जैन धर्म के घटनाक्रम
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आम युग (ईसा पूर्व) से पहले
[संपादित करें]- ५८४, ९७९-९७९ (ई० पू०)- नमिनाथ, २१ वीं तीर्थंकर[1][2]
- नेमिनाथ, २२ वें तीर्थंकर - जैन मान्यताओं के अनुसार, वह २३ वें तीर्थंकर, पार्श्वनाथ से ८४६५० वर्ष पहले जीवित थे।[3] वह महाभारत युग के समय हुए और कृष्ण के चचेरे भाई थे।[4]
- ८७७-७७७ (ई० पू०) - पार्श्वनाथ, २३ वें तीर्थंकर। वह नूतनतम जैन नेता हैं, जिन्हें स्थायीता से दिनांकित किया जा सकता हैं। [5][6][7][8]
- ५९९-५२७ (ई० पू०) - महावीर, २४ वें और इस युग के अंतिम तीर्थंकर[9]
- ५वीं शताब्दी (ई० पू०) - सिद्धसेन दिवाकर
- ५०७ - गणधर सुधर्मास्वामी
- ३५७ - आचार्य भद्रबाहु
- १६२ - हाथीगुम्फ़ा शिलालेख में नवकार मंत्र और जैन सम्राट खारवेल का उल्लेख[10][11][12]
- २री शताब्दी - महाराष्ट्र में नवकार महामंत्र पुरालेखीय तौर पर सत्यापित
आम युग
[संपादित करें]- ४५४CE: देवार्धगिनी जैन आगम का संकलन करती हैं
मध्य युग
[संपादित करें]- ९वीं शताब्दी
- नेमिचन्द्र का जीवन, एक प्रख्यात जैन लेखक
- तमिल नाडू में तिरुमलाई समूह का स्थापन
- १०वीं शताब्दी
- १२वीं शताब्दी
- काष्ठा संघ
- ११७२ - आचार्य हेमचन्द्र
- ११९४ - त्रिस्तुतिक गच्छ
- १३वीं शताब्दी
- १२२९ - तप गच्छ
- १५वीं शताब्दी
- १०वीं शताब्दी का बिचोलिम शहर का प्राचीन जैन मंदिर खंडहर में था।
- १८वीं शताब्दी
- श्वेताम्बर तेरापंथ
- स्थानकवासी और तेरापंथ की शाखाएँ
विभाजन के पश्चात
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]टिप्पणियाँ
[संपादित करें]- ↑ "NamiNatha Bhagwan". http://jainmuseum.com. मूल से से 9 अगस्त 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 जुलाई 2016.
{{cite web}}: External link in(help)|website= - ↑ "About Tonks Of 24 Jain Tirthankaras On Parasnath Hills Information-Topchanchi". http://www.hoparoundindia.com. मूल से से 17 अगस्त 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 जुलाई 2016.
{{cite web}}: External link in(help)|website= - ↑ Zimmer 1953, p. 226.
- ↑ Jinasena, Acharya; Jain (Sahityacharya), Dr. Pannalal (2008). Harivamsapurana [Harivamsapurana]. Bhartiya Jnanpith (18, Institutional Area, Lodhi Road, नई दिल्ली - 110003). ISBN 978-81-263-1548-2. 4 मार्च 2016 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 28 जुलाई 2016.
- ↑ Fisher, Mary Pat (1997). Living Religions: An Encyclopedia of the World's Faiths. London: I.B.Tauris. ISBN 1-86064-148-2.
- ↑ "Parshvanatha" Archived 2020-06-15 at the वेबैक मशीन.
- ↑ Bowker, John (2000).
- ↑ Deo, Shantaram Bhalchandra (1956). History of Jaina monachism from inscriptions and literature. Poona [Pune, India]: Deccan College Post-graduate and Research Institute. pp. 59–60.
- ↑ "Mahavira."
- ↑ Rapson, "Catalogue of the Indian coins of the British Museum.
- ↑ "Full text of the Hathigumpha Inscription in English". मूल से से 17 नवंबर 2006 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 जुलाई 2016.
- ↑ Cort 2009, p. 39-41.