जंगम

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जंगम पुजारियों का एक समूह , मोहाली , चंडीगढ़ में 17 मई को जाता हुआ

जंगम या जङ्गम हिन्दुओं के शैव सम्प्रदाय के पुजारी या गुरु हैं। वे वीरशैव सम्प्रदाय के भी गुरु हैं। बसव पुराणों मेम उन्हें शिव का शिष्य कहा गया है। किसी के घर जंगम के पधारने को शिव के पधारने जैसा ही माना जाता है।

वीरशैव सम्प्रदाय के जंगम भ्रमणशील होते हैं और उन्हें पवित्र माना जाता है। 'जंगम' शब्द 'जड़' का विलोम शब्द है और इसका अर्थ 'चलने-फिरने वाला' होता है। अतः ये 'चलित लिङ्ग' के सदृश माने जाते हैं और 'स्थिर लिङ्ग' की अपेक्षा श्रेष्ठतर माने जाते हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]