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जगदीश सिंह खेहर

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जगदीश सिंह खेहर

पद बहाल
4 जनवरी 2017  27 अगस्त 2017
नियुक्त किया प्रणब मुखर्जी
पूर्वा धिकारी टी. एस. ठाकुर
उत्तरा धिकारी दीपक मिश्रा

पद बहाल
13 सितम्बर 2011  3 जनवरी 2017
नामांकित किया सरोश होमी कापड़िया
नियुक्त किया प्रतिभा पाटिल

कर्नाटक उच्च न्यायालय के 25वें मुख्य न्यायाधीश
पद बहाल
8 अगस्त 2010  12 सितम्बर 2011
नामांकित किया सरोश होमी कापड़िया
नियुक्त किया प्रतिभा पाटिल
पूर्वा धिकारी पी. डी. दिनाकरण
उत्तरा धिकारी विक्रमजीत सेन

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के 7वें मुख्य न्यायाधीश
पद बहाल
29 नवम्बर 2009  7 अगस्त 2010
नामांकित किया के. जी. बालकृष्णन
नियुक्त किया प्रतिभा पाटिल
पूर्वा धिकारी विनोद कुमार गुप्ता
उत्तरा धिकारी बरिन घोष

पद बहाल
8 फरवरी 1999  28 नवम्बर 2009
नामांकित किया आदर्श सेन आनंद
नियुक्त किया के. आर. नारायणन

जन्म 28 अगस्त 1952 (1952-08-28) (आयु 73)
नायरोबी, ब्रिटिश केन्या (अब केन्या)[1]
राष्ट्रीयता भारतीय (1965 से)
शैक्षिक सम्बद्धता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़
व्यवसाय न्यायाधीश
धर्म सिख धर्म
पुरस्कार/सम्मान पद्म विभूषण (2025)

जगदीश सिंह खेहर (जन्म 28 अगस्त 1952) एक भारतीय न्यायविद् हैं, जिन्होंने 4 जनवरी 2017 से 27 अगस्त 2017 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। वे इस पद पर पहुँचने वाले पहले सिख थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक निर्णय दिए जिनमें निजता का अधिकार, तीन तलाक और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) को असंवैधानिक घोषित करने जैसे निर्णय शामिल हैं।[2][3][4]

वर्ष १९७४ में चंडीगढ़ के राजकीय कॉलेज से विज्ञान में स्नातक उपाधि प्राप्त की। वर्ष १९७७ में पंजाब विश्वविद्यालय से विधि में स्नातक और १९७९ में एल एल एम् की उपाधि प्राप्त की।[5] विश्वविद्यालय में अच्छे प्रदर्शन के लिए आप को स्वर्ण पदक भी मिला।

खेहर ने 8 फरवरी 1999 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति प्राप्त की। बाद में वे उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (2009) और फिर कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (2010) बने। 13 सितम्बर 2011 को वे सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त किए गए।[6]

एडवोकेट के रूप में

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  • 1979 :में इन्होंने वकालत प्रारम्भ की। इस अवधि में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट चंडीगढ़ ,हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट तथा उच्चतम न्यायालय में वकालत की।
  • 1992 :में पंजाब में अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया।
  • 1995 : में वरिष्ठ एडवोकेट बने।

न्यायाधीश के रूप में

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  • 2009 :29 नवम्बर 2009 – 7 अगस्त 2010 तक उत्तराखंड हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रहे।
  • 2010 :08 अगस्त 2010 से 12 सितम्बर 2011 तक कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे।
  • 2011 :13 सितम्बर 2011 से 03 जनवरी 2017तक उच्चतम न्यायालय ,भारत के न्यायाधीश।
  • 2017 :04 जनवरी 2017 से 27 अगस्त 2017 तक उच्चतम न्यायालय ,भारत के मुख्य न्यायाधीश।

प्रमुख निर्णय

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  • NJAC निर्णय (2016): न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु उन्होंने NJAC अधिनियम को असंवैधानिक घोषित किया।[7]
  • नबाम रेबिया मामला: अरुणाचल प्रदेश सरकार को बहाल किया और राज्यपाल की कार्यवाही को असंवैधानिक ठहराया।[8]
  • समान कार्य के लिए समान वेतन: अनुबंध कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन देने का निर्देश।[9]
  • निजता का अधिकार: नौ-न्यायाधीशों की पीठ का हिस्सा रहे, जिसने निजता को मूल अधिकार घोषित किया।[10]
  • तीन तलाक (2017): बहुमत से इसे असंवैधानिक ठहराया गया, यद्यपि खेहर ने इसकी वैधता को स्वीकार किया था।[11]
  • एंडोसल्फान पीड़ितों को मुआवज़ा: केरल सरकार को 500 करोड़ रुपये के मुआवज़े का आदेश दिया।

2017 में अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल द्वारा लिखित आत्महत्या पत्र में न्यायमूर्ति खेहर पर रिश्वत की माँग का आरोप लगाया गया था। न्यायिक जवाबदेही समिति ने इसकी जाँच की माँग की थी, परंतु इस पर कोई आधिकारिक जांच नहीं हुई।[12]

वर्ष 2025 में, भारत सरकार द्वारा उन्हें सार्वजनिक कार्यों (Public Affairs) के क्षेत्र में उनके योगदान हेतु पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।[13][14][15]

  1. "Jagdish Singh Khehar - Profile". 2018 Privacy Conference. अभिगमन तिथि: 11 मई 2020.
  2. "Chief Justice J.S. Khehar ends his eventful tenure with a bang". 25 अगस्त 2017. अभिगमन तिथि: 28 मई 2025.
  3. "Justice J.S. Khehar appointed as 44th Chief Justice of India". The Hindu. 19 दिसम्बर 2016. अभिगमन तिथि: 28 मई 2025.
  4. "Justice Jagdish Singh Khehar had defined who is a Sikh". The Times of India. 7 दिसम्बर 2016.
  5. "संग्रहीत प्रति". 3 दिसम्बर 2016 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 7 दिसम्बर 2016.
  6. "Justice Jagdish Singh Khehar - Profile". Supreme Court of India. मूल से से 13 नवम्बर 2012 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 27 सितम्बर 2012.
  7. "Supreme Court strikes down NJAC Act as unconstitutional". The Hindu. 16 अक्टूबर 2015. अभिगमन तिथि: 28 मई 2025.
  8. "Supreme Court verdict restores Congress govt in Arunachal". The Hindu. 13 जुलाई 2016.
  9. "Equal pay for equal work for temporary employees: SC". 27 अक्टूबर 2016.[मृत कड़ियाँ]
  10. Bhandari, Vrinda; Kak, Amba; Parsheera, Smriti; Rahman, Faiza. "An Analysis of Puttaswamy: The Supreme Court's Privacy Verdict". IndraStra Global. 003: 004. आईएसएसएन 2381-3652.
  11. "Supreme Court declares triple talaq unconstitutional". 22 अगस्त 2017.
  12. "Former CM Kalikho Pul's suicide note" (PDF). मूल से पुरालेखन की तिथि: 22 फ़रवरी 2017.
  13. "Padma Awards 2025: A complete list of winners with respective disciplines". Indian Express. 25 जनवरी 2025. अभिगमन तिथि: 28 मई 2025.
  14. "Padma Awards 2025 announced" (अंग्रेज़ी भाषा में). Press Information Bureau, Government of India. 25 जनवरी 2025. अभिगमन तिथि: 28 मई 2025.
  15. "Padma Awards 2025 Notification" (PDF) (अंग्रेज़ी भाषा में). Ministry of Home Affairs, Government of India. 25 जनवरी 2025. अभिगमन तिथि: 28 मई 2025.
न्यायिक कार्यालय
पूर्वाधिकारी
टी. एस. ठाकुर
भारत के मुख्य न्यायाधीश
4 जनवरी 2017 – 27 अगस्त 2017
उत्तराधिकारी
दीपक मिश्रा