झुग्गी-झोपड़ी
झुग्गी बस्ती अथवा स्लम (slum) अथवा मलीन बस्ती कमजोर नींव/गुणवत्ता वाले घरों की अधिक सघनता वाले नगरीय आवासीय क्षेत्र को कहा जाता है और अक्सर इसे निर्धनता से जोड़ा जाता है। झुग्गी बस्तियों में बुनियादी ढांचा अक्सर खराब या अधूरा होता है तथा वहाँ मुख्य रूप से गरीब लोग रहते हैं।[1] यद्यपि झुग्गी-बस्तियाँ आमतौर पर नगरीय क्षेत्रों में स्थित होती हैं लेकिन कुछ देशों में वे उपनगरीय क्षेत्रों में भी स्थित हो सकती है। ऐसे स्थानों पर आवास की गुणवत्ता निम्न स्तर की होती है और रहन-सहन की स्थिति खराब होती है।[2] चूँकि झुग्गी-बस्तियाँ आकार और अन्य विशेषताओं में भिन्न होती हैं, उनमें से अधिकांश में विश्वसनीय स्वच्छता सेवाएँ, स्वच्छ पानी की आपूर्ति, विश्वसनीय बिजली, कानून प्रवर्तन और अन्य बुनियादी सेवाओं का अभाव होता है। झुग्गी-बस्तियों में कच्चे मकानों से लेकर पेशेवर रूप से निर्मित आवास तक होते हैं जो खराब गुणवत्ता वाले निर्माण या बुनियादी रखरखाव की कमी के कारण खराब हो गए हैं।[3]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "What are slums and why do they exist?" Archived 2011-02-06 at the वेबैक मशीन UN-Habitat, केन्या (अप्रैल 2007)
- ↑ Caves, R. W. (2004). Encyclopedia of the City. Routledge. p. 601. ISBN 9780415252256.
- ↑ UN-Habitat 2007 Press Release Archived 2011-02-06 at the वेबैक मशीन on its report, "The Challenge of Slums: Global Report on Human Settlements 2003".
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]| Slums से संबंधित मीडिया विकिमीडिया कॉमंस पर उपलब्ध है। |