टोकरी मे दिगंत
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| टोकरी मे दिगंत | |
|---|---|
| [[चित्र:|]] | |
| लेखक | अनामिका |
| देश | भारत |
| भाषा | हिंदी |
| विषय | हिंदी साहित्य (काव्य) |
| प्रकाशक | राजकमल प्रकाशन |
| प्रकाशन तिथि | 2015 |
टोकरी मे दिगंत एक हिंदी कविता संग्रह है। जिसको कवियत्री अनामिका के द्वारा लिखा गया है। जिससे इनको 2020 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[1]
यह संग्रह समकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-विमर्श, समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदना के विविध आयामों को प्रस्तुत करता है। इस काव्य संग्रह का प्रकाशन राजकमल प्रकाशन द्वारा किया गया। इसमें इन्होंने ने स्त्री-अनुभवों, सामाजिक विषमताओं तथा बदलते समय की चुनौतियों को काव्य में व्यक्त किया है।
विषयवस्तु
[संपादित करें]इस कविता-संग्रह में विशेष रूप से नारी, स्वतंत्रता, समानता, स्मृति, इतिहास और मानवाधिकार है। कविताओं में सामान्य स्त्रियों के जीवन, उनकी आकांक्षाओं तथा सामाजिक बंधनों का चित्रण मिलता है। संग्रह स्त्री-अस्मिता के प्रश्नों को उठाते हुए सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल देता है। साथ ही इसमें लोकजीवन, प्रकृति और भारतीय संस्कृति के विविध रंग भी दिखाई देते हैं।
अनामिका जी की कविताओं में बौद्धिक स्त्रियां अपनी आग, पानी और माटी के साथ दिखाई देती हैं. उनकी कविताओं ने कविता के केंद्र में बौद्धिक स्त्रियों को ला कर खड़ा कर दिया है[2] इनके काव्य में प्राचीन बौद्ध ग्रंथ 'थेरी गाथा' के रूपकों और प्रसंगों का उपयोग करके, वर्तमान युग की सामान्य और विस्थापित स्त्रियों की स्थिति को दिखाया गया है।
विशेषता
[संपादित करें]थेरी गाथा : 2014 (जिसे अक्सर 'टोकरी में दिगंत' के नाम से जाना जाता है) इस काव्य संग्रहमें अनामिका की काव्य-भाषा सरल, संवेदनात्मक और प्रतीकात्मक है। इस संग्रह में रूपक, प्रतीक, बिंब तथा व्यंग्य का प्रभावशाली प्रयोग हुआ है। कविताएँ संवादधर्मी शैली में लिखी गई हैं, जिससे पाठक सीधे विषय से जुड़ जाता है। संग्रह की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें स्त्री-अनुभवों को व्यक्तिगत न रखकर सामाजिक और ऐतिहासिक संदर्भों से जोड़ा गया है।
महत्व
[संपादित करें]यह संग्रह विशेष रूप से स्त्रीवाद, समकालीन कविता और भारतीय साहित्य के अध्ययन में महत्व रखता है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "..:: Welcome to Sahitya Akademi ::." sahitya-akademi.gov.in. अभिगमन तिथि: 15 जून 2026.
- ↑ "टोकरी में दिगंत: शहर एक विस्मृत गंध का नाम है: गीत". समालोचन (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). 16 जुलाई 2021. अभिगमन तिथि: 15 जून 2026.