जांबवती

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जांबुवती श्रीकृष्ण की मुख्य आठ रानीयोँ में से एक थी। जांबवती जांबुवान की बेटी थी। जब कृष्णपर स्यांमतक मणी की चोरी का आरोप लगा था की उसने सत्राजीत के उस मणी के लिए प्रसेन को मारकर मणी ले लिया तब कृष्ण ने तहकिकात की। जिस जगह प्रसेन गया था उसी जगह से किसी और के पैरौके निशान पाए गए। जब कृष्ण ने उनका पिछा किया तो वे जांबुवंत के पास पहूँचे। कृष्ण ने लढाई में जांबुवान को हराया। तब जांबुवान ने अपनी बेटी जांबुवती का कृष्ण से विवाह करवाया। और भेट की तौर पर मणी दिया। जांबुवती का स्वभाव बडा अच्छा था। वो सभी रानीयोँ से अच्छा व्यवहार रखती थी।