जल विवाद

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जल विवाद एक ऐसी दशा है जिसमें पानी के उपयोग को लेकर दो या दो से अधिक राष्ट्रों, प्रान्तों या समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा और संघर्ष की स्थितियाँ बन जाती हैं। संविधान का अनुच्छेद 262 अंतरराज्यीय जल विवादों के न्यायनिर्णयन से संबंधित है, इसमें दो प्रावधान है

1. संसद कानून बना कर अंतरराज्यीय नदियों तथा नदी घाटियों के जल प्रयोग, बंटवारे, तथा नियंत्रण से संबंधित किसी विवाद पर शिकायत का न्याय व निर्णय कर सकती है

2. संसद यह भी व्यवस्था कर सकती है की ऐसे किसी विवाद में न ही सर्वोच्च न्यायालय तथा न ही कोई अन्य न्यायालय अपने क्षेत्राधिकार का प्रयोग करे इस प्रावधान के अन्तर्गत संसद ने दो कानून बनाए

1. नदी बोर्ड अधिनियम 1956

2. अंतरराज्यीय जल विवाद अधिनियम 1956 [1][2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "United Nations Potential Conflict to Cooperation Potential, accessed November 21, 2008". मूल से 5 नवंबर 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जून 2014.
  2. कावेरी जल विवाद है क्या? Archived 2007-04-01 at the Wayback Machine - BBC