जबलपुर नगर निगम
| नगर पालिक निगम जबलपुर JABAPUR MUNICIPAL CORPORATION | |
|---|---|
| प्रकार | |
| सदन प्रकार | नगर निगम |
| इतिहास | |
| स्थापित | 1864 |
| नेतृत्व | |
| महापौर | जगत बहादुर सिंह "अन्नू", भाजपा |
| अध्यक्ष | रिंकू विज, भाजपा[1] |
| नेता प्रतिपक्ष | अमरीश मिश्रा [कांग्रेस] |
| संरचना | |
| सीटें | 79 |
|
| |
| राजनीतिक समूह | |
| चुनाव | |
| पिछला चुनाव | 2022 |
| आदर्श वाक्य | |
|
अनिर्वेदः श्रियोमूलम् "प्रगति सदा निरन्तर श्रम से ही होती है" | |
| सभा सत्र भवन | |
| तीन पत्ती चौक के पास, राइट टाउन, जबलपुर - 482001 | |
| वेबसाइट | |
|
www | |
नगर पालिक निगम जबलपुर (लघुरूप:ननिज) भारत के मध्य प्रदेश में स्थित जबलपुर शहर के नागरिक बुनियादी ढांचे और प्रशासन के लिए जिम्मेदार नगर निगम है। यह नागरिक प्रशासनिक निकाय 263.49 वर्ग किमी (101.73 वर्ग मील) क्षेत्र का प्रबंधन करता है। ननिज के महापौर भाजपा नेता जगत बहादुर सिंह "अन्नू" हैं।
नगर निगम जबलपुर भारत की पहली नगर पालिकाओं में से एक थी, जिसकी स्थापना 1864 में हुई थी। महापौर पद पर भाजपा का कब्जा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के पास नगर निगम में बहुमत भी है।
विवरण
[संपादित करें]ननिज के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल 263.49 वर्गकिमी (101.73 वर्ग मील) है। शहर वर्तमान में 79 वार्डों में विभाजित है। प्रत्येक वार्ड एक पार्षद का चुनाव करता है। जीतने वाली पार्टी सदस्यों की एक परिषद का चुनाव करती है, जो विभिन्न विभागों के लिए जिम्मेदार होते हैं। वर्तमान में, परिषद में उनहत्तर सदस्य हैं। जबलपुर का आयुक्त नगर निगम कार्यालय का सर्वोच्च अधिकारी होता है, जो सार्वजनिक निर्माण, राजस्व और कर, जल आपूर्ति, योजना और विकास, अग्निशमन, स्वास्थ्य और स्वच्छता, वित्त और लेखा आदि विभागों के लिए जिम्मेदार होता है।
स्थापना एवं इतिहास
[संपादित करें]स्वतंत्रता पूर्व
[संपादित करें]जबलपुर नगर निगम की स्थापना 1864 के लखनऊ नगर पालिका अधिनियम के तहत जबलपुर नगर समिति के रूप में की गई थी जिसके तहत उप आयुक्त को नगर पालिका का अध्यक्ष नामित किया गया। डब्ल्यू. एच. न्यूहार्ड इस पद को संभालने वाले पहले व्यक्ति बने।
स्वतंत्रता-पूर्व जबलपुर के पहले नगर पालिका अध्यक्ष लाल बंगला के लेफ्टिनेंट बाबू कन्छेदी लाल जैन थे।
वर्ष 1935 में राज्य सरकार ने नगरपालिका समिति का संपूर्ण प्रशासन अपने हाथ में ले लिया और मुरली मनोहर सेठ को इसका प्रशासक नियुक्त किया गया।
स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात
[संपादित करें]आज़ादी के बाद 1948 में नगर पालिका अधिनियम (अधिनियम संख्या 3-1948) पारित किया गया। इस अधिनियम के तहत 1 जून 1950 को जबलपुर नगर निगम की स्थापना की गई और शहर को 30 वार्डों में विभाजित किया गया। 43 सदस्यीय समिति का गठन किया गया जिसमें 34 सदस्य सीधे निर्वाचित, 6 चयनित सदस्य तथा 3 नामांकित सदस्य थे। 20 अक्टूबर 1959 को एक विशेष बुलाई गई बैठक में संगठन का आदर्श वाक्य "अनिर्वेदः श्रियोमूलम्" तय किया गया।
आय के स्रोत
[संपादित करें]निगम के लिए केंद्र और राज्य सरकार से आय के स्रोत निम्नलिखित हैं:
करों से आय
[संपादित करें]निगम के लिए कर संबंधी राजस्व निम्नलिखित है,
- संपत्ति कर
- वृत्ति कर
- मनोरंजन कर
- केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान जैसे वस्तु एवं सेवा कर
- विज्ञापन कर
अन्य स्रोतों से आय
[संपादित करें]निगम के लिए गैर कर संबंधी राजस्व निम्नलिखित है,
- जल उपयोग शुल्क
- दस्तावेज़ीकरण सेवाओं से शुल्क
- नगर निगम की संपत्ति से प्राप्त किराया
- नगर निगम बांड से प्राप्त निधियां
क्रियाकलाप
[संपादित करें]जबलपुर नगर निगम निम्नलिखित कार्यों के लिए बनाया गया है:
- शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए योजना बनाना, जो इसके विभाग के शहरी नियोजन प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं।
- नए भवनों के निर्माण को मंजूरी देना और विभिन्न प्रयोजनों के लिए भूमि के उपयोग को अधिकृत करना।
- शहर की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार।
- वाणिज्यिक, आवासीय और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए जल आपूर्ति की व्यवस्था।
- अग्निशमन सेवा विभागों के माध्यम से अग्नि आकस्मिकताओं की योजना बनाना।
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली और स्वच्छता सेवाओं का निर्माण।
- शहरी वानिकी के विकास जैसे पारिस्थितिक पहलू के विकास के लिए कार्य करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए दिशानिर्देश बनाना।
- समाज के कमजोर वर्गों जैसे मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग, वृद्धावस्था और लिंग पक्षपाती लोगों के विकास के लिए काम करना।
- शहर में मलिन बस्तियों के सुधार और गरीबी हटाने के लिए प्रयास करना।
महापौर की सूची
[संपादित करें]| क्रम | चुनाव वर्ष | महापौर | दल | |
|---|---|---|---|---|
| १ | 1952 | पं.भवानी प्रसाद तिवारी | प्रजा सोशलिस्ट पार्टी | |
| २ | 1958 | इंदिरा शर्मा | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | |
| ३ | 1959 | सवाईमल जैन | ||
| ४ | 1962 | रामेश्वर प्रसाद गुरु | ||
| ५ | 1963 | मुलायम चन्द जैन | ||
| ६ | 1963 | नारायण प्रसाद चौधरी | ||
| ७ | 1964 | पन्नालाल श्रीवास्तव | ||
| ८ | 1965 | गुलाब चंद गुप्ता | ||
| ९ | 1965 | डॉ. सत्याचरण बराट | ||
| १० | 1973 | डॉ. के.एल. दुबे | ||
| ११ | 1975 | डॉ. गंगा प्रसाद पटेल | ||
| १२ | 1979 | मुन्दर शर्मा | ||
| १३ | 1980-81 | शिवनाथ साहू | ||
| १४ | 1982 | एन.पी. दुबे | ||
| प्रशासक राज - 1982 से 1995 | ||||
| १५ | 1995 | कल्याणी पाण्डे | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | |
| १६ | 2000 | पं. विश्वनाथ दुबे | ||
| १७ | 2004 | सदानन्द गोडबोले | भारतीय जनता पार्टी | |
| १८ | 2005 | श्रीमती सुशीला सिंह | ||
| १९ | 2010 | प्रभात साहू | ||
| २० | 2015 | स्वाति सदानन्द गोडबोले | ||
| २१ | 2022 | जगत बहादुर सिंह "अन्नू" | भारतीय जनता पार्टी | |
संदर्भ- [2]
चुनाव परिणाम
[संपादित करें]2022 महापौर चुनाव
[संपादित करें]| म.प्र. नगरीय निकाय चुनाव 2022: नगर निगम जबलपुर | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| दल | उम्मीदवार | प्राप्त मत | |||
| कांग्रेस | जगत बहादुर सिंह "अन्नू" | 2,93,192 | |||
| भाजपा | डॉ.जितेन्द्र जामदार | 2,48,853 | |||
| बसपा | लखन अहिरवार | 19,419 | |||
| जदयू | विनोद कुमार पटेल | 3,456 | |||
| गोंगपा | रश्मि पोर्ते | 2,911 | |||
| निर्दलीय | राजेश सेन | 2,199 | |||
| नोटा | उपरोक्त से कोई नहीं | 6,337 | |||
| जीत का अंतर | 44,339 | ||||
| कांग्रेस ने भाजपा से सीट जीती | संदर्भ[3] | ||||
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ नगर निगम के सभापति बने रिंकू विज:भाजपा को 44 तो कांग्रेस को मिले 34 वोट, AIMIM के दो पार्षदों ने वोटिंग से किया किनारा दैनिक भास्कर, जबलपुर, 10 अगस्त 2022 bhaskar.com
- ↑ 21वें महापौर संभालेंगे जबलपुर की बागडोर Archived 2022-07-29 at the वेबैक मशीन नईदुनिया, जबलपुर, 23 जुलाई 2022 naidunia.com
- ↑ जबलपुर नगर निगम पर कांग्रेस का कब्जा:जगत बहादुर ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. जामदार को हराया; जानिए 79 वार्डों की पूरी डिटेल दैनिक भास्कर एप्प, जबलपुर