डा. राजू वैश्य

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राजू वैश्य
भारत के प्रमुख आर्थोपेडिक सर्जन प्रो. डा. राजू वैश्य
जन्म 7 मार्च 1960 (1960-03-07) (आयु 59)
ग्वालियर, मध्य प्रदेश, भारत
व्यवसाय चिकित्सक
जीवनसाथी पल्लवी वैश्य (1986–वर्तमान)
वेबसाइट
www.www.healingtouch.co.in

प्रो. डॉ. राजू वैश्य (अंग्रेजी Prof. Dr. Raju Vaishya) जन्म 07 मार्च 1960) भारत के प्रमुख आर्थोपेडिक सर्जन एवं चिकित्सा अनुसंधानकर्ता हैं। वर्तमान में इंडियन कार्टिलेज सोसायटी के अध्यक्ष[1] आर्थराइटिस केयर फाउंडेशन (एसीएफ) के संस्थापक अध्यक्ष[2] तथा नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हास्पीटल में वरिष्ठ आर्थोपेडिक एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन[3] हैं। घुटनों, कूल्हों, कोहनी, पतले जोड़ों और कंधे आदि के प्राथमिक और रिविजनर ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के द्वारा क्रोनिक आर्थराइटिस के प्रबंधन में सक्रिय। उन्हें हिप रिप्लेसमेंट (सिमेंटेड, अनसिमेंटेड, हाइब्रिड, बाईपोलर, सर्फेस एवं रिविजन) एवं घुटना प्रत्यारोपण (यूनिकोंडिलर, फिक्स्ड बियरिंग मोबाइल बियरिंग टोटल कोंडिलर, रिविजन नी) में विशेषज्ञता हासिल है। उन्हें मई 2013 में उत्तरी भारत में पहला कस्टमाइज्ड जिग्ज (प्रीप्लान) टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी करने का श्रेय हासिल। उन्होंने 2011 में उत्तरी भारत में पहला कार्टिलेज प्रत्यारोपण किया।[4] प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल में 300 से अधिक शोध आलेख प्रकाशित। वर्ष 2015 में अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 58 शोध पेपर प्रकाशित हुए जो कि एक रिकॉर्ड है। हिप एवं नी ऑथ्रोप्लास्टी, स्पोर्ट्स मेडिसीन और आर्थ्रोस्कोपी जैसे विभिन्न ऑर्थोपेडिक विषयों पर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और बैठकों में 1000 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान दिया।

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

डॉ. राजू वैश्य का जन्म जन्म 07 मार्च 1960 को भारत के मध्य प्रदेश राज्य के ग्वालियर शहर में डाक्टर परिवार में हुआ। उनके पिता डॉ.. पीडी वैश्य ग्वालियर के मशहूर मेडिसीन विशेषज्ञ थे। उन्होंने जी.आर. मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर से 1982 में एमबीबीएस करने के बाद जिवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से ही एम. एस. की डिग्री हासिल की। इसके बाद प्रसिद्ध लिवरपूल यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड से केवल 30 साल की उम्र में 1990 में एमसीएच (आर्थो) की की प्रतिष्ठित उपाधि हासिल की। इस प्रतिष्ठित डिग्री के लिए चुने जाने वाला सबसे कम उम्र का छात्र होने का गौरव प्राप्त किया। वर्ष 2012 में रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ऑफ इंग्लैंड से एफआरसीएस (इंग्लैंड) किया तथा 2012 में ही अपोलो मेडवर्सिटी से पीजी डीएचए किया।

उच्च प्रशिक्षण[संपादित करें]

रॉबर्ट जोन्स एंड एग्नेस हंट ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल्स, ओसवेस्ट्री एंड रॉयल लिवरपूल चिल्ड्रंस हॉस्पिटल्स, यूके जैसे ब्रिटेन के विभिन्न प्रतिष्ठित अस्पतालों में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थोस्कोपिक सर्जरी (विशेष रूप से घुटने और कूल्हे की) में चार साल का विशिष्ट उच्च शल्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली, भारत में वरिष्ठ कंल्टेंट ओर्थो सर्जन (1996 से) के रूप में कार्यरत। घुटने एवं कुल्हे की सर्जरी (टोटल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थोस्कोपिक सर्जरी), आर्थोपेडिक्स में रिजेनेरेटिव थेरेपी, आर्थोस्कोपिक शॉल्डर सर्जरी तथा ऑर्थराइटिस एवं ओस्टियोपोरोसिस की चिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल। इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली, में वरिष्ठ कंल्टेंट ओर्थो सर्जन (1996 से) के रूप में वर्तमान कार्यक्षेत्र में मुख्य प्राथमिकता वाले विशय में जोड़ों के टोटल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थोस्कोपिक सर्जरी प्रमुख है। घुटनों, कूल्हों, कोहनी, पतले जोड़ों और कंधे आदि के प्राथमिक और रिविजनर ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के द्वारा क्रोनिक आर्थराइटिस के प्रबंधन में सक्रिय। नियमित रूप से सभी प्रकार के हिप रिप्लेसमेंट (सिमेंटेड, अनसिमेंटेड, हाइब्रिड, बाईपोलर, सर्फेस एवं रिविजन) एवं घुटना प्रत्यारोपण (यूनिकोंडिलर, फिक्स्ड बियरिंग मोबाइल बियरिंग टोटल कोंडिलर, रिविजन नी)। मई 2013 में उत्तरी भारत में पहला कस्टमाइज्ड जिग्ज (प्रीप्लान) टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी करने का श्रेय हासिल।

सामाजिक सेवा[संपादित करें]

पिछले 20 वर्षों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्त दाता और अब तक 60 से अधिक बार रक्त दान। इराक, अफगानिस्तान, नाइजीरिया, कांगो आदि जैसे दुनिया के सबसे कठिन और युद्धग्रस्त इलाकों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सेवा की है। आर्थराइटिस केयर फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में आर्थराइटिस के बारे में जागरूकता जगाने तथा आर्थराइटिस के मरीजों के इलाज के निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया और हजारों मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया। अनेक सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर समाज के गरीब एवं निःशक्त लोगों के कल्याण एवं उत्थान के लिए कार्य।

अनुसंधान एवं प्रकाशन[संपादित करें]

अनुसंधान कार्य में विशेष रूचि। अंतराष्ट्रीय पत्रिकाओं में नियमित रूप से शोध-अनुसंधान कार्यों की रिपोर्टों का प्रकाषन। प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल में 300 से अधिक शोध आलेख प्रकाशित। एक साल (2015) में अंतर्राश्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 58 शोध पेपर प्रकाशित हुए जो कि एक रिकॉर्ड है। तथा हिप एवं नी ऑथ्रोप्लास्टी, स्पोर्ट्स मेडिसीन और आर्थ्रोस्कोपी जैसे विभिन्न ऑर्थोपेडिक विषयों पर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और बैठकों में 1000 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान दिया। संपादन अनेक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं के विशेषांकों के संपादक की जिम्मेदारी निभाई। इनमें कुछ प्रमुख शोध पत्रिकाएं हैं : कार्टिलेज पर जे क्लिनिकल ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रॉमा (जुलाई 2016)[5],ऑर्थोपैडिक्स एवं रुमेटोलॉजी पर अपोलो मेडिसिन (मार्च 2017),स्पोर्ट्स इंजुरी पर इंडियन जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक्स (सितंबर 2017), ऑर्थ्रोप्लास्टी पर जे क्लिनिकल ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रॉमा (जनवरी 2018), इंडियन जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, जे क्लिनिकल ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रॉमा, एशियन जर्नल ऑफ ऑर्थ्रोस्कोपी, अपोलो मेडिसिन[6], राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं एवं संगठनों के साथ जुड़ाव

  1. वर्ष 2012 से अपोलो हॉस्पिटल्स फॉर एजुकेशनल एंड रिसर्च फाउंडेशन के सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया। दिसंबर 2012 में बसरा मेडिकल स्कूल, इराक में ऑर्थोपेडिक्स के विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया।
  2. मार्च 2012 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन (नाइटर), ढाका, बांग्लादेश में ऑर्थोपेडिक्स के विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया।
  3. जनवरी 2012 में चितवान स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज, भरतपुर, नेपाल में ऑर्थोपेडिक्स के विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया।
  4. वर्ष 2012 में बांग्लादेश ओर्थोपेडिक सोसायटी की मानद जीवन पर्यंत सदस्यता से सम्मानित किया गया।
  5. वर्ष 2013-17 के लिए इंडियन कार्टिलेज सोसायटी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया और अगस्त 2016 में देल्ही कार्टिलेज क्लब की स्थापना की।

पुरस्कार एवं सम्मान[संपादित करें]

अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों एवं सम्मानों से सम्मानित, जिनमें प्रमुख हैं :

  1. मध्य प्रदेश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए द्वारा डा. बी.सी. रॉय अवार्ड एवं गोल्ड मेडल, 2018
  2. दुलर्भ किस्म की आर्थोपेडिक शल्य क्रियाओं को सफल अंजाम देने के लिए चार साल (2012, 2013, 2014 और 2016) लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज।
  3. 2017 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा ‘विशिष्ट डॉक्टर पुरस्कार’
  4. 2016 में देल्ही ओर्थोपेडिक एसोसिएशन के एमआईडीसीओएन (मिडकॉन) के दौरान ‘वाल ऑफ फेम’
  5. वर्ष 2015 के नेपाल भूकंप पीड़ितों के बचाव अभियान’’ की उनकी परियोजना को वर्ष 2016 में सभी अस्पतालों में सर्वश्रेष्ठ सामुदायिक सेवा परियोजना के रूप में सम्मानित,
  6. 2010 में जेरियेट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया से प्रतिष्ठित सेवा पुरस्कार, 2011 के लिए आईओए-यूके फैलोशिप के लिए चयन, 2009 में अपोलो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र प्रकाशनों के लिए 3 शैक्षिक अचीवमेंट पुरस्कार,
  7. वर्श 2009 में देल्ही मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर’ से सम्मानित।
    1. Indian Cartilage Society. "The President". icartilage.in. Indian Cartilage Society.
    2. "ARTHRITIS CARE FOUNDATION". www.indianngos.org. www.indianngos.org.
    3. "Team of Doctors". delhi.apollohospitals.com.
    4. इंडिया एब्रोड न्यूज सर्विसेस, आईएएनएस. "Surgeons conduct north India's first cartilage transplant". indiamedicaltimes.com. अभिगमन तिथि November 13, 2011.
    5. Journal of Clinical Orthopaedics and Trauma. "Editorial Board". www.journal-cot.com. Journal of Clinical Orthopaedics and Trauma.
    6. "Apollo Medicine". www.sciencedirect.com (अंग्रेज़ी में).