर्माण के कारखाने हैं, जिनमें हजारों व्यक्ति काम करते हैं। इनकी सुविधा के लिए अनेक वासस्थान, क्वार्टर, अस्पताल, स्कूल, खेल के मैदान आदि बने हैं। यहाँ से लगभग 12 मील पश्चिम में सासाराम नामक स्थान है, जहाँ शेर शाह सूरी का मकबरा स्थित है। इसके 30 मील दक्षिण में सोन नदी के बहाव पर पहाड़ी पर स्थित रोहतास गढ़ का प्राचीन और मजबूत किला है। ऐसा कहा जाता है कि राजा सत्य हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व ने इसे बनवाया था। यह बहुत दिनों तक हिन्दू राजाओं के अधिकार में रहा किंतु 16वीं सदी में मुसलमानों के अधिकार में चला गया और अनेक वर्षों तक उनके अधीन रहा।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
  2. "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810