सामग्री पर जाएँ

जौनसारी जनजाति

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
जौनसारी
परम्परागत वेशभूषा में जौनसारी पुरुष
कुल जनसंख्या
c. 137,000 (2011 census)[1]
विशेष निवासक्षेत्र
जौनसार-बवार, उत्तराखण्ड
भाषाएँ
जौनसारी, हिन्दी
धर्म
अधिकांशतः
सम्बन्धित सजातीय समूह
भारतीय-आर्य लोग
महासू देवता का मन्दिर
हारुल नृत्य करते हुए जौनसारी स्त्रियाँ

जौनसारी जनजाति (Chakrata) मुख्यतः भारत मै उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून ज़िले के चकराता, कालसी वह त्यूणी तहसील में निवास करती है।[2] चकराता, कालसी, त्यूणी वह लाखामंडल का क्षेत्र जौनसार बावर के नाम से जाना जाता है, जौनसार का केंद्र चकराता देहरादून से 90 किमी की दूरी पर स्थित है, जौनसार के पूर्व मै यमुना नदी एवं पश्चिम मै टोंस नदी स्थित है, टोंस नदी ही उत्तराखंड को हिमांचल से अलग करती है, जौनसार बावर का मुख्य बाजार चकराता है, जो समुद्र तल से 2118 मीटर (6949 फुट) ऊंचाई पर बसा है, चकराता एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।[3]

जौनसार बावर अपनी अनोखी संस्कृति, भेषभूषा रहन-सहन के लिए प्रसिद्ध है। भारत सरकार द्वारा 1967 मै जौनसार बावर को जनजातीय क्षेत्र घोषित किया गया था।[2] यह भारत का संभवतः पहला ऐसा जनजाति समुदाय है, जिसे जाति के आधार पर आरक्षण नहीं मिला है, बल्कि आर्थिक व पिछड़ेपन के कारण इसे जनजाति का दर्जा दिया गया था।

जौनसारी जनजाति की जाति

[संपादित करें]

जौनसारी जनजाति भारत की संभवतः एकमात्र जनजाति है, जिसे आर्थिक व पिछड़ेपन के आधार पर 1967 में जनजाति का दर्जा दिया गया। जौनसार बावर में निवास करने वाली जातियों मे सामान्यतः राजपुत (जिन्हे स्थानीय भाषा में खोश कहा जाता है) ब्राह्मण खोश या भाट, कहा जाता है। इन्हे पांडवो के वंशज माने जाते है, और अन्य जातियों में बाजगी, बढ़ई एवं दलित लोग निवास करते है।[2] राजपूतो मै चौहान, राणा, तोमर, राठौर, पंवार आदि एवं पंडितों मैं जोशी, दत्त, नौटियाल आदि लोग निवास करते है।

जौनसार की संस्कृति

[संपादित करें]
उत्तराखंड का एक जौनसारी भाषा बोलने वाले अपनी मातृभाषा में अपने गाँव के बारे में बता रहे हैं

जौनसार अपनी एक अनूठी संस्कृति, भेषभूषा, खानपान, रहन-सहन, के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

त्यौहार

[संपादित करें]

जौनसार बावर मै मुख्यतः नुणाई, बिस्सु, माघ मेला, दीपावली, दशहरा आदि कहीं त्यौहार है, जो बड़ी धूमधाम से मनाये जाते है। प्रत्येक त्यौहार में लोग सामूहिक नृत्य करते है, और डोल और दमॉऊ की दुन बजायी जाती है।

जौनसार बावर अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए जाना जाता है, यहां का वातावरण साफ एवं स्वच्छ है, चकराता, चिलिमिरी, चुरानी, सवाई, टांनडांडा, रामताल गार्डन, बैरटखाई, लाखामंडल, टाइगर फॉल, बुंदेर गुफा, कोटी कनासर, हनोल व देववन आदि कहीं पर्यटन स्थल है, जहां जाने पर आप एकदम तरोताजा हो जायेंगे।

जौनसार बावर में कहीं पकवान बनाये जाते है, जिसमे से प्रमुख है हुलुए, पिनुए, कोपराड़ी या असके, चिलडे आदि ऐसे पकवान है जो आपको मुख्य रूप से केवल जौनसार बावर में ही खाने को मिलेंगे।

जौनसारी बोली कि लिपि बोगाई है

इन्हें भी देखें

[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ

[संपादित करें]

सन्दर्भ

[संपादित करें]
  1. "Statement 1: Abstract of speakers' strength of languages and mother tongues - 2011". www.censusindia.gov.in. Office of the Registrar General & Census Commissioner, India. अभिगमन तिथि: 4 October 2022.
  2. 1 2 3 जौनसारी जनजाति. "अनुसूचित जनजाति कल्‍याण: अनुसूचित जनजाति कल्‍याण". socialwelfare.uk.gov.in. {{cite web}}: Cite has empty unknown parameter: |dead-url= (help)
  3. "CHAKRATA HILL STATION - 2021 में जाने से पहले एक बार जरूर पढ़े । | TravelSunLife A TRAVEL BLOG". TravelSunLife (हिंदी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2021-01-06. {{cite web}}: Cite has empty unknown parameter: |dead-url= (help)CS1 maint: unrecognized language (link)