जनता कर्फ्यू

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जनता कर्फ्यू
तिथि रविवार, 22 मार्च 2020 (2020-03-22)
समय सुबह 7 से रात 9 बजे तक
स्थान भारत

जनता कर्फ्यू (Janata Curfew) जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू (अर्थात् निषेधाज्ञा) है। इस शब्दावली का सर्वप्रथम प्रयोग भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2020 में फैले कोरोना वायरस नामक वैश्विक महामारी के दौरान गुरुवार, 19 मार्च 2020 को रात 8 बजे भारत की जनता को किए गये सम्बोधन[1][2] में किया गया था। अपने सम्बोधन में उन्होने भारत की जनता से आग्रह किया कि वे सभी आने वाले रविवार 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू [3]का पालन करें। जनता कर्फ्यू को उन्होने "जनता के लिए, जनता द्वारा, खुद पर लगाया गया कर्फ्यू"[4] कहकर परिभाषित किया। उन्होने देशवाशियों से आग्रह किया कि जनता कर्फ्यू के दौरान जरुरी सेवाओं से सम्बन्धित लोगों के अलावा कोई भी नागरिक घरों से बाहर न निकलें।

जनता कर्फ्यू अंग्रेजी लॉकडाउन से भिन्न है। जनता कर्फ्यू व्यक्ति पर अनिवार्य नहीं होता जबकि लॉकडाउन शासन द्वारा जनता पर आरोपित किया जाता है तथा जनता द्वारा इसका पालन करना अनिवार्य होता है।

स्वागत[संपादित करें]

वर्गों, विचारधाराओं की सारी सीमाओं को तोड़ते हुए पूरे देश ने प्रधानमन्त्री की इस पहल का एक मत से स्वागत किया। कई लोगों ने जनता कर्फ्यू को लगातार एक सप्ताह के लिए जारी रखने की इच्छा जताई। 22 मार्च की पूर्व सन्धया को विभिन्न टीवी चैनलों में चले संवादों में भी कई विद्वानों ने जनता कर्फ्यू को लगातार एक सप्ताह के लिए जारी रखने की बात को एक अत्यावश्यक कदम बताया। परन्तु वहीं, गरीब वर्ग के कई लोगों के लिए यह चिन्ता का कारण है कि लम्बे समय तक बिना कमाई के वे कैसे अपनी आजिविका चलाएंगे। शायद इसी बात को ध्यान में रखकर जनता कर्फ्यू के लिए सिर्फ एक दिन का समय उचित माना गया।

कार्य योजना[संपादित करें]

22 मार्च, 2020 को जनता कर्फ्यू 14 घंटे के लिए होगा। पुलिस, चिकित्सा सेवाओं, मीडिया, होम डिलीवरी पेशेवरों और अग्निशामकों जैसी आवश्यक सेवाओं से सम्बन्धित लोगो को छोड़कर सभी को जनता कर्फ्यू में हिस्सा लेना आवश्यक है (परन्तु अनिवार्य नहीं)। शाम 5 बजे, सभी नागरिकों को अपने दरवाजे, बालकनियों या खिड़कियों पर खड़े होकर आवश्यक सेवा देने वाले पेशेवरों का अपने हाथों से ताली बजाते हुए, थाली बजाते हुए या घंटियाँ बजाते हुए सम्मानित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। देश में जनता कर्फ्यू लागू करने के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित लोग भी सहायता करेंगे।[5] प्रधान मंत्री ने युवाओं से जनता कर्फ्यू के बारे में 10 अन्य लोगों को सूचित करने और सभी को जनता कर्फ्यू का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है।[5]

समर्थन[संपादित करें]

राज्य सरकारों द्वारा[संपादित करें]

छत्तीसगढ़, दिल्ली, तेलंगाना जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों की सरकारों ने भी जनता कर्फ्यू का समर्थन किया। प्रधानमन्त्री के आह्वान का समर्थन करते हुए तेलंगाना के मुख्यमन्त्री के॰ चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना की जनता से अपील किया कि वे सभी 22 मार्च की सुबह 6 बजे से 23 मर्च की सुबह 6 बजे तक पूरे 24 घंटे अपने घरों के भीतर ही रहें, ताकि कोरोना वायरस के फैलने की सम्भावनओं को कम किया जा सके।[6]

सार्वजनिक संगठनों द्वारा[संपादित करें]

इस बात को ध्यान में रखते हुए कि ट्रेन यात्रा की मांग बहुत कम हो जाएगी, भारतीय रेलवे ने 21-22 मार्च की आधी रात से 22 मार्च के रात 10 बजे तक पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया। जो ट्रेनें पहले से चल चुकी थीं उन्हे अपने गंतव्य तक पहुंचने की अनुमति दी गयी। जिन यात्रियों के टिकट रद्द किए गए, उन्हें "परेशानी-मुक्त रिफंड" दिया गया। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली और सिकंदराबाद में उपनगरीय सेवाओं को घटाकर "नाममात्र" कर दिया जाएगा।[7]

जनता कर्फ्यू के समर्थन मे दिल्ली, बंगलुरु सहित सभी महानगरों में मेट्रो रेल सेवा बन्द रखने का फैसला किया गया।[8]

निजी क्षेत्रों द्वारा[संपादित करें]

जनता कर्फ्यू के समर्थन में देश भर के दुकान, रेस्तरां, सिनेमाघर, मॉल को उनके संचालकों ने बन्द रखने का फैसला किया।

इंडिगो और गोएयर सहित कई एयरलाइनों ने जनता कर्फ्यू के समर्थन में कहा है कि वे या तो न्यूनतम क्षमता में परिचालन करेंगी या सभी उड़ानों को रद्द कर देंगी।[9]

ऐप-आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता ओला और उबर ने भी सड़कों पर न उतरने का फैसला लिया।[10]

बॉलीवुड और प्रसिद्ध व्यक्तियों द्वारा[संपादित करें]

बॉलीवुड, खेल तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों द्वारा जनता कर्फ्यू को भारी समर्थन मिला। एक दिन पहले ही इन क्षेत्रों से जुड़े कई प्रसिद्ध लोगों ने सक्रिय होकर सोशल मीडिया पर वीडियो, ट्वीट आदि के माध्यम से देश के लोगो से जनता कर्फ्यू का समर्थन करने का आग्रह किया।

अन्य संघों तथा संगठनों द्वारा[संपादित करें]

दिल्ली में कुछ ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने भी कहा है कि वे जनता कर्फ्यू के दौरान सेवा प्रदान नहीं करेंगे।[11]

धरातल पर (22 मार्च 2020)[संपादित करें]

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जनता कर्फ्यू के दौरान खाली पड़ी सड़क।
मध्य प्रदेश के भोपाल में जनता कर्फ्यू के दौरान सूनी पड़ी सड़क।
जनता कर्फ्यू के दौरान केरल के ओट्टापालम में एक सड़क का दृश्य।

सुबह से ही देश भर की सड़कों पर बहुत कम लोगों का आना-जाना देखा गया, इनमे से ज्यादातर सुबह की सैर करने वाले, समाचार पत्र बांटने वाले, सफाई कर्मी, या दूध खरीदने वाले लोग थे। मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस कर्मी भी सुबह से तैनात दिखे। दोपहर होते-होते देश भर की सड़कों पर लगभग सन्नाटा पसर गया। सभी दुकान तथा अन्य प्रतिष्ठापन बन्द दिखे। अहमदाबाद जैसे महानगरों मे प्रशासन द्वारा दिन-भर सार्वजनिक स्थानों का रोगाणुनाशन किया गया। भीड़ के अभाव ने उनके इस काम को आसान कर दिया। देश भर के सभी बस अड्डे, रेलवे स्टेशन तथा हवाई अड्डे खाली दिखे।

फैसले तथा बरती गई सावधानियाँ[संपादित करें]

कुछ राज्यों ने सावधानी के रूप मे मेट्रो ट्रेनों, उपनगरीय ट्रेनों, बसों, ट्रामों और मोनोरेल सेवाओं को बंद कर दिया।[12] तमिलनाडु जनता कर्फ्यू के दौरान जेलों में आगंतुकों को जाने की अनुमति नहीं देगा, न ही मछली पकड़ने की अनुमति है।[13] केवल आवश्यक सेवाओं के लिए काम करने वाले कर्मचारियों को ही मुंबई में लोकल ट्रेनों में सवार होने की अनुमति दी गई, और 3,700 ट्रेनों को रद्द करके रेल सेवा में भारी कटौती की गई है, जनता कर्फ्यू प्रभावी होने के साथ ही ये फैसले भी लागू हो गये तथा 31 मार्च को समाप्त हो जाएंगे ।[14][15] अपने राज्य में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देख पंजाब के मुख्यमन्त्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सुबह 11 बजे पूरे पंजाब में 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन लागू करने का आदेश जारी कर दिया।[16]

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया[संपादित करें]

सोशल मीडिया पर जनता कर्फ्यू की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप यह दुनिया भर में कुछ प्लेटफार्मों पर एक प्रचलित (trending) विषय बन गया। ट्विटर पर हैशटैग #JantaCurfewMarch22 इतनी बार टैग किया गया कि यह उस दिन दुनिया भर के सबसे प्रचलित विषयों (trending topics) में से एक के रूप में सूचीबद्ध था।[17] जनता कर्फ्यू की खबर फैलाने के लिए कुछ मशहूर लोगों ने भी सोशल मीडिया का बढ़-चढ़कर उपयोग किया।[18][19] कुछ ने कोरोना को हल्के मे न लेने की नसीहत दी, तो कुछ ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे लोगो को धन्यवाद अर्पित किया । शाम 5 बजे के बाद ट्विटर पर हैशटैग #5baje5minute शीर्ष पर ट्रेंड करने लगा।

शाम 5 बजे[संपादित करें]

शाम 5 बजते ही देश भर में थालियों, घंटियों तथा शंख की अवाज गूंजने लगी। अपने घरों के मुख्य द्वारों तथा बालकनियों पर खड़े होकर लोगों ने लगातार कई मिनटों तक ताली, थाली, घंटी तथा शंख बजाए[20]। ट्विटर पर हैशटैग #5baje5minute शीर्ष पर ट्रेंड करने लगा।

जनता कर्फ्यू लगा कर मोदी जी ने जनता को जनता की सुरक्षा की अपील की ओर यह अपील सारे देशवासियों ने सहर्ष स्वीकार भी की छोटे-बडे अमीर-गरीब गाँवों-शहरो की जनता ने ठीक शाम 5:00 बजे उन योद्धाओं के समर्थन ओर हौसला बुलन्द करने के अपने घर के द्वार से ताली,घँटी,शँख बजा कर समर्थन भी किया गया।

देर शाम[संपादित करें]

इस महामारी के विरुद्ध लड़ाई में पूरे देश की जनता का अपार समर्थन देख तथा अपने राज्य की स्थिति को भांपते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री श्री योगी आदित्यनाथ ने अपने राज्य के 15 जनपदो में लॉकडाउन लगाने की घोषणा शाम साढ़े पांच बजे कर दी। इसी तरह दिल्ली के मुख्यमन्त्री श्री अरविन्द केजरीवाल ने भी देर शाम पूरे दिल्ली में लॉकडाउन लागू करने की घोषणा कर दी।

और इसी तरह दो दिन बाद 24 मार्च को रात 8 बजे एक अन्य सम्बोधन में प्रधानमन्त्री मोदी ने पूरे देश में 21 दिनो के लिए लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी।

आँकड़े तथा उनका विश्लेषण[संपादित करें]

नीचे दिया गया बार-ग्राफ जनता कर्फ्यू की घोषणा के अगले 5-दिनों तक भारत में कोरोनावायरस के रोगियों की कुल संख्या को दर्शाता है:

100
200
300
400
500
600
20-मार्च
21-मार्च
22-मार्च (जनता कर्फ्यू का दिन)
23-मार्च
24- मार्च

अति संक्रामक होने के कारण इस रोग के रोगियों की संख्या में वृद्धि न रुकना स्वाभाविक ही था जो कि उपर दिए गए बार-ग्राफ से भी स्पष्ट हो रहा है। ऐसी स्थिति अन्य सभी देशों में भी देखने को मिली थी।

परन्तु, जनता कर्फ्यू की घोषणा के बाद से ही रोगियों की संख्या में दैनिक % वृद्धि दर में गिरावट देखने को मिली। नीचे दिया गया लाईन-चार्ट घोषणा के अगले 5-दिनों तक रोगियों की संख्या में दैनिक % वृद्धि दर को दर्शाता है:

समान परिस्थिति में अन्य प्रमुख देशों के साथ तुलनात्मक अध्ययन[संपादित करें]

प्रधानमन्त्री के सम्बोधन के दिन अर्थात् 19 मार्च को भारत में कुल मामलों (रोगियों) की संख्या लगभग 200 (198) थी। 200 मामले आने के बाद के अगले 5 दिनों तक भारत सहित अन्य प्रमुख देशो में कुल मामले नीचे दिए गए लाईन-चार्ट में प्रदर्शित किए गये हैं

कृपया ध्यान दें: यह चार्ट परिस्थिति का मोटा-मोटी अनुमान लगाने के लिए है तथा यह बिल्कुल सटीक नहीं है। लगभग 200 मामलों वाला एक दिन होने के कारण भारत के आंकड़े लगभग सटीक हैं। जबकी बाकी देशों में 200 मामलों वाला कोई दिन नहीं होने के कारण उनके आँकड़ों को इस तरह समायोजित किया गया है कि उनके मामलों की संख्या कम से कम बने। सटीक आँकड़ों को लेने पर इन देशों की स्थिति भारत की तुलना में और भी खराब बनेगी।

भारत चीन अमेरिका इटली ईरान

निष्कर्ष[संपादित करें]

उपर दिए गए लाईन-चार्ट से यह तो स्पष्ट है कि प्रधानमन्त्री के सम्बोधन के बाद से भारत में स्थिति बाकी देशों से बेहतर रहा है। जबकि प्रति व्यक्ति आय, जनसंख्या घनत्व, साक्षरता, स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छता जैसे मामलों में ये सभी देश भारत से कहीं आगे हैं। इसके अलावा दूसरे देशों (खासकर पश्चिमी देशों) में यह माना जाता रहा है कि भारत के लोग कानून के पालन में लापरवाही बरतते हैं, जो कि निम्न साक्षरता दर, निम्न शिक्षा गुणवत्ता, स्कूली शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान जैसे विषयों को कम महत्व, तथा जागरुकता की कमी के कारण काफी हद तक सच भी है। इन सब कमियों के बावजूद प्रधानमन्त्री मोदी के आह्वान का पूरे देश ने समर्थन कर उनका सम्मान किया। लाल बहादुर शास्त्री जी के बाद यही मौका है जब पूरे देश ने अपने प्रधानमन्त्री को एक स्वर में समर्थन दिया है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. नवभारतटाइम्स.कॉम (19 March 2020). "Janta Curfew Kya Hai? What Is Janata Curfew Meaning In Hindi? क्‍या है जनता कर्फ्यू? जानें पीएम नरेंद्र मोदी ने जो कहा उसपर कैसे होगा अमल". Navbharat Times. अभिगमन तिथि 19 March 2020.
  2. /author/pallavikumari/ (19 March 2020). [/india/pm-narendra-modi-address-nation-on-coronavirus-demadn-janta-curfew-on-22-march/ "पीएम मोदी ने कोरोना पर देश वासियों से 'जनता-कर्फ्यू' का मांगा समर्थन, अपील- 22 मार्च को सुबह 7 से रात 9 बजे तक घर में रहें"] जाँचें |url= मान (मदद). Lokmat News Hindi. अभिगमन तिथि 19 March 2020.
  3. हिन्दु्स्तान, लाइव (19 March 2020). "पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस पर देश से कहा- जरूरी सेवाओं की आपूर्ति देश में नहीं रुकेगी, भाषण की 10 बड़ी बातें". https://www.livehindustan.com. अभिगमन तिथि 19 March 2020. |website= में बाहरी कड़ी (मदद)
  4. "Coronavirus Travel Restrictions Latest News; Coronavirus (COVID 19) Travel Restrictions and Bans Today Latest News Updates; India Bans International Passenger Flights - 22 से 29 मार्च तक भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की एंट्री बंद, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 65+ उम्र के बुजुर्गों को घर में ही रहने की हिदायत". Dainik Bhaskar. अभिगमन तिथि 19 March 2020.
  5. "PM Modi Speech on Coronavirus Highlights: Janata Curfew on Sunday, Avoid Panic Buying". News18. अभिगमन तिथि 19 March 2020.
  6. Reporter, B. S. (2020-03-21). "Covid-19 scare: Telangana may close borders with Maharastra, says CM Rao". Business Standard India. अभिगमन तिथि 2020-03-21.
  7. "India Reacts To PM Modi's "Janata Curfew" Call To Fight Coronavirus: 10 Points". NDTV.com. अभिगमन तिथि 2020-03-29.
  8. "Deserted Roads, Sunday Quiet As India Observes "Janata Curfew": 10 Points". NDTV.com. अभिगमन तिथि 2020-03-29.
  9. "Deserted Roads, Sunday Quiet As India Observes "Janata Curfew": 10 Points". NDTV.com. अभिगमन तिथि 2020-03-29.
  10. "India Reacts To PM Modi's "Janata Curfew" Call To Fight Coronavirus: 10 Points". NDTV.com. अभिगमन तिथि 2020-03-29.
  11. "Autos, Taxis to Remain Off-Road in Delhi During 'Janta Curfew'". News18. अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  12. "'Janta Curfew' and how states are implementing it- All you need to know". Hindustan Times (अंग्रेज़ी में). 2020-03-21. अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  13. Mar 21, M. K. Ananth | TNN |; 2020; Ist, 20:47. "'Janta Curfew': Tamil Nadu imposes various restrictions on fishing, fishing-related activities | Chennai News - Times of India". The Times of India (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  14. Mar 21, Dipak K. Dash | TNN |; 2020; Ist, 01:31. "Janata curfew: 3,700 trains cancelled on Sunday | India News - Times of India". The Times of India (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  15. "Coronavirus: Mumbai local closed for general public till March 31". news.abplive.com (अंग्रेज़ी में). 2020-03-21. अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  16. Ch, Asian News International; igarhMarch 22; March 22, 2020UPDATED:; Ist, 2020 14:05. "Coronavirus in India: Punjab CM announces statewide lockdown till March 31". India Today (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2020-03-29.सीएस1 रखरखाव: फालतू चिह्न (link)
  17. "'Janta curfew March 22' trends on Twitter as Indians decide to stand in solidarity tomorrow". Hindustan Times (अंग्रेज़ी में). 2020-03-21. अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  18. "India Indoors: Millions To Observe "Janata Curfew"". NDTV.com. अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  19. "Rajinikanth, Amitabh Bachchan, Dharmendra Spread Awareness About Janta Curfew". News18. 2020-03-21. अभिगमन तिथि 2020-03-22.
  20. "जनता कर्फ्यू के पीएम की अपील पर शाम पांच बजे देश भर में शंखनाद और तालियां". DD News (क्वेचुआ में). अभिगमन तिथि २३ मार्च २०२०.