डेजा वू
डेजा वू एक ऐसा अनुभव है जिसमें व्यक्ति को लगता है कि वह वर्तमान स्थिति को पहले भी जी चुका है।[1] यह याददाश्त का एक भ्रम है जिसमें किसी चीज़ को याद करने का पक्का एहसास होने के बावजूद पिछले अनुभव का समय, जगह और संदर्भ अनिश्चित या असंभव होते हैं। यह घटना कभी-कभी दौरे के आभास के लक्षण के रूप में प्रकट होती है और कुछ शोधकर्ताओं ने पुरानी या बार-बार होने वाली पैथोलॉजिकल डेजा वू को तंत्रिका संबंधी या मनोविकार संबंधी बीमारी से जोड़ा है। अक्सर जो लोग यात्रा करते हैं फिल्में देखते हैं या अक्सर अपने सपने याद रखते हैं उनमें दूसरों की तुलना में डेजा वू का अनुभव होने की संभावना ज़्यादा होती है।
इतिहास
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1876 में इस शब्द का प्रयोग सबसे पहले फ्रांसीसी दार्शनिक एमिल बोइराक ने अपनी किताब लावेनिर डेस साइंसेज साइकिक्स में डेजा वू की अनुभूति का ज़िक्र किया था।[2] डेजा वू को एमिल ने स्मृतियों के स्मरण के रूप में प्रस्तुत किया है।
चिकित्सीय विकार
[संपादित करें]डेजा वू का संबंध टेम्पोरल लोब एपिलेप्सी से है।[3] यह अनुभव दिमाग में होने वाली मिर्गी जैसी वैद्युतिक निस्सरण से जुड़ी एक तंत्रिका संबंधी असामान्य स्थिति है जिससे यह तीव्र एहसास होता है कि जो घटना या अनुभव अभी हो रहा है वह पहले भी हो चुका है। प्रारंभिक शोधकर्ताओं ने डेजा वू और मानसिक विकारों जैसे चिंता, बहुव्यक्तित्व विकार और सिज़ोफ्रेनिया के बीच एक संबंध स्थापित करने की कोशिश की लेकिन किसी भी नैदानिक मूल्य के सहसंबंध खोजने में विफल रहे।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "डेजा वू". ब्रिटानिका (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 20 जून 2026.
- ↑ "प्रोबिंग क्वेश्चन: व्हाट कॉजेज़ डेजा वू?". www.psu.edu. 2 फरवरी 2010. अभिगमन तिथि: 20 जून 2026.
- ↑ "व्हाट इस डेजा वू?". science.howstuffworks.com. अभिगमन तिथि: 20 जून 2026.