जगदीश चंद्र महिंद्रा

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जगदीश चंद्र महिंद्रा
JC Mahindra 1.jpg
जन्म 1892
लुधियाना, पंजाब, भारत
मृत्यु 1951
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय महिंद्रा एंड महिंद्रा के सह-संस्थापक
बच्चे केशुब महिंद्रा

जगदीश चंद्र महिंद्रा, (ल. 1892-1951) आमतौर पर जे.सी. महिंद्रा के रूप में संदर्भित, एक भारतीय उद्योगपति और 1945 में स्थापित कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा के कैलाश चंद्र महिंद्रा और मलिक गुलाम मोहम्मद के साथ सह-संस्थापक थे।[1][2] वह महिंद्रा समूह के वर्तमान अध्यक्ष आनंद महिंद्रा के दादा हैं।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा[संपादित करें]

लुधियाना, पंजाब, भारत में जन्मे, वह नौ भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। कम उम्र में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया, जिससे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उनका शिक्षा की शक्ति पर दृढ़ता से विश्वास था और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उनके सभी भाई और बहन कड़ी मेहनत से पढ़ाई करें। उन्होंने अपने भाई के.सी. को कैम्ब्रिज पढ़ने के लिये भेज दिया था।

महिंद्रा ने भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में से एक, वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान (वीजेटीआई) मुंबई (मुंबई विश्वविद्यालय) से अपनी डिग्री प्राप्त की।

पेशा[संपादित करें]

महिंद्रा ने टाटा स्टील के साथ अपना पेशा 1929 से 1940 तक वरिष्ठ बिक्री प्रबंधक के रूप में शुरू किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब स्टील उद्योग महत्वपूर्ण हो गया, तो भारत सरकार ने उन्हें भारत का पहला स्टील नियंत्रक नियुक्त किया था।[3]

महिंद्रा एंड महिंद्रा[संपादित करें]

जब भारत की स्वतंत्रता को बड़े पैमाने पर बल मिला और भारत का स्वतंत्र होना सुनिश्चित हो गया था, जेसी उन अवसरों के बारे में सोचने लगे, जहाँ भारतीय उद्यमियों को एक नए राष्ट्र के विकास में योगदान देना होगा।

इसी पर आगे बढ़ते हुए जे.सी. महिंद्रा और के.सी. महिंद्रा, गुलाम मोहम्मद के साथ मिल गए और मुंबई में एक स्टील कंपनी के रूप में महिंद्रा एंड मोहम्मद की शुरुआत की।[3] दो साल बाद, भारत ने अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की, गुलाम मोहम्मद पाकिस्तान का पहला वित्त मंत्री बनने के लिए कंपनी छोड़ दी और पाकिस्तान चले गये, वही महिंद्रा भाइयों ने मुंबई में विलीज जीप का निर्माण शुरू कर दिया। जल्द ही, कंपनी का नाम बदलकर महिंद्रा एंड महिंद्रा कर दिया गया।[4]

मृत्यु[संपादित करें]

1951 में दिल का दौरा पड़ने से जे.सी. महिंद्रा की मृत्यु हो गई।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "ET Awards 2008-09: Lifetime Achievement Award- Keshub Mahindra". The Economic Times. 25 August 2009. मूल से 18 अक्तूबर 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 अक्तूबर 2019.
  2. Herdeck, p. 209
  3. "JC MAHINDRA". www.mahindra.com. mahindra.com. मूल से 12 अप्रैल 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 अक्टूबर 2019.
  4. नितिन ठाकुर (26 मार्च 2019). "'महिंद्रा एंड मोहम्मद' क्यों बनी थी 'महिंद्रा एंड महिंद्रा'? पढ़िए दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी का किस्सा". TV9 Bharatvarsh. अभिगमन तिथि 26 मार्च 2019.