जाम्भोलाव धाम
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जाम्भोलाव धाम यह बिश्नोई समाज का एक पवित्र स्थान है जो राजस्थान के फलोदी जिले क़े जम्भा गांव मे स्थित है जिसे जम्भ सरोवर भी कहते हैं जहां भगवान जंभेश्वर का पवित्र मंदिर भी है। [1] यह बिश्नोई समाज का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। चैत्र तथा फाल्गुन मास अमावस्या को बहुत भव्य मेला लगता है कहते हैं कि पांडवों ने भी अंतिम अज्ञातवास में हवन किया था मारवाड़ क्षेत्र के सबसे बड़ा तीर्थ स्थान जांबा है यहां तालाब का पानी नमकीन है जो भूमिगत लवणीय मात्रा अधिक होने के कारण है स्थानीय लोग कहते हैं जो भी इस जम्भ सरोवर में सच्ची श्रद्धा से एक बार तालाब में स्नान करने से चर्म रोग की बीमारी ठीक हो जाती हैं [2][3]
| जाम्भोलाव धाम | |
|---|---|
| चित्र:Jambholav Dham Jamba.jpg | |
| धर्म | |
| संबंधन | हिन्दू धर्म |
| देवता | विष्णु |
| त्यौहार | चैत्र अमावस्या |
| शासन | अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा |
| विशेषताएँ |
|
| अवस्थिति | |
| अवस्थिति | जाम्बा, तहसील बाप |
| राज्य | राजस्थान |
| देश | |
| निर्देशांक | 27°19′N 72°30′E / 27.31°N 72.50°E |
| वास्तुकला | |
| प्रकार | बिश्नोई मंदिर |
| शैली | हिन्दू मंदिर स्थापत्य |
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "बाप : जांभोलाव धाम जाम्भा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब". firstindianews.com (अंग्रेज़ी भाषा में). मूल से से 1 नवंबर 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2020-05-04.
- ↑ "जांबा मेले देश भर से आए विश्नोई समाज के श्रद्धालु". Patrika News (hindi भाषा में). 26 सितंबर 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 2020-05-04.
{{cite web}}: CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ "चैत्र जांबा मेला कल, जागरण आज". Dainik Bhaskar. 2019-04-04. 5 अप्रैल 2019 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 2020-05-04.