जरत्कारु

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जरत्कारु और उनकी पत्नी जरत्कारू ( मनसा देवी)

जरत्कारु, एक पौराणिक महर्षि, भगवान शिव और माता पार्वती के दामाद तथा कार्तिकेय , गणेश ,अय्यपा , अशोकसुन्दरी और ज्योति के बहनोई, आस्तिक के पिता और मनसा देवी के पति इनकी स्त्री का नाम भी जरत्कारु ही था। एक बार ये सांयकाल को सो रहे थे और जरत्कारु ने इन्हें जगा दिया। इसपर रुष्ट होकर उसे छोड़ वे चले गए। वह उस समय गर्भवती थी। उसी गर्भ से आस्तिक नामक महर्षि पैदा हुए जिन्होंने पौराणिक परंपरा के अनुसार जनमेजय के नागयज्ञ के समय वासुकी , तक्षक आदि नागों की सहपरिवार रक्षा की थी।

सन्दर्भ[संपादित करें]