जुन्नारदेव पहली पायरी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
जुन्नारदेव पहली पायरी
शिवनगरी जुन्नारदेव
धार्मिक स्थान


पहली पायरी जुन्नारदेव शहर से लगभग ३ कि. मी. की दूरी पर तामिया वाय-पास रोड़ पर ग्राम जुन्नारदेव विशाला में स्थित एक अत्यंत प्राचीन धार्मिक स्थल हैं। यहां सुदूर पहाड़ो से होते हुए जल की एक निरंतर धारा साल के ३६५ दिन, २४ घंटे बहती रहती हैं। जो कि अमृतधारा के नाम से भी जानी जाती हैं। कहा जाता है कि इस जल से स्नान करने से शरीर रोगमुक्त और कष्टमुक्त होता हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवकाल में भगवान शिवजी भस्मासुर नामक राक्षस से भागते हुये पृथ्वीलोक पर ओये थे तो शिवजी का पहला कदम यहां पर पड़ा इसलिए यह स्थान पहली पायरी कहलाया। यह स्थान जुन्नारदेव शहर के अत्यंत निकट होने के कारण इस स्थान का नाम जुन्नारदेव पहली पायरी पड़ गया। भस्मासुर से बचने के लिये शिवजी ने इस स्थान से पहाड़ों के निचे से रास्ता बनाते हुए चौरागढ़ महादेव पर्वत तक गए थे। लोगो का मानना है कि वो सुरंगे आज भी मौजूद हैं। आज भी चौरागढ़ यात्रा के लिये पहला स्थान है यात्रीगण यह से चौरागढ़ यात्रा का आरम्भ करते हैं।