जयनारायण राय

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श्री जयनारायण राय मारीशस के पहले गाँधीवदी विद्वान थे। उन्होंने जनता का संपादन कार्य संभालने से पहले हिन्दी कहानी का सूत्रपात १९३७ में किया। वे मारीशस के पहले कथाकार और नाटककार थे। उनकी जीवन संगिनी नाटक १९४१ में प्रकाशित हुआ था। हिंदी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने हिन्दी की बहुत सेवा की।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. पांडेय, राकेश (जनवरी अक्टूबर-दिसम्बर २००५). मारीशस में हिन्दी एक सिंहावलोकन. गीता कालोनी, नई दिल्ली: प्रवासी संसार. पृ॰ १३-१९. |year= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद); |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया होना चाहिए (मदद)