जोमोल्हारी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
जोमोल्हारी
चोमो ल्हारी
Jomolhari / Chomo Lhari
Bundesarchiv Bild 135-KA-06-039, Tibetexpedition, Landschaftsaufnahme.jpg
दक्षिणपश्चिम से जोमोल्हारी का दृश्य
सन् १९३८ में तिब्बत के पागरी शहर से ली गई
उच्चतम बिंदु
ऊँचाई7,326 मी॰ (24,035 फीट) [1]
79वाँ सर्वोच्च
उदग्रता2,077 मी॰ (6,814 फीट)
सूचीयनचरम उदग्र शिखर
निर्देशांक27°49′27″N 89°16′12″E / 27.82417°N 89.27000°E / 27.82417; 89.27000निर्देशांक: 27°49′27″N 89°16′12″E / 27.82417°N 89.27000°E / 27.82417; 89.27000
नामकरण
अनुवाददेवी पर्वत (तिब्बती)
भूगोल
जोमोल्हारी की भूटान के मानचित्र पर अवस्थिति
जोमोल्हारी
जोमोल्हारी
भूटान - तिब्बत सीमा पर स्थिति
अवस्थितिथिम्फू, भूटान
शिगात्से विभाग, तिब्बत
मातृ श्रेणीहिमालय
आरोहण
प्रथम आरोहणमई 1937

जोमोल्हारी (Jomolhari) या चोमोल्हारी (तिब्बती: ཇོ་མོ་ལྷ་རི, Chomolhari), जिसे अनौपचारिक रूप से "कंचनजंघा की दुल्हन" भी कहा जाता है, हिमालय का एक पर्वत है जो तिब्बत के शिगात्से विभाग और भूटान की सीमा पर, चुम्बी घाटी के पास स्थित है। यह विश्व का 79वाँ सर्वोच्च पर्वत है और इसकी ढलानों से दो महत्वपूर्ण नदियाँ - (दक्षिण में बहने वाली) पारो चु और (उत्तर में बहने वाली) आमो चु उतरती हैं। उत्तर में तिब्बती तरफ़ यह पर्वत एक बंजर मैदान पर तैनात खड़ा है।[2][3]

धार्मिक पर्वत[संपादित करें]

यह पर्वत तिब्बती बौद्ध धर्म में एक पवित्र स्थान रखता है और पाँच त्शेरिंगमा बहनों को समर्पित है। यह बहने तिब्बत व भूटान की "जोमो" (यानि रक्षक देवियाँ) कहलाती हैं जिन्हें पद्मसम्भव ने स्वयं सौगन्ध दिलवाई थी के वे इस जगह, लोगों व उनके बौद्ध धर्म की रक्षा करेंगी। भूटानी ओर एक जोमोल्हारी मंदिर है, जिसके पास मिलारेपा और ग्याला लोरेपा नामक ध्यान व समाधि लगाने की गुफ़ाएँ हैं तथा एक घंटे की पैदलयात्रा दूर 4450 मीटर की ऊँचाई पर त्सेरिंगमा ल्हात्सो (Tseringma Lhatso) नामक धार्मिक झील है। पर्वत से उत्तर में तिब्बती तरफ़ भी 5100 मीटर की ऊँचाई पर जोमो ल्हारंग (Jomo Lharang) नामक धार्मिक झील है जहाँ पास की पागरी (Pagri) नामक बस्ती से वार्षिक तीर्थयात्रा चलती है।[4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Official Chinese PLA mapping
  2. Chapman, F. Spencer (1940). Helvellyn to Himalaya: Including an Account of the First Ascent of Chomolhari. London: Chatto & Windus.
  3. Dorjee Lhatoo (2000). "Expeditions and Notes - Ascent of Chomolhari". The Himalayan Journal. 56: 149–154.
  4. Thinley, Lopon Kunzang; KMT Research Group (2008). Seeds of Faith: A Comprehensive Guide to the Sacred Places of Bhutan. Volume 1. Thimphu: KMT Publications. ISBN 99936-22-41-9.