जापानी संस्कृति

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१०५३ में बना क्योतो का ब्योदो उद्यान : यह विश्व विरासत घोषित है।

जापान की संस्कृति पिछली एक सहस्राब्दियों में बहुत बदली है। प्रागैतिहासिक जोमोन काल की संस्कृति से आरम्भ होकर यह अपने वर्तमान मिश्रित रूप में दृष्टिगोचर है। जापान की वर्तमान संस्कृति पर एशिया, यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका का मिश्रित प्रभाव है। जापानवासी टोकुगावा काल के लम्बी अवधि में बाहरी दुनिया से अपेक्षाकृत कटे रहे।

जापानी भाषा[संपादित करें]

जापान में जापानी भाषा ९९% बोली जाती है। जापान में संशोधन, शिक्षा एवं सरकारी कामकाज जापानी भाषा में ही होता है। अन्य देशों की तरह जापान में अंग्रेजी ज्यादा असरदार नहीं है, इसलिए कई जापानी दुकानों के अंग्रेजी बोर्ड में स्पेलिंग की गलतियां होती है।

धर्म[संपादित करें]

जापान में बौद्ध धर्म प्रमुख धर्म है। जापान का प्राचीन धर्म शिन्तो धर्म भी जापान में काफी प्रसिद्ध है। शिन्टो को बौद्ध धर्म का ही एक संप्रदाय माना जाता है। जापान में बौद्ध धर्म इतना प्रसिद्ध है की यहाँ बौद्ध धर्म के 781 से अधिक संप्रदाय या पंथ है। जापान में करीब 96 प्रतिशत जनसंख्या बौद्ध है। चीन के बाद जापान में ही सबडे बडी बौद्ध आबादी रहती है।

जापान में इस्लाम और ईसाई धर्म को 2% आबादी मानती है।

जापानी उद्यान-कला[संपादित करें]

जापानी खानपान[संपादित करें]

जापानी संगीत[संपादित करें]

जापानी दृष्यकलाएँ[संपादित करें]

जापानी वास्तुकला[संपादित करें]

जापानी युद्धकला[संपादित करें]

जापानी पहनावा[संपादित करें]

किमोनो पहनी हुए एक छोटी बच्ची

जापानी कार्य-संस्कृति[संपादित करें]

जापानी खेलकूद[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]