जगत गोसाई
| जगत गोसाई उर्फ़ जोधा बेगम جگت گوسین | |||||
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| मुग़ल मलिका | |||||
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| जन्म | मई १३, १५१९ जोधपुर, हिन्दुस्तान | ||||
| निधन | अप्रैल १८, १६१९ | ||||
| समाधि | सोहागपुरा | ||||
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| घराना | भारत | ||||
| राजवंश | मुग़ल | ||||
| पिता | राजा उदयसिंह माता= महारानी मानववती सोतेली मां=महारानी हर्षिबती , महारानी पलकबती | ||||
| धर्म | हिन्दू | ||||
जगत गोसाई (नस्तालीक़: جگت گوسین, अन्य नाम: जोधाबाई, राजकुमारी मानवती बाईजी लाल सहिबा, राजकुमारी मनमती,) जोधपुर की मारवाड़ रियासत की राजकुमारी थी, जो मुग़ल बादशाह नूरूद्दीन मुहम्मद जहांगीर से शादी के बाद मलिका ए हिन्दुस्तान बनी। उनके गर्भ से मुगल सल्तनत के वलीअहद और अगले मुग़ल बादशाह शाहजहाँ पैदा हुए [1]
उनकी मृत्यु के बाद उन्हें बिलक़िस मकानी (بلقیس مکانی) के नाम से सम्मानित किया गया था।[2][3]
जीवनी
[संपादित करें]बिलक़िस मकानी बेगम का जन्म 13 मई 1573 को हुआ। वह जोधपुर के राजा उदय सिंह ("मोटा राजा उदयसिंह भी कहा जाता था) और उनकी पत्नी राजवती कचावाही रानी मंरंग देवी (रानी मानववती) की पुत्री थीं।[4] उनके दादा राव मालदेव थे। 21 जनवरी 1586 को फ़तेहपुर सीकरी में मुग़ल शहंशाह जहाँगीर से उनका विवाह करवाया गया। यह विवाह आमेर के राजा भगवंत दास की बेटी और जहाँगीर की पहली पत्नी, राजकुमारी मनभावती (शाह बेगम) के द्वारा आयोजित किया गया। बिलक़िस मकानी बेगम जहाँगीर की तीसरी पत्नी थी। मकानी बेगम शहज़ादा ख़ुर्रम की माँ थीं जो मुग़ल शहंशाह शाहजहां के रूप में मयूर सिंहासन पर आसीन हुआ। 18 अप्रैल 1619 को बिलक़िस मकानी बेगम का आगरा में निधन हो गया। उन्हें सोहागपुरा में दफ़नाया गया।[5]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Princess Manmati". मूल से से 12 नवंबर 2014 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 9 जुलाई 2012.
- ↑ Sharma, Sudha (2016). The Status of Muslim Women in Medieval India (अंग्रेज़ी भाषा में). SAGE Publications India. p. 144. ISBN 9789351505679.
- ↑ Lal, K.S. (1988). The Mughal harem. New Delhi: Aditya Prakashan. p. 149. ISBN 9788185179032.
- ↑ "ABOUT PRINCESS MANMATI". 29 अक्तूबर 2013 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 9 जुलाई 2012.
- ↑ "The Timurid Dynasty GENEALOGY". मूल से से 25 जून 2017 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 9 जुलाई 2012.
