झाकरी

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कालिंपोंग ज़िले का एक झाकरी

झाकरी (अंग्रेज़ी: jhakri) भारत के सिक्किम राज्य और दार्जिलिंग ज़िले में स्थानीय ओझाओं को कहा जाता है जो हिन्दू, तिब्बती बौद्ध, मून और बोन प्रथाओं के मिश्रित रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। यह लिम्बू, खाम्बू, सुनवर, शेरपा, कामी, तामांग, गुरुंग और लेपचा समुदायों में पाए जाते हैं। इन ओझाओं की विवाहों, अंतिम-संस्कारों, फ़सल के कटने वाले समारोहों और बिमारी की चिकित्सा में होने वाली रीतियों में भूमिका होती है। जंगलों में रहने वाले झाकरियों को बन झाकरी कहा जाता है। इस क्षेत्र के पारम्परिक समाजों में माना जाता है कि ऐसे झाकरियों के पास कुछ विशेष शक्तियाँ होती हैं।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The Thakali: a Himalayan ethnography, Michael Vinding, Serindia Publications, Inc., 1998, ISBN 978-0-906026-50-2, ... When speaking in Nepali the Thakali usually refer to the dhom (and the aya lama) as jhakri. Although the dhom and the jhakri are both healers, the jhakri is a shaman: he is possessed by a superhuman spirit and goes into trance ...
  2. An Encyclopedia of Shamanism, Christina Pratt, The Rosen Publishing Group, 2007, ISBN 978-1-4042-1140-7, ... Banjhakri is the forest shaman (ban-primitive, jhakri-shaman) who, with his lover/wife Banjhakrini, is the initiator of Tamang shamans ...