डेगन एच
| यह लेख लार्ज लैंग्वेज मॉडल से लिखा हुआ हो सकता है। (जुलाई 2026) |
| तिथि | 3 सितम्बर 1967 |
|---|---|
| अवस्थिति | स्वीडन |
| प्रतिभागी | स्वीडिश सरकार, राष्ट्रीय यातायात पुलिस और आम नागरिक |
| परिणाम | स्वीडन में सड़क यातायात सफलतापूर्वक बाईं ओर से दाईं ओर स्थानांतरित हुआ। |
डेगन एच, जिसे स्वीडिश भाषा में होगेरट्राफिकमलेगनिंगन (दाईं ओर के यातायात में परिवर्तन) भी कहा जाता है, स्वीडन के इतिहास में 3 सितंबर 1967 को घटित एक प्रमुख और अत्यंत रोमांचक घटना है। इस दिन स्वीडन ने आधिकारिक तौर पर सड़क पर बाईं ओर वाहन चलाने की अपनी सदियों पुरानी व्यवस्था को रातों-रात बदलकर दाईं ओर वाहन चलाने की व्यवस्था को अपना लिया था।[1] इस अभियान के नाम में प्रयुक्त 'H' अक्षर स्वीडिश शब्द होगेरट्राफिक को दर्शाता है, जिसका अर्थ है "दाईं ओर का यातायात"।
इस भारी और खर्चीले बदलाव के पीछे मुख्य रूप से दो व्यावहारिक कारण थे। पहला, स्वीडन के सभी पड़ोसी देशों (जैसे नॉर्वे, फ़िनलैंड और डेनमार्क) में पहले से ही दाईं ओर वाहन चलाने का नियम लागू था, जिससे सीमा पार करने वाले चालकों को भारी भ्रम होता था और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व परिवहन में बाधा आती थी। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण सड़क सुरक्षा से जुड़ा था; यद्यपि स्वीडन में लोग बाईं ओर गाड़ी चलाते थे, लेकिन देश में बेची और चलाई जाने वाली अधिकांश कारें 'लेफ्ट-हैंड ड्राइव' (जिनमें स्टीयरिंग व्हील बाईं ओर होता है) वाली थीं।[2] इस विसंगति के कारण सिंगल-लेन वाली तंग सड़कों पर चालकों को आगे चल रहे वाहनों को ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे वाहनों को देखने में बहुत कठिनाई होती थी, जिसके परिणामस्वरूप आमने-सामने की टक्कर की कई जानलेवा दुर्घटनाएं हो रही थीं।
एक पूरे देश के यातायात प्रवाह को बदलना कोई आसान काम नहीं था। इसके लिए स्वीडिश सरकार ने 1963 में 'स्टेटन होगेरट्राफिककोमिशन' नामक एक विशेष आयोग का गठन किया और चार साल तक एक विशाल जन जागरूकता अभियान चलाया। टीवी, रेडियो, समाचार पत्रों के अलावा दूध के डिब्बों और यहाँ तक कि पुरुषों के अंडरवियर पर भी 'Dagen H' का लोगो छापा गया। 3 सितंबर 1967 की रात को (तड़के 1:00 बजे से 6:00 बजे के बीच) सड़कों पर सभी गैर-जरूरी यातायात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। जो वाहन सड़क पर थे, उन्हें सुबह 4:50 बजे पूरी तरह से रुकने का कड़ा निर्देश दिया गया। इसके बाद चालकों को सावधानीपूर्वक अपनी गाड़ी सड़क की दाईं ओर ले जानी थी और सुबह 5:00 बजे तक फिर से रुकना था।[3] ठीक 5:00 बजे रेडियो पर घोषणा हुई और आधिकारिक तौर पर दाईं ओर चलने का नियम लागू हो गया। इस दौरान रातों-रात पूरे देश में लगभग 3,60,000 ट्रैफिक संकेत बदले गए। यह ऐतिहासिक अभियान बेहद सफल रहा और शुरुआत में यातायात दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Dagen H: The Day Sweden Turned Right". Smithsonian Magazine.
- ↑ "Dagen H: The day Sweden switched sides of the road". BBC News.[मृत कड़ियाँ]
- ↑ "When Sweden Switched Which Side of the Road to Drive On". TIME.[मृत कड़ियाँ]