ट्रान्सड्यूसर

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मापन में ट्रांसड्यूसर (transducer) उन युक्तियों (devices) को कहते हैं जो एक प्रकार की उर्जा को दूसरे प्रकार की उर्जा में बदलती हैं; अथवा एक प्रकार की भौतिक राशि के संगत दूसरे प्रकार की भौतिक राशि प्रदान करते हैं। इनका उपयोग विभिन्न भौतिक राशियों को मापना, उन्हे प्रदर्शित करना (display) या उनको स्वतः नियंत्रित (automatic control) करना होता है। परिवर्तक विद्युतीय, एलेक्ट्रानिक, विद्युत-यांत्रिक, विद्युतचुम्बकीय, प्रकाशीय (फोटॉनिक) या प्रकाश-विद्युतीय आदि होते हैं। उदाहरण के लिये एक दाब परिवर्तक किसी स्थान पर मौजूद दाब के अनुसार एक विद्युत-विभव प्रदान कर सकता है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

ट्रांसड्यूसर वह युक्ति है जो ऊर्जा के एक रूप को दूसरे रूम में बदलती है संचार व्यवस्था में प्रेषित्र के निर्गत में सूचना सिग्नल को तुल्य विद्युत सिग्नल में रूपान्तरित किया जाता है तथा ग्राही में उन्ही विद्युत सिग्नलों को पुन: सूचना सिग्नल में बदला जाता है। यह रूपान्तरण ट्रांस्ड्यूसर द्वारा ही किए जाते हैं। । उदाहरण के लिये इस चित्र में दो ट्रांसड्यूसर प्रयुक्त हुए हैं - (१) माइक्रोफोन : जो ध्वनि संकेतों को विद्युत संकेत में बदलता है तथा (२) स्पीकर - जो विद्युत संकेतों को ध्वनि संकेत में बदल देता है।

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विभिन्न प्रकार के परिवर्तक[संपादित करें]

विद्युतचुम्बकीय (Electromagnetic)[संपादित करें]

विद्युतरासायनिक (Electrochemical)[संपादित करें]

विद्युतदाबीय (Electroacoustic)[संपादित करें]

वैद्युतस्थैतिक (Electrostatic)[संपादित करें]

तापवैद्युत (Thermoelectric)[संपादित करें]

रेडियोदाबीय (Radioacoustic)[संपादित करें]

इन्हें भी देखिये[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • J. Allocca and A. Stuart, Transducers: Theory and Application, Reston 1984.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]