जुलाई और अगस्त २०११ कराची लक्ष्यित हत्याएँ

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जुलाई और अगस्त २०११ के पहले और दूसरे सप्ताह की अवधि में कराची में लक्ष्यित हत्याओं में १०० से अधिक लोग मारे गए थे।[1] गोलीबारी की घटना ५ जुलाई से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आरम्भ हुई थी और नगर भर में विभिन्न उपनगरीय क्षेत्रों में अन्धाधुन्ध गोलीबारी हुई।[2] केवल तीसरे दिन ही कम से कम २७ लोग मारे गए थे; यह दिन आतंकवाद की लहर का सबसे बदतरीन दिन साबित हुआ। सरकारी दावों के बावजूद कराची क्षेत्र, कटी पहाड़ी, कस्बे कॉलोनी और अन्य कई क्षेत्रों में शान्ति स्थापित ना हो सकी। इसलिए, चार दिन बाद एक ऑपरेशन में लगभग २५७ आतंकवादी गिरफ्तार किए गए और शान्ति बहाल होती दिखी।

अन्य घटनाएँ[संपादित करें]

मंगलवार, ५ जुलाई २०११, को अज्ञात बन्दूकधारियों ने विभिन्न गोलीबारी की घटनाओं में ११ लोग मार डाले; शीरशाह में १ और बलदेव टाउन और कोरनगी में प्रत्येक में २ लोग मारे गए। कस्बा मोड़ तथा अन्य स्थानों की अन्य घटनाओं में ८ लोग मारे गए व दर्जन भर लोग घायल हुए। इन घटनाओं के तुरन्त बाद राज्य सरकार ने दोहरी सवारी पर रोक लगा दी। कस्बा कॉलोनी में अन्य पहाड़ी स्थानों को आतंकवादियों ने अधिकार में ले लिया और आम नगरिकों पर ऊँचे स्थानों से भारी गोलीबारी आरम्भ कर दी।

बुधवार, ६ जुलाई २०११ को हमले के दौरान तीन बसों पर गोलीबारी हुई, उनमें से कुछ ाोरनगी टाउन स्थित हुई जिसकी वजह से उपनगरीय स्थानीय लोगों को उनके घरों को खाली करना पड़ा और सुरक्षित क्षेत्रों की ओर भागना होना पड़ा। हमलावर भी तुरन्त अपराध के बाद बच निकलने में सफल रहे। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने वरिष्ठ अधिकारियों के एक सम्मेलन को तलब किया ताकि करबची में जारी हिंसा के बारे में बात करके समाधान खोजा जा सके। मीडिया में लोगों की एक बड़ी संख्या द्वारा इस हमले की कड़ी निन्दा की गई।

पुलिस ऑपरेशन[संपादित करें]

शुक्रवार, ८ जुलाई २०११ की रात कराची के विभिन्न क्षेत्रों में बलाआख़र पुलिस के दोनों पक्ष सक्रिय हुए। महिलाओं और बच्चों के पलायन का सिलसिला शाम से आरम्भ हो चुका था और रात तक जारी रहा। देर रात को पुलिस और रेंजर्स ने गश्त बढ़ा दी और कस्बा कॉलोनी और कटी पहाड़ी के संवेदनशील और तनावपूर्ण स्थिति वाले क्षेत्रों में अभियान आरम्भ कर दिया गया था।

शनिवार, ९ जुलाई, २०११ की सुबह ५ बजे पुलिस के एक अभियान में कस्बा कॉलोनी और मीटरवोल कॉलोनी के क्षेत्रों से ८ लोगों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान उन लोगों के पास से १ कलाशनकोफ, १२ टी टी पसतोलें और पर्याप्त मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद हुए।

अगस्त के महीने में कराची पुलिस ने १८५ लोगों को गिरफ्तार किया था। इन लोगों को हत्या, अवैध वसूली, भूमि हथियाने एवं मादक पदार्थो की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया है।[3]

न्यायिक जाँच[संपादित करें]

अगस्त २०११ में अदालत आज़मी ने कराची में लक्ष्यित हत्याओं पर सुनवाई आरम्भ की।[4]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Karachi violence, over 100 dead (१) (अंग्रेज़ी)
  2. Karachi violence, over 100 dead (२) (अंग्रेज़ी)
  3. कराची में हिंसा के आरोप में १८५ गिरफ्तार भास्कर.कॉम।
  4. Unveil patrons of killers: CJ (अंग्रेज़ी)

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]